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सीबीआई ने अमेठी में ₹4 करोड़ के सरकारी फंड गबन मामले में 14 ठिकानों पर छापेमारी की

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सीबीआई ने अमेठी में ₹4 करोड़ के सरकारी फंड गबन मामले में 14 ठिकानों पर छापेमारी की

सारांश

सीबीआई ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के पाँच जिलों में 14 ठिकानों पर छापेमारी की — निशाने पर बेसिक शिक्षा विभाग के वे पाँच कर्मचारी हैं जिन पर ₹4 करोड़ की सरकारी धनराशि बैंक खातों में हस्तांतरित कर हड़पने का आरोप है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज यह मामला न्यायिक निगरानी में है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 17 जून को लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी में 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
मामला बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज, अमेठी से लगभग ₹4 करोड़ की सरकारी धनराशि के कथित गबन से जुड़ा है।
पाँच आरोपियों में तत्कालीन कनिष्ठ लेखा लिपिक, ब्लॉक समन्वयक, प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक शामिल हैं।
मुकदमा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के 25 मई के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया गया।
छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त; जांच जारी ।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार, 17 जून को उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी में 14 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग की लगभग ₹4 करोड़ की सरकारी धनराशि के कथित गबन से जुड़े मामले में की गई है। इस अभियान में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

सीबीआई ने यह मुकदमा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ द्वारा 25 मई को पारित आदेश के अनुपालन में दर्ज किया। मूल शिकायत प्राथमिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज, अमेठी के वित्त एवं लेखा अधिकारी ने दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर गौरीगंज पुलिस स्टेशन में पहले मामला दर्ज हुआ था। उच्च न्यायालय के निर्देश पर यह जांच अब सीबीआई को सौंपी गई — जो न्यायपालिका की इस मामले में सक्रिय निगरानी को दर्शाता है।

पाँच आरोपी, एक सुनियोजित साजिश

मामले में पाँच आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें शामिल हैं — तत्कालीन कनिष्ठ लेखा लिपिक (बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज, अमेठी), ब्लॉक गुणवत्ता समन्वयक, ब्लॉक एमआईएस समन्वयक, प्रधानाध्यापक (प्राथमिक विद्यालय, बेचूगढ़, जगदीशपुर, अमेठी) तथा सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय, पूरे शिवदास गुडुर, गौरीगंज, अमेठी)। यह मामला श्रवण कुमार द्विवेदी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य के रूप में दर्ज है।

आरोप: बैंक खातों में अवैध धन हस्तांतरण

आरोप है कि गौरीगंज स्थित प्राथमिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ लेखा क्लर्क के पद पर कार्यरत मुख्य आरोपी ने सह-आरोपियों और कथित तौर पर अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। इसके तहत सरकारी खजाने से विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से धन हस्तांतरित कर लगभग ₹4 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि का बेईमानी से गबन किया गया। गौरतलब है कि यह धनराशि मूलतः प्राथमिक शिक्षा के लिए आवंटित थी, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था सीधे प्रभावित हुई।

छापेमारी में क्या मिला

बुधवार को चलाए गए तलाशी अभियान में जांच दल ने कथित रूप से गबन की गई धनराशि के निवेश और उपयोग से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य सामग्री भी जब्त की गई है। सीबीआई के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

आगे क्या होगा

सीबीआई की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई यह जांच न्यायिक निगरानी में चल रही है, जिससे दोषियों पर कार्रवाई की संभावना और प्रबल हो जाती है। जब्त साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आरोपियों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाता है कि विभागीय लेखा-परीक्षण इतने लंबे समय तक इस हेरफेर को क्यों नहीं पकड़ पाया। जब तक वित्तीय निगरानी को वास्तविक समय के ऑडिट से नहीं जोड़ा जाता, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने अमेठी में किस मामले में छापेमारी की?
सीबीआई ने बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज, अमेठी से लगभग ₹4 करोड़ की सरकारी धनराशि के कथित गबन के मामले में 17 जून को यूपी के पाँच जिलों में 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के 25 मई के आदेश पर दर्ज मुकदमे के तहत की गई।
इस गबन मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
मामले में पाँच आरोपी हैं — तत्कालीन कनिष्ठ लेखा लिपिक (बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज), ब्लॉक गुणवत्ता समन्वयक, ब्लॉक एमआईएस समन्वयक, प्रधानाध्यापक (प्राथमिक विद्यालय, बेचूगढ़, जगदीशपुर) और सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय, पूरे शिवदास गुडुर, गौरीगंज)। इन पर सरकारी खजाने से बैंक खातों में अवैध धन हस्तांतरण का आरोप है।
सीबीआई को यह जांच कैसे मिली?
मूल शिकायत प्राथमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी ने गौरीगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 25 मई को आदेश पारित कर यह मामला सीबीआई को सौंपा, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मुकदमा दर्ज किया।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
तलाशी के दौरान कथित रूप से गबन की गई धनराशि के निवेश और उपयोग से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य सामग्री जब्त की गई है। सीबीआई ने बताया कि जांच अभी जारी है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
जब्त साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद सीबीआई आरोपियों से पूछताछ कर सकती है और गिरफ्तारी की भी संभावना है। चूँकि यह मामला न्यायिक निगरानी में है, इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भी जांच की प्रगति से अवगत कराया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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