21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट का 2026 में 101 मामले दर्ज, 158 तस्कर गिरफ्तार — 4 ड्रग लैब ध्वस्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट का 2026 में 101 मामले दर्ज, 158 तस्कर गिरफ्तार — 4 ड्रग लैब ध्वस्त

सारांश

सीबीएन की मध्य प्रदेश यूनिट ने 2026 में अगस्त तक ही 101 मामले दर्ज कर 158 तस्करों को गिरफ्तार किया — यह लगातार चौथा वर्ष है जब 100 केस का आँकड़ा पार हुआ। 4 ड्रग लैब ध्वस्त, 31,535 किलो पोस्ता भूसी और 85 किलो मेफेड्रोन जब्त। अभियान अब पूरी सप्लाई चेन पर प्रहार कर रहा है।

मुख्य बातें

सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट ने 2026 में अब तक 101 मामले दर्ज किए और 158 तस्करों को गिरफ्तार किया।
यह लगातार चौथा वर्ष है जब 100 केस का आँकड़ा पार हुआ — इस बार अगस्त में ही।
4 ड्रग निर्माण लैब (मुख्यतः मेफेड्रोन) और 1 नकली दवा लैब ध्वस्त की गईं — गया और पुणे तक कार्रवाई।
जब्त सामग्री में 31,535.634 किलोग्राम पोस्ता भूसी , 326.402 किलोग्राम अफीम , 85.249 किलोग्राम मेफेड्रोन और 1.419 किलोग्राम हेरोइन शामिल।
1 करोड़ से अधिक साइकोट्रॉपिक दवाओं के अवैध डायवर्जन और 1,736 वर्ग मीटर अवैध अफीम खेती पर भी कार्रवाई।
उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने कहा कि अभियान को और तीव्र किया जाएगा।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की मध्य प्रदेश यूनिट ने 2026 में अब तक 101 मामले दर्ज कर 158 तस्करों को गिरफ्तार किया है — और यह आँकड़ा अगस्त माह में ही 100 का आँकड़ा पार कर गया, जो लगातार चौथे वर्ष की उपलब्धि है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत इस बार कार्रवाई का दायरा केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ड्रग निर्माण लैब, अवैध भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क तक फैला रहा।

मुख्य घटनाक्रम

इस वर्ष की कार्रवाइयों में चार नशीली दवा निर्माण लैब ध्वस्त की गईं, जिनमें मुख्यतः मेफेड्रोन (MD) बनाई जाती थी। इसके अलावा एक नकली नशीली दवाएँ बनाने वाली लैब भी बंद कराई गई। छापेमारी गया (बिहार) और पुणे (महाराष्ट्र) तक फैली रही, जो दर्शाती है कि यह अभियान राज्य की सीमाओं से परे अखिल भारतीय स्वरूप ले चुका है।

1 करोड़ से अधिक साइकोट्रॉपिक दवाओं के अवैध डायवर्जन का भंडाफोड़ किया गया और अवैध गोदामों पर छापेमारी में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ व रसायन बरामद हुए।

जब्त सामग्री का विवरण

आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जब्त की गई सामग्री में शामिल हैं:

326.402 किलोग्राम अफीम, 31,535.634 किलोग्राम पोस्ता भूसी (डोडाचूरा), 223.700 किलोग्राम गांजा, 1.419 किलोग्राम हेरोइन और 85.249 किलोग्राम मेफेड्रोन। इसके अतिरिक्त मेफेड्रोन निर्माण में प्रयुक्त 214.06 किलोग्राम 2-ब्रोमो-4'-मिथाइलप्रोपियोफेनोन और 861.320 किलोग्राम अन्य रासायनिक अग्रदूत भी ज़ब्त किए गए। 1,736 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली अवैध अफीम की खेती को भी नष्ट किया गया।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने बताया, 'नशामुक्त भारत अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने पूरे वर्ष निरंतर काम करते हुए 101 मामले दर्ज किए हैं। लगातार चौथे वर्ष हमने 100 केस का आँकड़ा पार किया है और इस बार यह आँकड़ा अगस्त में ही पार कर लिया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमने इस साल 4 लैब भी ध्वस्त की हैं, जो मुख्यतः MD बनाने के काम में आती थीं। इसके अलावा एक लैब नकली नशीली दवाइयाँ बनाने के काम में आती थी। ये कार्रवाइयाँ पूरे भारत भर में फैली रही हैं — गया में भी लैब ध्वस्त की, पुणे में भी।'

अवैध अफीम की स्थिति पर गांधी ने कहा, 'हमारा क्षेत्र अफीम उत्पादक रीजन है, लेकिन सरकार के नियंत्रण बढ़ने से पुराने वर्षों की तुलना में अवैध अफीम के मामलों में काफी गिरावट आई है। फिर भी उत्तर-पूर्व और झारखंड से आने वाली अफीम व डोडाचूरा की कुछ खेप पकड़ी गई हैं।'

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश का नीमच-मंदसौर क्षेत्र परंपरागत रूप से वैध अफीम खेती का केंद्र रहा है, जहाँ अवैध डायवर्जन एक पुरानी चुनौती है। गौरतलब है कि सीबीएन की यह कार्रवाई केवल 'डिमांड रिडक्शन' तक सीमित न रहकर पूरी सप्लाई चेन — उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और वितरण — पर प्रहार करने की रणनीति पर आधारित है।

क्या होगा आगे

उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने संकेत दिया कि अभियान को और तीव्र किया जाएगा। वर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और मामलों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। सीबीएन का जोर अब संगठित नेटवर्क की वित्तीय जड़ों तक पहुँचने और अंतरराज्यीय समन्वय को मज़बूत करने पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुँच रही हैं या केवल निचले स्तर के वाहकों तक। 31,535 किलोग्राम पोस्ता भूसी की जब्ती बड़ी दिखती है, पर नीमच-मंदसौर जैसे वैध अफीम उत्पादक क्षेत्र में अवैध डायवर्जन की जड़ें गहरी हैं। चार लैब ध्वस्त करना उत्साहजनक है, लेकिन मेफेड्रोन की माँग और उसके रासायनिक अग्रदूतों की उपलब्धता जब तक नहीं रुकती, नई लैब उभरती रहेंगी। अभियान की दीर्घकालिक सफलता आपूर्ति-श्रृंखला तोड़ने के साथ-साथ माँग में कमी और पुनर्वास कार्यक्रमों पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट ने 2026 में कितने मामले दर्ज किए और कितनी गिरफ्तारियाँ हुईं?
सीबीएन मध्य प्रदेश यूनिट ने 2026 में अब तक 101 मामले दर्ज किए और 158 तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह आँकड़ा अगस्त माह में ही पार हो गया, जो लगातार चौथे वर्ष की उपलब्धि है।
सीबीएन ने 2026 में कौन-कौन सी ड्रग लैब ध्वस्त कीं?
सीबीएन ने 2026 में कुल 4 नशीली दवा निर्माण लैब ध्वस्त कीं, जो मुख्यतः मेफेड्रोन (MD) बनाने के काम आती थीं। इसके अलावा एक नकली नशीली दवाएँ बनाने वाली लैब भी बंद कराई गई। ये कार्रवाइयाँ गया (बिहार) और पुणे (महाराष्ट्र) तक फैली रहीं।
2026 में सीबीएन ने कितनी और कौन-सी नशीली सामग्री जब्त की?
जब्त सामग्री में 326.402 किलोग्राम अफीम, 31,535.634 किलोग्राम पोस्ता भूसी, 223.700 किलोग्राम गांजा, 1.419 किलोग्राम हेरोइन और 85.249 किलोग्राम मेफेड्रोन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मेफेड्रोन निर्माण में प्रयुक्त 214.06 किलोग्राम 2-ब्रोमो-4'-मिथाइलप्रोपियोफेनोन और 861.320 किलोग्राम अन्य रासायनिक अग्रदूत भी ज़ब्त किए गए।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सीबीएन की रणनीति क्या है?
सीबीएन की रणनीति अब केवल नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी सप्लाई चेन — उत्पादन, प्रसंस्करण, अवैध डायवर्जन, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क — पर एक साथ प्रहार करने की है। इसी के तहत 1 करोड़ से अधिक साइकोट्रॉपिक दवाओं के अवैध डायवर्जन का भी भंडाफोड़ किया गया।
मध्य प्रदेश में अवैध अफीम की स्थिति क्या है?
उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी के अनुसार, सरकारी नियंत्रण बढ़ने से पुराने वर्षों की तुलना में अवैध अफीम के मामलों में काफी गिरावट आई है। हालाँकि उत्तर-पूर्व और झारखंड से आने वाली अफीम व डोडाचूरा की खेपें अभी भी पकड़ी जा रही हैं, और 1,736 वर्ग मीटर अवैध अफीम की खेती को भी नष्ट किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले