20 अगस्त 2026
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गांधीनगर कोर्ट का फैसला: मेफेड्रोन तस्करी में शाहिदा बीबी को 20 साल, राधेश्याम सोलंकी को 10 साल की सजा

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गांधीनगर कोर्ट का फैसला: मेफेड्रोन तस्करी में शाहिदा बीबी को 20 साल, राधेश्याम सोलंकी को 10 साल की सजा

सारांश

गांधीनगर की अदालत ने मध्य प्रदेश से गुजरात तक 198.90 ग्राम मेफेड्रोन तस्करी के मामले में दो दोषियों को कड़ी सजा सुनाई — शाहिदा बीबी को 20 साल और राधेश्याम सोलंकी को 10 साल। NCB की जाँच ने एक अंतर्राज्यीय नशा नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

मुख्य बातें

गांधीनगर जिला एवं सत्र अदालत ने 20 अगस्त 2026 को मेफेड्रोन तस्करी मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया।
शाहिदा बीबी को 20 साल कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माना; राधेश्याम सोलंकी को 10 साल कारावास और ₹1 लाख जुर्माना।
21 फरवरी 2023 को एनएच-48 पर बस से 198.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ था।
बस मध्य प्रदेश के जावरा-मंदसौर से अहमदाबाद आ रही थी — यह एक अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था।
मामले की जाँच NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने की; आरोप पत्र 17 अगस्त 2023 को दाखिल हुआ।

गांधीनगर की जिला और सत्र अदालत ने 20 अगस्त 2026 को अंतर्राज्यीय मेफेड्रोन तस्करी मामले में शाहिदा बीबी उर्फ सईदा बी और राधेश्याम सोलंकी को दोषी ठहराया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोनल यूनिट द्वारा जाँचे गए इस मामले में दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मुकदमा चला था।

मामले का घटनाक्रम

NCB को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से गुजरात में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। इस जानकारी के आधार पर NCB अधिकारियों ने 21 फरवरी 2023 को गांधीनगर में एनएच-48 पर स्थित चंद्राला पुलिस नाका पर अशोक ट्रेवल्स की एक बस को रोका। यह बस मध्य प्रदेश के जावरा-मंदसौर से अहमदाबाद की ओर आ रही थी।

तलाशी के दौरान बस में सवार शाहिदा बीबी और राधेश्याम सोलंकी के कब्जे से 198.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ। मेफेड्रोन एक प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जिसकी बिक्री और परिवहन NDPS अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

जाँच में क्या सामने आया

NCB की जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपी राज्य की सीमा पार कर व्यावसायिक मात्रा में नशे को अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे। एजेंसी के अनुसार, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सुजालपुर निवासी शाहिदा बीबी अहमदाबाद में मेफेड्रोन की अवैध तस्करी और वितरण में सक्रिय रूप से शामिल थी। वहीं, रतलाम जिले के जावरा निवासी राधेश्याम सोलंकी बस चालक के रूप में जावरा से अहमदाबाद तक नशा पहुँचाने का काम करता था।

NCB ने 17 अगस्त 2023 को जिला और सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 19 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 20 अगस्त को फैसला सुनाया।

अदालत का फैसला और सजा

शाहिदा बीबी को 20 साल के कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई। राधेश्याम सोलंकी को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख जुर्माने की सजा दी गई। यह फैसला एक विस्तृत ट्रायल प्रक्रिया के बाद आया है।

NCB की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ

NCB अधिकारियों ने इस फैसले को गुजरात में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया। एजेंसी के अनुसार यह मामला सड़क मार्ग से मेफेड्रोन को मध्य प्रदेश से गुजरात लाने वाले अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करता है। गौरतलब है कि पश्चिमी भारत में मेफेड्रोन — जिसे स्थानीय स्तर पर 'मेओ' या 'MD' भी कहा जाता है — की तस्करी पिछले कुछ वर्षों में NCB की प्राथमिकता सूची में रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में नशा-रोधी अभियान तेज किए जा रहे हैं।

आगे देखें तो इस फैसले से अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की संभावना बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बस चालक और एक महिला वाहक की गिरफ्तारी से उस नेटवर्क की जड़ें खुदी हैं जो मध्य प्रदेश से गुजरात तक 'MD' की आपूर्ति करता है। मेफेड्रोन की तस्करी में अक्सर निचले स्तर के वाहकों को पकड़ा जाता है जबकि आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष संचालक बचे रहते हैं। कड़ी सजा एक निवारक संकेत ज़रूर देती है, पर जब तक नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुँच नहीं होती, तब तक इस तरह के मामले तस्करी की बड़ी तस्वीर को बदलने में सीमित रहते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर मेफेड्रोन तस्करी मामला क्या है?
यह मामला 21 फरवरी 2023 को गांधीनगर के एनएच-48 पर NCB द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें मध्य प्रदेश से अहमदाबाद आ रही एक बस से 198.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ था। दो आरोपियों — शाहिदा बीबी और राधेश्याम सोलंकी — पर NDPS अधिनियम के तहत मुकदमा चला और 20 अगस्त 2026 को कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराया।
दोनों दोषियों को क्या सजा मिली?
शाहिदा बीबी को 20 साल का कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माना तथा राधेश्याम सोलंकी को 10 साल का कठोर कारावास और ₹1 लाख जुर्माना सुनाया गया। यह सजा गांधीनगर जिला एवं सत्र अदालत ने एक विस्तृत ट्रायल के बाद दी।
मेफेड्रोन क्या है और यह प्रतिबंधित क्यों है?
मेफेड्रोन एक सिंथेटिक साइकोट्रॉपिक पदार्थ है जिसे भारत में NDPS अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसका सेवन गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान पहुँचाता है, और इसकी तस्करी व बिक्री दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।
इस मामले की जाँच किसने की और आरोप पत्र कब दाखिल हुआ?
मामले की जाँच NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने की। एजेंसी ने 17 अगस्त 2023 को गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया और 19 अगस्त को सुनवाई के बाद 20 अगस्त को फैसला आया।
यह मामला अंतर्राज्यीय नशा तस्करी से कैसे जुड़ा है?
NCB की जाँच में सामने आया कि शाहिदा बीबी और राधेश्याम सोलंकी एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे जो मध्य प्रदेश के जावरा-मंदसौर से गुजरात के अहमदाबाद तक सड़क मार्ग से मेफेड्रोन पहुँचाता था। एजेंसी ने इसे एक व्यापक अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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