गांधीनगर कोर्ट का फैसला: मेफेड्रोन तस्करी में शाहिदा बीबी को 20 साल, राधेश्याम सोलंकी को 10 साल की सजा
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर की जिला और सत्र अदालत ने 20 अगस्त 2026 को अंतर्राज्यीय मेफेड्रोन तस्करी मामले में शाहिदा बीबी उर्फ सईदा बी और राधेश्याम सोलंकी को दोषी ठहराया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोनल यूनिट द्वारा जाँचे गए इस मामले में दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मुकदमा चला था।
मामले का घटनाक्रम
NCB को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से गुजरात में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। इस जानकारी के आधार पर NCB अधिकारियों ने 21 फरवरी 2023 को गांधीनगर में एनएच-48 पर स्थित चंद्राला पुलिस नाका पर अशोक ट्रेवल्स की एक बस को रोका। यह बस मध्य प्रदेश के जावरा-मंदसौर से अहमदाबाद की ओर आ रही थी।
तलाशी के दौरान बस में सवार शाहिदा बीबी और राधेश्याम सोलंकी के कब्जे से 198.90 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ। मेफेड्रोन एक प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जिसकी बिक्री और परिवहन NDPS अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
जाँच में क्या सामने आया
NCB की जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपी राज्य की सीमा पार कर व्यावसायिक मात्रा में नशे को अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे। एजेंसी के अनुसार, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सुजालपुर निवासी शाहिदा बीबी अहमदाबाद में मेफेड्रोन की अवैध तस्करी और वितरण में सक्रिय रूप से शामिल थी। वहीं, रतलाम जिले के जावरा निवासी राधेश्याम सोलंकी बस चालक के रूप में जावरा से अहमदाबाद तक नशा पहुँचाने का काम करता था।
NCB ने 17 अगस्त 2023 को जिला और सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 19 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 20 अगस्त को फैसला सुनाया।
अदालत का फैसला और सजा
शाहिदा बीबी को 20 साल के कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई। राधेश्याम सोलंकी को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख जुर्माने की सजा दी गई। यह फैसला एक विस्तृत ट्रायल प्रक्रिया के बाद आया है।
NCB की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ
NCB अधिकारियों ने इस फैसले को गुजरात में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया। एजेंसी के अनुसार यह मामला सड़क मार्ग से मेफेड्रोन को मध्य प्रदेश से गुजरात लाने वाले अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करता है। गौरतलब है कि पश्चिमी भारत में मेफेड्रोन — जिसे स्थानीय स्तर पर 'मेओ' या 'MD' भी कहा जाता है — की तस्करी पिछले कुछ वर्षों में NCB की प्राथमिकता सूची में रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में नशा-रोधी अभियान तेज किए जा रहे हैं।
आगे देखें तो इस फैसले से अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की संभावना बढ़ती है।