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चक्रवात 'अर्नब' से नुकसान का आकलन: केंद्रीय दल का आंध्र प्रदेश में दो दिवसीय दौरा 1 नवंबर से

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चक्रवात 'अर्नब' से नुकसान का आकलन: केंद्रीय दल का आंध्र प्रदेश में दो दिवसीय दौरा 1 नवंबर से

सारांश

चक्रवात 'अर्नब' की तबाही के बाद केंद्र सरकार की 7 सदस्यीय टीम 1-2 नवंबर को आंध्र प्रदेश के 4 जिलों का दौरा करेगी। साथ ही एक अलग 10 सदस्यीय दल 2-3 नवंबर को 388 सूखा प्रभावित मंडलों का जायजा लेगा — राज्य एक साथ दो प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव चित्तरंजन दास के नेतृत्व में 7 सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी टीम 1-2 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश का दौरा करेगी।
टीम कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान का आकलन करेगी।
केंद्रीय दल के सोमवार शाम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मिलने की संभावना है।
एक अलग 10 सदस्यीय केंद्रीय दल 2-3 नवंबर को खरीफ 2026 सूखे का आकलन करने के लिए श्री सत्य साई, अनंतपुर, कुरनूल और नंदयाल जिले जाएगा।
कृषि मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार आंध्र प्रदेश में 283 मंडल गंभीर और 105 मंडल मध्यम सूखा प्रभावित घोषित किए जा चुके हैं।

केंद्र सरकार की एक सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी टीम चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में हुई तबाही का जायजा लेने के लिए 1 और 2 नवंबर 2026 को राज्य का दौरा करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव चित्तरंजन दास के नेतृत्व में यह दल चक्रवात प्रभावित जिलों में जमीनी नुकसान का सीधे आकलन करेगा।

कौन-से जिलों का होगा निरीक्षण

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय दल कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों का दौरा करेगा। 1 नवंबर को टीम-1 कोनसीमा और टीम-2 पूर्वी गोदावरी का निरीक्षण करेगी। 2 नवंबर को टीम-1 काकीनाडा और टीम-2 पश्चिमी गोदावरी में जाकर प्रभावित नागरिकों से सीधे बातचीत करेगी।

दौरे का क्रम और ब्रीफिंग व्यवस्था

1 नवंबर को दौरे की शुरुआत रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (आरटीजीएस) केंद्र में होगी, जहाँ वरिष्ठ अधिकारी टीम को चक्रवात के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों और हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी देंगे। इसके बाद दल दो समूहों में विभाजित होगा — पहले समूह का नेतृत्व आरटीजीएस के सीईओ और एपीएसडीएमए के एमडी प्रखर जैन करेंगे, जबकि दूसरे समूह के साथ माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक चक्रधरा बाबू रहेंगे।

केंद्रीय दल के सोमवार शाम मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करने की संभावना है, जहाँ नुकसान के आकलन की प्रारंभिक रिपोर्ट साझा की जाएगी।

केंद्रीय दल की संरचना

इस सात सदस्यीय दल में कई मंत्रालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एडीसी प्रशांत आर्मोरिकर, जल शक्ति मंत्रालय (सीडब्ल्यूसी) की अधीक्षण अभियंता रेखारानी कोल्लू, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सहायक निदेशक हिमालय गर्ग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार सिंह, ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप सचिव आलोक जौहर, बिजली मंत्रालय के उप निदेशक प्रणय गर्ग तथा इसरो के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र (एनआरएससी) के वैज्ञानिक डॉ. एस.वी.एस.पी. शर्मा इस दल में शामिल हैं।

सूखे का आकलन करने के लिए अलग केंद्रीय दल भी आएगा

गौरतलब है कि इसी दौरान एक अन्य केंद्रीय दल 2026 खरीफ सीजन में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश का दौरा करेगा। यह दल श्री सत्य साई, अनंतपुर, कुरनूल और नंदयाल जिलों का निरीक्षण करेगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोतमारे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों से सीधे बातचीत करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की सूखा मैनुअल गाइडलाइन के अनुसार खरीफ 2026 सीजन में 283 मंडलों को गंभीर सूखा प्रभावित तथा 105 मंडलों को मध्यम सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है। इस सूखा आकलन दल के 4 नवंबर को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करने की संभावना है।

आगे क्या होगा

दोनों केंद्रीय दलों की रिपोर्ट के आधार पर राज्य को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश एक साथ दो प्राकृतिक आपदाओं — चक्रवात और सूखे — की दोहरी मार झेल रहा है, जिससे राज्य के तटीय और दक्षिणी जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि आकलन रिपोर्ट से वास्तविक धन हस्तांतरण तक कितना समय लगेगा — इतिहास बताता है कि यह प्रक्रिया अक्सर सप्ताहों नहीं, महीनों तक खिंच जाती है। तटीय जिलों में चक्रवात और दक्षिणी जिलों में सूखे की एकसाथ मौजूदगी इस बात का संकेत है कि जलवायु अनिश्चितता आंध्र के लिए नई 'नॉर्मल' बन रही है, जिसके लिए नीति-स्तरीय दीर्घकालिक योजना की ज़रूरत है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र प्रदेश में कौन-से जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं?
चक्रवात अर्नब से कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिले सर्वाधिक प्रभावित बताए गए हैं। केंद्रीय दल इन्हीं चारों जिलों का सीधे दौरा करके जमीनी नुकसान का आकलन करेगा।
केंद्रीय दल का आंध्र प्रदेश दौरा कब और कितने दिन का होगा?
केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम 1 और 2 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश में रहेगी। यह दो दिवसीय दौरा केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव चित्तरंजन दास के नेतृत्व में होगा।
केंद्रीय दल के दौरे से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
इस दौरे की रिपोर्ट के आधार पर राज्य को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से वित्तीय सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। केंद्रीय दल की सिफारिश के बिना यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।
आंध्र प्रदेश में खरीफ 2026 सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है?
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की सूखा मैनुअल गाइडलाइन के अनुसार खरीफ 2026 में 283 मंडलों को गंभीर सूखा प्रभावित और 105 मंडलों को मध्यम सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। सूखे का आकलन करने के लिए एक अलग 10 सदस्यीय केंद्रीय दल 2-3 नवंबर को राज्य का दौरा करेगा।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय दल से कब मिलेंगे?
चक्रवात आकलन टीम के सोमवार शाम मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करने की संभावना है। सूखा आकलन दल के 4 नवंबर को नायडू से मिलने का कार्यक्रम संभावित है।
राष्ट्र प्रेस
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