11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केंद्र ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण के लिए 5 राज्यों में 1,789 करोड़ रुपये जारी किए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केंद्र ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण के लिए 5 राज्यों में 1,789 करोड़ रुपये जारी किए

सारांश

केंद्र सरकार ने 5 राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए 1,789 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। जानें किस राज्य को कितनी राशि मिली और इसका उद्देश्य क्या है।

मुख्य बातें

1,789 करोड़ रुपए की राशि 5 राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए जारी की गई।
बिना शर्त अनुदान का उद्देश्य स्थानीय शासन को मजबूत करना है।
छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र को लाभ होगा।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसने पांच राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत 1,789 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है।

केंद्र ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए 'अनटाइड ग्रांट' (बिना शर्त अनुदान) जारी किया है। इस जारी राशि में विभिन्न वित्तीय वर्षों से संबंधित आवंटनों को शामिल किया गया है, और इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय शासन को और अधिक सशक्त बनाना है।

छत्तीसगढ़ के लिए सभी 33 पात्र जिला पंचायतों (डीपी), 146 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 11,693 ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए 232.60 करोड़ रुपए की 'अनटाइड ग्रांट' की दूसरी किस्त जारी की गई है। इसके अतिरिक्त, पहली किस्त की रोकी गई राशि में से 8.0238 करोड़ रुपए 1 डीपी, 8 बीपी और 350 जीपी को जारी किए गए हैं।

पंचायती राज मंत्रालय ने सूचित किया कि इसी तरह, गुजरात को दूसरी किस्त के रूप में 509.2177 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसमें 33 डीपी, 247 बीपी और 14,563 जीपी शामिल हैं। इसके साथ ही, रोकी गई राशि में से 14.64 लाख रुपए 2 अतिरिक्त जीपी को जारी किए गए हैं।

मध्य प्रदेश के लिए, 51 डीपी, 296 बीपी और 22,914 जीपी के लिए 'अनटाइड ग्रांट' की पहली किस्त के तौर पर 630.6454 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2023-24 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में 104.6556 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं, जो 21 अतिरिक्त पात्र डीपी, 106 बीपी और 834 जीपी के लिए हैं।

वहीं, तेलंगाना में 12,702 जीपी को कवर करते हुए, दूसरी किस्त (वित्त वर्ष 2024-25 के लिए) के तहत 256.2101 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2022-23 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में 151.1856 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिससे 12 डीपी, 125 बीपी और 324 जीपी को लाभ होगा।

आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है और इन्हें एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है। अनटाइड अनुदानों का उपयोग आरएलबी द्वारा स्थान-विशेष की महसूस की गई जरूरतों के लिए किया जाएगा, सिवाय वेतन और अन्य स्थापना लागतों के।

टाइड अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है; इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, मानव मल और फेकल स्लज का प्रबंधन और पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण विकास में भी योगदान होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र ने किस वित्त आयोग के तहत यह राशि जारी की है?
केंद्र ने 15वें वित्त आयोग के तहत यह राशि जारी की है।
कौन से राज्य इस अनुदान का लाभ उठा रहे हैं?
छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र इस अनुदान का लाभ उठा रहे हैं।
अनटाइड ग्रांट का उपयोग किस लिए किया जाएगा?
अनटाइड ग्रांट का उपयोग स्थान-विशेष की महसूस की गई जरूरतों के लिए किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले