चरण पादुका योजना छत्तीसगढ़ में फिर से शुरू: सीएम विष्णुदेव साय का ऐलान, हर साल होगी लागू
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 2 जुलाई 2026 को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान घोषणा की कि राज्य सरकार ने 'चरण पादुका योजना' को पुनः बहाल कर दिया है, जिसे पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूरी तरह बंद कर दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह योजना प्रतिवर्ष नियमित रूप से लागू की जाएगी।
चरण पादुका योजना: क्या है और क्यों हुई थी बंद
सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया और पाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस जनकल्याणकारी योजना को बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दिया था। वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद इसे पुनर्जीवित किया गया है। गौरतलब है कि चरण पादुका योजना वनवासी एवं श्रमिक वर्ग को जूते-चप्पल उपलब्ध कराने से जुड़ी कल्याणकारी पहल रही है।
मानसून और किसानों की तैयारी
मानसून की स्थिति पर सीएम साय ने कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दिए हैं कि अल-नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष मॉनसून थोड़ा कमज़ोर रह सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसानों के साथ मज़बूती से खड़ी है और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को इस स्थिति के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे उसी के अनुसार खेती की योजना बना सकें।
एआई मिशन और डिजिटल छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के बजट में पाँच प्रमुख मिशन शुरू किए गए हैं, जिनमें से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन है। उन्होंने कहा कि सरकार यह पता लगाने पर काम कर रही है कि एआई हर सेक्टर और हर विभाग में किस प्रकार योगदान दे सकता है। साय ने यह भी घोषणा की कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शीघ्र ही एक राज्य एआई नीति लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप-2026: युवाओं को ₹50,000 मासिक
मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप-2026 के तहत चयनित युवाओं को एआई और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं शासन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इस फेलोशिप के अंतर्गत चयनित फेलोज को प्रतिमाह ₹50,000 की राशि प्रदान की जाएगी। सीएम साय ने कहा कि यही युवा शक्ति विकसित छत्तीसगढ़ की डिजिटल पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
आगे की राह
चरण पादुका योजना की वार्षिक बहाली, एआई नीति का आगामी क्रियान्वयन और आईटी फेलोशिप कार्यक्रम — ये तीनों मिलकर राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जो एक ओर वंचित वर्गों के कल्याण और दूसरी ओर तकनीकी विकास को एक साथ साधने का प्रयास करती है। नीति के विस्तृत दिशानिर्देश और एआई मिशन की कार्ययोजना शीघ्र सार्वजनिक होने की उम्मीद है।