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'छात्रों की गूंज' में ₹लाखों खर्च, तीन महीने की तैयारी, फिर भी सिर्फ 5,000 की भीड़ — राजभर का कांग्रेस पर तंज

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'छात्रों की गूंज' में ₹लाखों खर्च, तीन महीने की तैयारी, फिर भी सिर्फ 5,000 की भीड़ — राजभर का कांग्रेस पर तंज

सारांश

तीन महीने की तैयारी, 23 जिलों से जुटान और लाखों का खर्च — फिर भी प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' में महज 5,000 लोग। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की असली जमीनी हकीकत बताया और पार्टी के युवा-केंद्रित एजेंडे को सीधी चुनौती दी।

मुख्य बातें

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज की 'छात्रों की गूंज' रैली पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राजभर के अनुसार, तीन महीने की तैयारी, 23 जिलों से जुटान और 3 लाख रजिस्ट्रेशन के दावों के बावजूद केवल 5,000 लोग पहुँचे।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 5 लाख युवाओं को लाभ का लक्ष्य; अब तक 2 लाख से अधिक लाभान्वित।
राजभर ने दावा किया कि योगी सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ बिना भ्रष्टाचार के दीं।
राजभर ने सपा के पिछले शासनकाल में पेपर लीक और नकल की शिकायतों का हवाला देकर राहुल गांधी की आलोचना को खारिज किया।

योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 8 अगस्त 2026 को अंबेडकर नगर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर कड़ा हमला बोला। राजभर के अनुसार, तीन महीने की तैयारी, 23 जिलों से लोगों को जुटाने के प्रयास और तीन लाख रजिस्ट्रेशन के दावों के बावजूद कार्यक्रम में महज पाँच हजार लोग ही पहुँचे — जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जमीनी हकीकत का आईना बताया।

रैली की तैयारी और भीड़ पर सवाल

राजभर ने दावा किया कि प्रयागराज की इस रैली की तैयारियाँ करीब तीन महीने पहले से शुरू हो गई थीं। पंडाल, होर्डिंग और पोस्टरों पर लाखों रुपये खर्च किए गए और 23 जिलों से समर्थकों को बुलाने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि करीब तीन लाख लोगों के रजिस्ट्रेशन की बात कही जा रही थी, लेकिन मौके पर पाँच हजार के आसपास भीड़ ही नजर आई।

राजभर ने कहा, राहुल गांधी को इस कार्यक्रम से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की वास्तविक राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लगा लेना चाहिए।

युवा नीति पर योगी सरकार का बचाव

राजभर ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत उत्तर प्रदेश में युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया जा रहा है। उनके अनुसार, इस योजना का लक्ष्य पाँच लाख युवाओं को लाभ पहुँचाना है और अब तक दो लाख से अधिक युवा इसका फायदा उठा चुके हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सलाह दी कि किसी भी मुद्दे पर बयान देने से पहले वे उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं और मौजूदा व्यवस्था की जानकारी लें।

पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर पलटवार

पेपर लीक के आरोपों पर राजभर ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बिकते थे, कुछ अभ्यर्थी खेतों में बैठकर उत्तर लिखते थे और कुछ पेपर घर ले जाकर हल करते थे। उनके अनुसार, दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश आते थे और नकल के लिए पैसे लिए जाने की शिकायतें आम थीं।

राजभर ने कहा कि राहुल गांधी को परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अपने सहयोगी दलों के शासनकाल की स्थिति की जाँच करनी चाहिए।

सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का दावा

राजभर ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और इन नियुक्तियों में पैसे के लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं रखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकारों के दौर में योग्य उम्मीदवारों की जगह पैसे के बल पर अयोग्य लोगों को नौकरियाँ मिलती थीं।

कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर तंज

राजभर ने कांग्रेस के संगठनात्मक दावों पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी बड़ी संख्या में सीटें जीतने के दावे करते थे, लेकिन प्रयागराज की रैली में दिखी भीड़ पार्टी की जमीनी हकीकत बयान करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस को यह भी सोचना पड़ सकता है कि सहयोगी दलों को 20-20 सीटें देना संभव है या नहीं। यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन की आंतरिक स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कांग्रेस की असली परीक्षा रैलियों में नहीं, बल्कि बूथ-स्तरीय संगठन में होगी। दूसरी ओर, राजभर का 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' का दावा सत्यापन माँगता है — 2 लाख लाभार्थियों के आँकड़े स्वतंत्र स्रोतों से अभी पुष्ट नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को साधने की यह लड़ाई तेज होगी, और 'छात्रों की गूंज' बनाम 'उद्यमी योजना' इसी की एक झलक है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या था?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रयागराज में आयोजित एक युवा-केंद्रित कार्यक्रम था, जिसमें छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। कार्यक्रम के लिए 23 जिलों से लोगों को बुलाने और 3 लाख रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया था।
ओम प्रकाश राजभर ने रैली की भीड़ पर क्या कहा?
राजभर ने दावा किया कि तीन महीने की तैयारी और लाखों रुपये के खर्च के बावजूद कार्यक्रम में केवल करीब 5,000 लोग पहुँचे। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमजोर जमीनी स्थिति का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना क्या है और इससे कितने युवाओं को लाभ मिला है?
राजभर के अनुसार, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया जाता है। योजना का लक्ष्य 5 लाख युवाओं को लाभ पहुँचाना है और 2 लाख से अधिक युवा अब तक इसका फायदा उठा चुके हैं।
राजभर ने पेपर लीक के मुद्दे पर राहुल गांधी को क्या जवाब दिया?
राजभर ने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में परीक्षाओं के पेपर बिकते थे और नकल आम बात थी। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे पेपर लीक पर सवाल उठाने से पहले अपने सहयोगी दलों के शासनकाल की जाँच करें।
राजभर ने उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर क्या दावा किया?
राजभर ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ पारदर्शी तरीके से दी हैं, जिनमें पैसे के लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं थी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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