क्या चुनाव आयोग ने बीएलओ की सैलरी दोगुनी की और ईआरओ तथा एईआरओ को भी मिलेगा मानदेय?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या चुनाव आयोग ने बीएलओ की सैलरी दोगुनी की और ईआरओ तथा एईआरओ को भी मिलेगा मानदेय?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स की सैलरी को दोगुना किया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद है। जानें इस महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में और कैसे यह जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

मुख्य बातें

बीएलओ की सैलरी दोगुनी हुई।
बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी में भी वृद्धि हुई।
ईआरओ और एईआरओ को मानदेय देने की घोषणा।
निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार के लिए आयोग का कदम।
जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक मदद।

नई दिल्ली, 29 नवंबर, (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजर्स और अन्य चुनावी अधिकारियों के लिए सैलरी और मानदेय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

आयोग ने यह घोषणा की है कि बीएलओ की सैलरी अब दोगुनी कर दी गई है। इसके साथ ही, बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी और इंसेंटिव में भी बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय चुनाव प्रणाली को मजबूती प्रदान करने और फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं और इन्हें तैयार करने के लिए एक बड़ी मशीनरी कार्य करती है। इसमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स, असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स, बीएलओ सुपरवाइजर्स और बीएलओ शामिल होते हैं, जो निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करते हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, बीएलओ की सैलरी पहले 6,000 रुपए थी, जो अब बढ़ाकर 12,000 रुपए कर दी गई है। वहीं, इलेक्टोरल रोल में बदलाव के लिए बीएलओ को मिलने वाला इंसेंटिव 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है।

बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी 12,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गई है। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि पहली बार एईआरओ और ईआरओ को भी मानदेय दिया जाएगा, जिसमें ईआरओ को 30,000 रुपए और एईआरओ को 25,000 रुपए दिए जाएंगे।

इसके अलावा, आयोग ने बिहार से शुरू होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत बीएलओ के लिए 6,000 रुपए के स्पेशल इंसेंटिव को भी मंजूरी दी है।

चुनाव आयोग का यह कदम जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों को उचित सम्मान और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा। इससे उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर्स को निर्देशानुसार मानदेय सालाना मिलना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कर्मचारियों की मेहनत को भी उचित मान्यता देगा। यह कदम दर्शाता है कि आयोग अपने कर्मचारियों के प्रति संजीदा है और उनकी मेहनत का सम्मान करता है। ऐसे कदम लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएलओ की सैलरी कितनी बढ़ी है?
बीएलओ की सैलरी पहले 6,000 रुपए थी, जो अब 12,000 रुपए कर दी गई है।
बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी में क्या बदलाव हुआ है?
बीएलओ सुपरवाइजर्स की सैलरी 12,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गई है।
एईआरओ और ईआरओ को कितना मानदेय मिलेगा?
ईआरओ को 30,000 रुपए और एईआरओ को 25,000 रुपए मानदेय मिलेगा।
इस निर्णय का उद्देश्य क्या है?
इस निर्णय का उद्देश्य चुनाव प्रणाली को मजबूत करना और कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान करना है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत बीएलओ को क्या लाभ होगा?
बीएलओ को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत 6,000 रुपए का स्पेशल इंसेंटिव मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले