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चुराचांदपुर में 'जन भागीदारी अभियान' संपन्न: सोंगपी गांव में १,५०० से अधिक ग्रामीणों को मिलीं सरकारी सेवाएं

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चुराचांदपुर में 'जन भागीदारी अभियान' संपन्न: सोंगपी गांव में १,५०० से अधिक ग्रामीणों को मिलीं सरकारी सेवाएं

सारांश

चुराचांदपुर जिला प्रशासन का 'जन भागीदारी अभियान' सोंगपी गांव में संपन्न हुआ — तीन गांवों में तीन चरणों में 1,500 से अधिक ग्रामीणों तक सरकारी सेवाएं पहुंचीं, 121 लोगों का आयुष्मान भारत में नामांकन हुआ और सैकड़ों को प्रमाण पत्र मिले।

मुख्य बातें

चुराचांदपुर जिले के सोंगपी गांव में 25 मई 2025 को 'जन भागीदारी अभियान' का समापन हुआ।
तीन चरणों ( सोंগগेल – 18 मई , लेइसनाग – 21 मई , सोंगपी – 25 मई ) में कुल 1,500–1,700 ग्रामीण लाभान्वित हुए।
121 लोगों का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकरण; लगभग 100 ने निःशुल्क चिकित्सा जांच कराई।
जाति प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र सहित अनेक दस्तावेज़ मौके पर वितरित किए गए।
बैंक, वन विभाग, जिला उद्योग केंद्र सहित कई विभागों ने शिविर में अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में तुइबोंग उप-मंडल के सोंगपी गांव में 25 मई 2025 को जिला प्रशासन के 'जन भागीदारी अभियान' के मौजूदा चरण का समापन हुआ। इस अभियान का मूल उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी सेवाएं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनके घरों के नज़दीक उपलब्ध कराना था। तीन चरणों में आयोजित इस पूरे अभियान में 1,500 से 1,700 लोगों ने भागीदारी की।

अभियान का स्वरूप और सेवाएं

जिला प्रशासन के अनुसार, 'घर-घर शासन' की अवधारणा को ज़मीनी स्तर पर साकार करने के लिए इस शिविर में मौके पर ही अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की गईं। ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ वितरित किए गए। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

मुख्य आंकड़े

25 मई को सोंगपी गांव में आयोजित शिविर में लगभग 100 लोगों ने चिकित्सा जांच के लिए पंजीकरण कराया। इसके अतिरिक्त 121 लोगों का नामांकन प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत किया गया। सोंगपी के साथ-साथ आसपास के कई गांवों के निवासी भी इस अभियान में शामिल हुए।

विभागों की भागीदारी

कार्यक्रम में बैंकों, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जिला सूचना कार्यालय, वन विभाग और जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और आवेदन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

अभियान का कालक्रम

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस अभियान की शुरुआत 18 मई को सोंगगेल गांव से हुई थी। इसके बाद 21 मई को लेइसनाग गांव में दूसरा चरण संपन्न हुआ और 25 मई को सोंगपी गांव में इसका समापन किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में प्रशासन ग्रामीण पहुंच को बेहतर बनाने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर में पहुंची स्थानीय युवती चिन्नैवह ने कहा कि वह अपने गांव में इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सरकार की आभारी हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को काफी सुविधा मिली है और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पा रहा है। अन्य ग्रामीणों ने भी कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकारियों ने बताया कि अभियान को जनता से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 से अधिक लाभार्थियों की संख्या उत्साहजनक है, लेकिन असली कसौटी यह है कि शिविर के बाद दस्तावेज़ीकरण, योजना-नामांकन और स्वास्थ्य फॉलो-अप कितने प्रभावी ढंग से होते हैं। एकबारगी शिविरों से दीर्घकालिक प्रशासनिक उपस्थिति का विकल्प नहीं बनता — यह ध्यान रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जन भागीदारी अभियान' क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
'जन भागीदारी अभियान' चुराचांदपुर जिला प्रशासन की एक पहल है, जिसके तहत सरकारी सेवाएं और कल्याणकारी योजनाएं सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य 'घर-घर शासन' की अवधारणा को साकार करना और ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।
इस अभियान में कितने लोग लाभान्वित हुए?
तीन चरणों में आयोजित इस अभियान में कुल 1,500 से 1,700 लोगों ने भाग लिया। 25 मई के सोंगपी शिविर में अकेले 121 लोगों का आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत नामांकन हुआ और लगभग 100 लोगों ने निःशुल्क चिकित्सा जांच कराई।
अभियान के तहत कौन-कौन सी सेवाएं दी गईं?
शिविर में जाति प्रमाण पत्र, अधिवास प्रमाण पत्र और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ मौके पर जारी किए गए। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं में पंजीकरण, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, बैंकिंग जानकारी और जिला उद्योग केंद्र की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
अभियान के तीन चरण कब और कहाँ आयोजित हुए?
पहला चरण 18 मई को सोंगगेल गांव में, दूसरा 21 मई को लेइसनाग गांव में और तीसरा व अंतिम चरण 25 मई को सोंगपी गांव में संपन्न हुआ। तीनों स्थान तुइबोंग उप-मंडल, चुराचांदपुर जिले में स्थित हैं।
ग्रामीणों ने अभियान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ग्रामीणों ने अभियान को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। स्थानीय युवती चिन्नैवह ने कहा कि गांव में ही सरकारी सेवाएं मिलने से बड़ी सुविधा हुई है। अधिकारियों के अनुसार, जनता की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही और भविष्य में भी ऐसे शिविरों की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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