चूरू में सेना का अद्भुत शक्ति प्रदर्शन, मिलिट्री पाइप बैंड के साथ युद्ध कौशल की झलक

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चूरू में सेना का अद्भुत शक्ति प्रदर्शन, मिलिट्री पाइप बैंड के साथ युद्ध कौशल की झलक

सारांश

भारतीय सेना ने चूरू में एक भव्य रैली का आयोजन किया, जिसमें पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ हुईं। इस रैली में सैन्य कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया गया, जिसमें मिलिट्री पाइप बैंड की प्रस्तुति भी शामिल थी।

Key Takeaways

  • सैन्य कौशल का प्रदर्शन
  • पूर्व सैनिकों के कल्याण के उपाय
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
  • स्वास्थ्य जांच का प्रावधान
  • राज्य सरकार का समर्थन

नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने रविवार को साहसिक सैन्य गतिविधियों और सैन्य हेलीकॉप्टरों के माध्यम से युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। इस दौरान सेना के जवानों ने सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन भी किया और मिलिट्री पाइप बैंड ने अपनी प्रस्तुति दी।

दरअसल, भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के अंतर्गत, सेना की रणबांकुरा डिवीजन ने रविवार को ‘गौरव सेनानी रैली’ का आयोजन किया। यह आयोजन राजस्थान के चूरू में संपन्न हुआ। यह एक भव्य पूर्व सैनिक रैली एवं चिकित्सा शिविर था, जिसमें साई स्टेडियम में दस हजार से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं एवं उनके परिवारों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के कल्याण के साथ-साथ सैन्य आयोजन और रोमांचक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। यहां सैनिक परंपरा और राष्ट्रनिर्माण में पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका का उत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया गया। रैली में विभिन्न रिकॉर्ड ऑफिस, बैंकों और सरकारी कल्याणकारी एजेंसियों द्वारा सहायता काउंटर एवं स्टॉल स्थापित किए गए थे। इन विशेष काउंटरों पर पूर्व सैनिकों की शिकायतों के निवारण की पूरी व्यवस्था मौजूद थी। दस्तावेजों के अद्यतन, पेंशन संबंधी प्रश्नों और रोजगार के अवसरों के संबंध में भी सहायता प्रदान की गई।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, पहली बार रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा स्टॉल स्थापित करना इस आयोजन की एक विशेष पहल रही। मेडिकल कैंप में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को व्यापक स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजींदर सिंह, सप्त शक्ति आवा रीजनल प्रेजिडेंट बरिंदर जीत कौर और चेतक कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क सहित कई गणमान्य नागरिक अतिथि भी उपस्थित रहे। यहां पूर्व सैनिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने की भावना को पुनः सुदृढ़ किया गया।

सेना के अनुसार, राज्य और जिला स्तर के नागरिक प्रशासन की बड़ी भागीदारी रही। यहां यह आश्वासन भी दिया गया कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए सहयोग कर रही है। इसके लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आर्मी कमांडर ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने सप्त शक्ति कमान की ओर से पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं के साथ निरंतर संवाद और संपूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान की जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों में, जब विश्व के कई हिस्सों में खतरनाक युद्ध लड़े जा रहे हैं, तब राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी आयामों में पूर्ण तैयारी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे परिदृश्य में हमारे पूर्व सैनिक देश की द्वितीय और तृतीय सुरक्षा पंक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रैली के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में वीर नारियों, वीर माताओं और युद्ध में घायल पूर्व सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनके विशिष्ट योगदान और बलिदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त दिव्यांग पूर्व सैनिकों, वीर माताओं और वीरांगनाओं को विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए, जिनमें 16 तीन पहिया स्कूटर, 113 व्हीलचेयर, 80 श्रवण यंत्र, 29 वॉकर्स, 29 पेशेंट बेड्स तथा बीपी मशीन शामिल हैं। इसके अलावा, कई दिव्यांग पूर्व सैनिकों को पर्याप्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई।

Point of View

जो उनकी सेवा और बलिदान को मान्यता देता है। यह रैली न केवल उनकी भलाई के लिए है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

गौरव सेनानी रैली का उद्देश्य क्या था?
गौरव सेनानी रैली का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के कल्याण को बढ़ावा देना और उन्हें सम्मानित करना था।
इस रैली में कौन-कौन से प्रमुख लोग शामिल हुए?
इस रैली में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजींदर सिंह समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रैली में पूर्व सैनिकों को कौन-कौन सी सुविधाएं प्रदान की गईं?
रैली में पूर्व सैनिकों को चिकित्सा शिविर, दस्तावेज अद्यतन और पेंशन संबंधी सहायता प्रदान की गई।
क्या इस आयोजन में कोई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं?
हां, इस आयोजन में सैन्य आयोजन के साथ-साथ रोचक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
रैली में दिव्यांग पूर्व सैनिकों को क्या सहायता दी गई?
दिव्यांग पूर्व सैनिकों को सहायक उपकरण और वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
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