5 नवंबर 2026
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गंजाम बाढ़ राहत: CM मोहन माझी ने विधायकों संग बैठक की, केंद्रीय टीम से माँगी दीर्घकालिक मदद

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गंजाम बाढ़ राहत: CM मोहन माझी ने विधायकों संग बैठक की, केंद्रीय टीम से माँगी दीर्घकालिक मदद

सारांश

चक्रवात 'अर्नब' और बाढ़ से तबाह गंजाम में CM माझी ने विधायकों के साथ समीक्षा बैठक की और केंद्रीय टीम से न केवल तत्काल राहत, बल्कि दीर्घकालिक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे की सिफारिश माँगी। नुकसान का पूरा आकलन सात से आठ दिन में होगा।

मुख्य बातें

CM मोहन चरण माझी ने 5 नवंबर 2026 को भुवनेश्वर में गंजाम के विधायकों के साथ चक्रवात 'अर्नब' और बाढ़-राहत पर बैठक की।
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुँचाने और बुनियादी ढाँचा बहाल करने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम — नेतृत्व संयुक्त सचिव रवि शंकर — ने गंजाम और गजपति जिलों का दौरा कर नुकसान का मुआयना किया।
रुशिकुल्या नदी के बाढ़ से खेतों, सड़कों, घरों और सरकारी दफ्तरों पर भारी रेत जमा; नुकसान के पूर्ण आकलन में 7-8 दिन लगेंगे।
CM ने केंद्र से चक्रवात-बाढ़-रोधी दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की सिफारिश माँगी; अधिकांश सड़कें और बिजली आपूर्ति बहाल।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में गंजाम जिले के विधायकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गंजाम के हालात से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार गंजाम जिले के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और यह सुनिश्चित करेगी कि वहाँ के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।' माझी ने राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुँचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली के लिए फौरन कदम उठाए जाएँ।

केंद्रीय टीम का दौरा और नुकसान का जायज़ा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में आई केंद्रीय टीम ने गंजाम और गजपति जिलों का दौरा किया और बाढ़ व चक्रवात से हुई तबाही का सीधा मुआयना किया। टीम ने बाद में मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात की और आपदा के प्रभाव पर विस्तृत जानकारी साझा की।

रवि शंकर ने बताया कि रुशिकुल्या नदी के बाढ़-जल से गंजाम के व्यापक इलाकों में भारी मात्रा में रेत जमा हो गई है, जिससे खेत, सड़कें, घर और सरकारी दफ्तर सभी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालाँकि अधिकांश घर गिरे नहीं हैं, किंतु उनका ढाँचा कमज़ोर हो गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान का पूरा आकलन करने में सात से आठ दिन का समय लगेगा।

दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की माँग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम से आग्रह किया कि वे अपनी रिपोर्ट में केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहें, बल्कि ओडिशा में बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं — बाढ़, चक्रवात और लू — से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों की भी सिफारिश करें। माझी ने कहा कि राज्य को ऐसे बुनियादी ढाँचे की तत्काल ज़रूरत है जो चक्रवात और बाढ़ को झेल सके, ताकि प्राकृतिक आपदाएँ विकास कार्यों में बाधा न बनें।

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा को पिछले कुछ वर्षों में एक के बाद एक चक्रवातों का सामना करना पड़ा है, और हर बार बुनियादी ढाँचे की मरम्मत में बड़े पैमाने पर संसाधन खर्च होते हैं। गौरतलब है कि रुशिकुल्या नदी से दीर्घकालिक गाद निकालने की ज़रूरत भी रेखांकित की गई है।

राहत एवं बहाली की स्थिति

केंद्रीय टीम प्रमुख रवि शंकर ने ओडिशा सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने बताया कि चक्रवात और बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने तेज़ी से राहत व पुनर्निर्माण कार्य शुरू किए, अधिकांश सड़कें फिर से चलने लायक बना दी गई हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

आने वाले दिनों में केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद ओडिशा को केंद्र से अतिरिक्त आपदा राहत कोष मिलने की संभावना है, जिससे पुनर्निर्माण कार्यों को और गति मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 'आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे' की माँग हर बार नई सुर्खी की तरह सामने आती है — यह सवाल उठाती है कि पिछले वादों पर अमल कहाँ रुका। केंद्रीय टीम का दौरा और CM का आग्रह स्वागत योग्य है, लेकिन असली कसौटी होगी कि रवि शंकर की रिपोर्ट में दीर्घकालिक सुझाव शामिल होते हैं या नहीं, और उन पर कितनी जल्दी धन आवंटित होता है। रुशिकुल्या से गाद निकालने जैसे काम वर्षों से चर्चा में हैं; इस बार की राजनीतिक इच्छाशक्ति परखी जाएगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' से गंजाम में क्या नुकसान हुआ?
चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से गंजाम में रुशिकुल्या नदी का पानी फैलने से खेतों, सड़कों, घरों और सरकारी दफ्तरों पर भारी रेत जमा हो गई। कई घरों का ढाँचा कमज़ोर हो गया है और नुकसान का पूरा आकलन सात से आठ दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
CM माझी ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
CM मोहन चरण माझी ने राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुँचाई जाए और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे को जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने केंद्रीय टीम से दीर्घकालिक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे की सिफारिश भी माँगी है।
केंद्रीय टीम ने ओडिशा में क्या किया?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में टीम ने गंजाम और गजपति जिलों का दौरा किया और बाढ़-चक्रवात से हुई क्षति का सीधा आकलन किया। बाद में टीम ने CM माझी से मुलाकात कर हालात की जानकारी दी।
ओडिशा में राहत एवं बहाली की मौजूदा स्थिति क्या है?
केंद्रीय टीम प्रमुख रवि शंकर के अनुसार राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकांश सड़कें दोबारा चलने लायक बना दी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है। हालाँकि नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है।
क्या ओडिशा को केंद्र से अतिरिक्त आपदा राहत मिलेगी?
केंद्रीय टीम की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार से अतिरिक्त आपदा राहत कोष मिलने की संभावना है। CM माझी ने टीम से रिपोर्ट में तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह की सहायता की सिफारिश करने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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