गंजाम बाढ़ राहत: CM मोहन माझी ने विधायकों संग बैठक की, केंद्रीय टीम से माँगी दीर्घकालिक मदद
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में गंजाम जिले के विधायकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गंजाम के हालात से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार गंजाम जिले के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और यह सुनिश्चित करेगी कि वहाँ के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।' माझी ने राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुँचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली के लिए फौरन कदम उठाए जाएँ।
केंद्रीय टीम का दौरा और नुकसान का जायज़ा
केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में आई केंद्रीय टीम ने गंजाम और गजपति जिलों का दौरा किया और बाढ़ व चक्रवात से हुई तबाही का सीधा मुआयना किया। टीम ने बाद में मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात की और आपदा के प्रभाव पर विस्तृत जानकारी साझा की।
रवि शंकर ने बताया कि रुशिकुल्या नदी के बाढ़-जल से गंजाम के व्यापक इलाकों में भारी मात्रा में रेत जमा हो गई है, जिससे खेत, सड़कें, घर और सरकारी दफ्तर सभी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालाँकि अधिकांश घर गिरे नहीं हैं, किंतु उनका ढाँचा कमज़ोर हो गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान का पूरा आकलन करने में सात से आठ दिन का समय लगेगा।
दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की माँग
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम से आग्रह किया कि वे अपनी रिपोर्ट में केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहें, बल्कि ओडिशा में बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं — बाढ़, चक्रवात और लू — से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों की भी सिफारिश करें। माझी ने कहा कि राज्य को ऐसे बुनियादी ढाँचे की तत्काल ज़रूरत है जो चक्रवात और बाढ़ को झेल सके, ताकि प्राकृतिक आपदाएँ विकास कार्यों में बाधा न बनें।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा को पिछले कुछ वर्षों में एक के बाद एक चक्रवातों का सामना करना पड़ा है, और हर बार बुनियादी ढाँचे की मरम्मत में बड़े पैमाने पर संसाधन खर्च होते हैं। गौरतलब है कि रुशिकुल्या नदी से दीर्घकालिक गाद निकालने की ज़रूरत भी रेखांकित की गई है।
राहत एवं बहाली की स्थिति
केंद्रीय टीम प्रमुख रवि शंकर ने ओडिशा सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने बताया कि चक्रवात और बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने तेज़ी से राहत व पुनर्निर्माण कार्य शुरू किए, अधिकांश सड़कें फिर से चलने लायक बना दी गई हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
आने वाले दिनों में केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद ओडिशा को केंद्र से अतिरिक्त आपदा राहत कोष मिलने की संभावना है, जिससे पुनर्निर्माण कार्यों को और गति मिल सकती है।