दीपावली पर कर्नाटक सरकार की दोहरी सौगात: कर्मचारियों का डीए 18% और किसानों को ₹1,260 करोड़ सूखा राहत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने 5 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर दो बड़े फैसले एक साथ लागू किए — राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (डीए) 15.75% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया, और सूखा-प्रभावित किसानों के लिए ₹1,260 करोड़ की इनपुट सब्सिडी की पहली किस्त जारी की गई। दोनों घोषणाएँ बेंगलुरु के विधानसौधा से की गईं, जहाँ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से राहत प्रक्रिया की शुरुआत की।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी: मुख्य विवरण
उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को बताया कि 2024 के संशोधित वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले सभी राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए डीए अब मूल वेतन के 18% के आधार पर गणना की जाएगी। यह वृद्धि 1 जुलाई 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू मानी जाएगी।
परमेश्वर ने कहा, 'सरकारी कर्मचारी प्रशासन की रीढ़ हैं। कर्नाटक की जनता के लिए सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने में उनकी लगन, पेशेवर रवैये और प्रतिबद्धता की अहम भूमिका रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे समय में जब जीवन-यापन की लागत बढ़ रही है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सम्मान की रक्षा करे।
यह बढ़ोतरी केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है — नियमों के अनुसार यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों पर भी लागू होगी। गौरतलब है कि डीए में यह संशोधन त्योहारी सीज़न में राज्यकर्मियों की क्रय शक्ति को सीधे प्रभावित करता है।
किसानों को सूखा राहत: पहली किस्त जारी
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को विधानसौधा में बटन दबाकर सूखा-प्रभावित किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी की पहली किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। पहले चरण में ₹1,260 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सरकार ने दो एकड़ तक की जमीन के लिए प्रति एकड़ ₹2,500 देने का निर्णय लिया है, यानी प्रति किसान अधिकतम ₹5,000 की सहायता। पहली किस्त के रूप में ₹2,500 अभी जारी किए जा रहे हैं और शेष ₹2,500 अगले कुछ दिनों में दिए जाएंगे।
शिवकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'आज, उपमुख्यमंत्री और मैं ₹2,500 की पहली किस्त जारी करने के लिए बटन दबा रहे हैं। अगले 15 दिनों में हम फंड का इंतजाम कर लेंगे और बाकी के ₹2,500 भी दे देंगे। हमने यह फैसला लिया है।'
आम जनता पर असर
डीए में 2.25 प्रतिशत अंक की यह वृद्धि राज्य के हज़ारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मासिक आय में तत्काल राहत लेकर आएगी, खासकर तब जब महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है। वहीं किसान राहत योजना उन सूखा-प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करती है जहाँ इस वर्ष फसल नुकसान की व्यापक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
शिवकुमार ने स्वीकार किया कि यह सहायता किसानों की पूरी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन सरकार का मकसद संकट के इस समय उनके साथ खड़े रहना है, 'खासकर तब जब दिवाली का त्योहार भी करीब आ रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार पर किसान कल्याण में देरी के आरोप लगाता रहा है।
क्या होगा आगे
सूखा राहत की दूसरी किस्त — ₹2,500 प्रति किसान — अगले 15 दिनों में जारी करने की घोषणा की गई है। DBT प्रणाली के ज़रिए होने वाला यह भुगतान सुनिश्चित करता है कि राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुँचे, बिना किसी बिचौलिए के। डीए बढ़ोतरी के वित्तीय प्रभाव का आकलन राज्य के बजट संदर्भ में अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और विवरण अपेक्षित है।