CM पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ की विकास योजनाओं के लिए जारी किए ₹4.42 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 6 मई 2026 को जनपद चम्पावत, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए कुल ₹4.42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सभी कार्यों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए हैं।
चम्पावत जनपद के लिए स्वीकृत कार्य
विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 'भिंगराड़ा मंदिर सील का सौंदर्यकरण' कार्य के लिए ₹74.25 लाख की कुल स्वीकृति के सापेक्ष अवशेष ₹29.70 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 'कंकराली टनकपुर से माँ पूर्णागिरी धाम तक यात्रा मार्ग में स्ट्रीट लाइट स्थापना' कार्य के लिए ₹5.00 करोड़ की कुल स्वीकृति के सापेक्ष प्रथम चरण में ₹2.00 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।
उत्तरकाशी जनपद के लिए स्वीकृत कार्य
विधानसभा क्षेत्र पुरोला में न्याय पंचायत मुख्यालय जखोल/फिताड़ी स्थित 'श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण के समतलीकरण एवं सौंदर्यीकरण' कार्य के लिए ₹1.43 करोड़ की कुल स्वीकृति में से ₹10.00 लाख की प्रथम किश्त पूर्व में जारी की जा चुकी है। शेष ₹1.33 करोड़ का 60 प्रतिशत अर्थात ₹80.06 लाख की वित्तीय स्वीकृति अब प्रदान की गई है।
पिथौरागढ़ में 'एक जनपद-एक नदी' योजना
जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (डीएलईसी) पिथौरागढ़ के माध्यम से प्राप्त प्रस्ताव तथा राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (एसएआरआरए) की पंचम बैठक में अनुमोदित 'एक जनपद-एक नदी' योजना के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ की गुरघटिया नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु ₹6.59 करोड़ की कुल लागत के सापेक्ष प्रथम चरण में 40 प्रतिशत अर्थात ₹1.32 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। गौरतलब है कि यह योजना उत्तराखंड में नदियों के पुनर्जीवीकरण की व्यापक पहल का हिस्सा है।
आम जनता पर असर
इन परियोजनाओं से पर्वतीय जनपदों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। माँ पूर्णागिरी धाम यात्रा मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगने से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी, जबकि मंदिर प्रांगणों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गुरघटिया नदी के पुनर्जीवीकरण से स्थानीय कृषि एवं जल आपूर्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएँ और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। शेष परियोजनाओं के लिए अगली किश्तें कार्य-प्रगति की समीक्षा के उपरांत जारी की जाएंगी।