7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से हटाने पर केरल के CM सतीशन ने केंद्र से वापसी की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से हटाने पर केरल के CM सतीशन ने केंद्र से वापसी की मांग की

सारांश

रेलवे बोर्ड ने बिना राज्य से पूछे मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से मैसूरु में स्थानांतरित करने का फैसला किया — और केरल ने एकजुट होकर विरोध का बिगुल बजा दिया। CM सतीशन ने PM मोदी और रेल मंत्री को पत्र लिखने की घोषणा की है, जबकि सांसदों ने इसे 'निंदनीय' कदम करार दिया है।

मुख्य बातें

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 22 अगस्त को रेलवे बोर्ड के फैसले को एकतरफा और आपत्तिजनक बताते हुए वापसी की मांग की।
रेलवे बोर्ड ने मंगलुरु जंक्शन को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।
केरल सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को औपचारिक पत्र भेजेगी।
उल्लाल से मंगलुरु तक का खंड दक्षिण रेलवे से दक्षिण पश्चिम रेलवे को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है।
कांग्रेस सांसद एमके राघवन और वीके श्रीकांतन ने भी फैसले की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई; कहा — किसी सांसद को पूर्व सूचना नहीं दी गई।
यह विवाद केरल की लंबे समय से चली आ रही अलग रेलवे जोन की मांग की पृष्ठभूमि में और भी गहरा हो गया है।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 22 अगस्त को रेलवे बोर्ड के उस फैसले को एकतरफा और आपत्तिजनक करार देते हुए केंद्र सरकार से तत्काल पुनर्विचार की मांग की, जिसमें मंगलुरु जंक्शन को पलक्कड़ रेलवे डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने का प्रस्ताव है। सतीशन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राज्य सरकार से किसी परामर्श या पूर्व सूचना के बिना लिया गया, जो संघीय भावना के विरुद्ध है।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा, 'यह मांग कि फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, केरल की एकजुट मांग है।' उन्होंने घोषणा की कि केरल सरकार इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को औपचारिक पत्र भेजेगी। साथ ही राज्य के सभी सांसदों के सहयोग से केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।

सतीशन ने चेतावनी दी कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और राजस्व की दृष्टि से समृद्ध मंगलुरु जंक्शन को पलक्कड़ डिवीजन से अलग करने पर डिवीजन की आय में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और भविष्य की विकास परियोजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

दक्षिण रेलवे पर व्यापक असर

प्रस्तावित पुनर्गठन के तहत उल्लाल से मंगलुरु तक का खंड, जो अभी दक्षिण रेलवे के अधीन है, उसे दक्षिण पश्चिम रेलवे के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। सतीशन के अनुसार इससे दक्षिण रेलवे और केरल दोनों को बड़ा वित्तीय और प्रशासनिक नुकसान होगा। गौरतलब है कि मंगलुरु सेक्टर से होने वाला यात्री और माल ढुलाई राजस्व पलक्कड़ डिवीजन की आर्थिक रीढ़ रहा है।

सांसदों का विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस के लोकसभा सांसद एमके राघवन और वीके श्रीकांतन ने भी इस फैसले की प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई है। दोनों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी सांसद को इस प्रस्तावित बदलाव की पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी।

सांसद एमके राघवन ने आरोप लगाया कि यह कदम कई वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा था और मंगलुरु सेक्टर को स्थानांतरित करने के प्रयास उस समय शुरू हुए जब तमिलनाडु के एक नेता केंद्रीय मंत्री पद पर थे। उन्होंने कहा, 'इस मोर्चे पर जो हो रहा है वह निंदनीय है।'

केरल की अलग रेलवे जोन की मांग के संदर्भ में

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केरल लंबे समय से एक अलग रेलवे जोन की माँग करता आ रहा है। सतीशन ने कहा कि जब राज्य अपने मौजूदा रेलवे ढाँचे को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छीनने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र-राज्य रेलवे संबंधों में पहले से तनाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा

केरल सरकार और राज्य के सांसद मिलकर केंद्र के समक्ष यह मुद्दा उठाएँगे और रेलवे बोर्ड से प्रस्तावित पुनर्गठन को वापस लेने या उस पर पुनर्विचार करने की माँग करेंगे। यदि केंद्र ने शीघ्र जवाब नहीं दिया तो राज्य स्तर पर और भी तीखा राजनीतिक विरोध तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे हटाना डिवीजन की वित्तीय व्यवहार्यता पर सीधा प्रहार है। विडंबना यह है कि केरल जब अलग रेलवे जोन की माँग कर रहा है, तब उसके मौजूदा ढाँचे से रणनीतिक संपत्तियाँ छीनी जा रही हैं। बिना किसी सांसद या राज्य सरकार को सूचित किए इतना बड़ा फैसला लेना संघीय परामर्श की उस परंपरा को कमजोर करता है जिसका दावा केंद्र अक्सर करता है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेलवे बोर्ड ने मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से क्यों हटाने का फैसला किया?
रेलवे बोर्ड ने मंगलुरु जंक्शन को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है, हालाँकि इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताई गई है। केरल सरकार और सांसदों के अनुसार यह निर्णय बिना किसी पूर्व परामर्श के लिया गया।
मंगलुरु के स्थानांतरण से पलक्कड़ डिवीजन पर क्या असर पड़ेगा?
मंगलुरु जंक्शन पलक्कड़ डिवीजन के लिए यात्री और माल ढुलाई राजस्व का प्रमुख स्रोत रहा है। इसे हटाने से डिवीजन का वित्तीय आधार कमजोर होगा और भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने की क्षमता प्रभावित होगी।
CM सतीशन ने इस मामले में क्या कदम उठाने की घोषणा की है?
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को औपचारिक पत्र भेजने की घोषणा की है। साथ ही राज्य के सभी सांसदों के सहयोग से केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
दक्षिण रेलवे पर इस प्रस्ताव का क्या प्रभाव पड़ेगा?
उल्लाल से मंगलुरु तक का खंड, जो अभी दक्षिण रेलवे के अधीन है, उसे दक्षिण पश्चिम रेलवे के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। सतीशन के अनुसार इससे दक्षिण रेलवे और केरल दोनों को वित्तीय और प्रशासनिक नुकसान होगा।
यह विवाद केरल की अलग रेलवे जोन की मांग से कैसे जुड़ा है?
केरल लंबे समय से एक अलग रेलवे जोन की माँग करता आ रहा है। मुख्यमंत्री सतीशन का कहना है कि जब राज्य अपने मौजूदा रेलवे ढाँचे को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को हटाने की कोशिश इस दिशा में एक बड़ा झटका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले