तमिलनाडु CM विजय करेंगे 'सिंगाप्पन' स्पेशल टास्क फोर्स का शुभारंभ, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा होगी मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार, 8 जून को चेन्नई में सिंगाप्पन स्पेशल टास्क फोर्स का औपचारिक उद्घाटन करेंगे — यह एक समर्पित पुलिस इकाई है जिसे राज्यभर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित किया गया है। यह बल विजय सरकार की उन प्रमुख कानून-व्यवस्था प्रतिबद्धताओं में से एक है जो मुख्यमंत्री ने पदभार संभालने के तुरंत बाद घोषित की थीं।
उद्घाटन समारोह का विवरण
शुभारंभ समारोह शाम 5 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू राजारथिनम स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित होगा। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम मूल रूप से 29 मई को निर्धारित था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया था। अब मंगलवार को औपचारिक उद्घाटन के तुरंत बाद बल के परिचालन में आने की उम्मीद है।
बल की संरचना और नेतृत्व
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के. भवानीश्वरी को सिंगाप्पन विशेष कार्य बल का पहला महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया है। इस नवगठित इकाई में एक पुलिस अधीक्षक, दो उप पुलिस अधीक्षक, चार निरीक्षक और कई अन्य अधिकारियों सहित 30 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं।
विशेष वर्दी और पहचान
बल को एक विशिष्ट पहचान देने के लिए सरकार ने एक अलग वर्दी तैयार की है। कार्य बल से जुड़ी महिला पुलिसकर्मी और महिला सब-इंस्पेक्टर नीली कमीज के साथ खाकी पतलून पहनेंगी, साथ ही उन्हें काली टोपी और काले जूते भी दिए गए हैं। यह अनूठी वर्दी राज्यभर में ड्यूटी के दौरान इन्हें आसानी से पहचाने जाने योग्य बनाएगी।
बल का कार्यक्षेत्र और उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, सिंगाप्पन टास्क फोर्स महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से निपटने के लिए केंद्रित पुलिसिंग, त्वरित हस्तक्षेप और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर काम करेगी। इसके अतिरिक्त, शिकायत निवारण, निवारक पुलिसिंग, निगरानी, पीड़ित सहायता और जागरूकता अभियान भी इसके कार्यक्षेत्र में शामिल हैं।
राज्यव्यापी तैनाती की योजना
चेन्नई में उद्घाटन के बाद सिंगाप्पन कर्मियों को तमिलनाडु के सभी जिलों में तैनात किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जनता की माँग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक समर्पित इकाई के गठन से पुलिस तंत्र में जनता का विश्वास बहाल करने में मदद मिल सकती है।