26 जुलाई 2026
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हैदराबाद में 11 जून को कोयला गैसीकरण रोडशो, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी करेंगे शिरकत

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हैदराबाद में 11 जून को कोयला गैसीकरण रोडशो, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी करेंगे शिरकत

सारांश

केंद्रीय कोयला मंत्रालय 11 जून को हैदराबाद में रोडशो के ज़रिए गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश जुटाने की कोशिश करेगा। नई दिल्ली के पहले आयोजन की सफलता के बाद यह दूसरा चरण है, जो कोयले से सिन्गैस बनाकर आयात निर्भरता घटाने की सरकार की रणनीति को आगे बढ़ाता है।

मुख्य बातें

कोयला मंत्रालय 11 जून 2025 को हैदराबाद में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोडशो आयोजित करेगा।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.
किशन रेड्डी मुख्य अतिथि और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे।
यह नई दिल्ली रोडशो के बाद इस श्रृंखला का दूसरा आयोजन है।
रोडशो में नीति निर्माता, उद्योगपति, प्रौद्योगिकी प्रदाता और निवेशक एक मंच पर आएंगे।
कोयला गैसीकरण से मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट और सिंथेटिक प्राकृतिक गैस जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।

कोयला मंत्रालय 11 जून 2025 को हैदराबाद में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर एक महत्वपूर्ण रोडशो का आयोजन करेगा, जिसका उद्देश्य इस रणनीतिक क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

रोडशो का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह हैदराबाद रोडशो उस श्रृंखला का अगला चरण है जिसकी शुरुआत नई दिल्ली में हुई थी। कोयला मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली आयोजन को उद्योग जगत से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसने भारत के कोयला गैसीकरण इकोसिस्टम में पक्षकारों के बढ़ते विश्वास को रेखांकित किया। हैदराबाद रोडशो में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

किन विषयों पर होगी चर्चा

मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह मंच नीतिगत समर्थन, तकनीकी नवाचार, निवेश के अवसर और परियोजना कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए तैयार किया गया है। नीति निर्माता, उद्योगपति, प्रौद्योगिकी प्रदाता और निवेशक एक साथ एक मंच पर आएंगे ताकि देशभर में कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की गति तेज़ करने के लिए सहयोगात्मक रास्ते खोजे जा सकें।

कोयला गैसीकरण क्या है और क्यों है अहम

कोयला गैसीकरण एक उन्नत प्रक्रिया है जो कोयले को संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्तित करती है। इस सिन्गैस का उपयोग मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस और विभिन्न औद्योगिक रसायनों के उत्पादन में किया जा सकता है। यह तकनीक भारत को आयात पर निर्भरता घटाने और घरेलू कोयला संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का अवसर देती है।

सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता

भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कोयला गैसीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु कई नीतिगत पहल और प्रोत्साहन उपाय किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन रोडशो के माध्यम से रणनीतिक साझेदारियाँ सुगम बनाना और एक सशक्त गैसीकरण इकोसिस्टम का निर्माण करना प्राथमिक लक्ष्य है।

आगे क्या

हैदराबाद रोडशो की सफलता के बाद मंत्रालय देश के अन्य प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में भी इसी तरह के आयोजन करने की योजना बना रहा है। यह पहल भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा रूपांतरण एजेंडे का हिस्सा मानी जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद कोयला गैसीकरण रोडशो क्या है?
यह कोयला मंत्रालय द्वारा 11 जून 2025 को हैदराबाद में आयोजित एक निवेशक-उद्योग सम्मेलन है, जिसका लक्ष्य कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करना और रणनीतिक साझेदारियाँ बनाना है। यह नई दिल्ली में हुए पहले रोडशो की अगली कड़ी है।
कोयला गैसीकरण तकनीक कैसे काम करती है?
कोयला गैसीकरण में कोयले को उच्च तापमान और दबाव पर संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में बदला जाता है। इस सिन्गैस से मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस और अन्य औद्योगिक रसायन तैयार किए जा सकते हैं।
इस रोडशो में कौन शामिल होगा?
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे। इसके अलावा नीति निर्माता, उद्योगपति, प्रौद्योगिकी प्रदाता और निवेशक भाग लेंगे।
भारत सरकार कोयला गैसीकरण को क्यों बढ़ावा दे रही है?
सरकार का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू कोयला संसाधनों का विविध उपयोग सुनिश्चित करना है। यह आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
पिछले दिल्ली रोडशो का क्या परिणाम रहा?
मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली रोडशो को उद्योग जगत से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसने भारत के कोयला गैसीकरण इकोसिस्टम में पक्षकारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाया। इसी सफलता के आधार पर हैदराबाद आयोजन की योजना बनाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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