शशि थरूर का 'कॉकरोच जनता पार्टी' बैन पर बड़ा बयान: युवाओं की नाराज़गी दबाना घातक
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 22 मई को विवादास्पद 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभियान पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अपील की और चेतावनी दी कि युवाओं की नाराज़गी को दबाना लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकता है। थरूर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए इस अभियान को व्यंग्य का एक ज़रूरी मंच बताया।
थरूर का एक्स पर बयान
थरूर ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'कई यूजर्स इसे पाकिस्तान की साजिश बताकर खारिज कर रहे हैं लेकिन यह बात बहुत सरल है। अभिजीत दिपके का दावा है कि उनके 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत में हैं। सच चाहे जो भी हो लेकिन मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसी आवाज़ों को दबाना बेवकूफी है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह लोगों की भावनाओं, निराशा और शिकायतों को ज़ाहिर करने का मंच देता है।
प्रेशर कुकर की उपमा
थरूर ने इस तरह के आंदोलनों की तुलना प्रेशर कुकर के वॉल्व से की। उन्होंने कहा, 'ये वॉल्व अंदर की भाप को बाहर निकलने देते हैं। अगर इन्हें बंद कर दिया जाए तो दबाव इतना बढ़ जाएगा कि कुकर फट जाएगा। मैं अफरातफरी और अराजकता के बजाय व्यंग्य को बेहतर मानता हूं।' उनके अनुसार, किसी व्यंग्य साइट पर असंतोष को ज़ाहिर होने देना देश के हित में ही है।
युवाओं की नाराज़गी पर चेतावनी
थरूर के अनुसार, इस अभियान ने युवाओं के बीच मौजूद राष्ट्रीय भावनाओं के एक महत्वपूर्ण पहलू को छुआ है, भले ही इसके संस्थापकों की मंशा कुछ भी रही हो। उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों को आगाह किया कि 'यंग इंडिया' की समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान निकालना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैन हटाने की अपील
थरूर ने अंत में स्पष्ट अपील की — 'चलिए, इस पर लगा बैन हटाते हैं और उनकी बात पर ध्यान देते हैं।' उन्होंने कहा कि लोगों की दबी हुई नाराज़गी को दूर करने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को जागना होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस जारी है।