कांग्रेस का 3 महीने का राष्ट्रीय अभियान: महंगाई, बेरोज़गारी और परीक्षा घोटालों के खिलाफ जनसंपर्क
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद देशभर में तीन महीने का व्यापक राष्ट्रीय अभियान शुरू करने का ऐलान किया। यह अभियान महंगाई, बेरोज़गारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ केंद्रित होगा। पार्टी के हर नेता और कार्यकर्ता को सड़कों पर उतरकर जनता के बीच जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान की घोषणा और रणनीति
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, 'अगले तीन महीनों तक कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी। पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाएगा और सड़कों पर उतरकर लोगों के मुद्दे उठाएगा।' बैठक में संगठनात्मक रणनीतियों, आगामी आंदोलनों और राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
खड़गे और राहुल गांधी का रुख
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि आज देश महंगाई, बेरोज़गारी, परीक्षा घोटालों और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि नीट और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने लाखों युवाओं और उनके परिवारों का भरोसा डगमगा दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रभावित छात्रों और युवाओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी आवाज़ को देश के सामने रखा।
खड़गे ने यह भी कहा कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें अब कमज़ोर किया जा रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस की ज़िम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं है — संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना भी पार्टी का कर्तव्य है।
विदेश नीति पर निशाना
केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच तीन भारतीयों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट नहीं दिख रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार की जल्दबाज़ी भारतीय किसानों के हितों को नुकसान पहुँचा सकती है।
व्यापक संदर्भ और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहे हैं और विपक्षी दलों ने संसद में भी इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया है। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और बेरोज़गारी की बढ़ती दर युवाओं में गहरे असंतोष को जन्म दे रही है। यह कांग्रेस का बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान तब आया है जब पार्टी आगामी राज्यसभा चुनाव और राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में भी जुटी है।
आगे की राह
अभियान के तहत कांग्रेस नेता ज़िला और ब्लॉक स्तर तक पहुँचकर जनसभाएँ, पदयात्राएँ और जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह अभियान सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।