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कर्नाटक में सीएम बदलाव से कांग्रेस की अस्थिरता खत्म नहीं होगी: शहजाद पूनावाला

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कर्नाटक में सीएम बदलाव से कांग्रेस की अस्थिरता खत्म नहीं होगी: शहजाद पूनावाला

सारांश

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता-संघर्ष को 'गेम ऑफ थ्रोन्स' का महज़ अस्थायी विराम बताया। उनका कहना है कि सिर्फ चेहरा बदलने से पार्टी का चरित्र नहीं बदलेगा — और कांग्रेस की अस्थिरता हिमाचल से केरल तक एक राष्ट्रीय पैटर्न बन चुकी है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 31 मई 2026 को कांग्रेस को 'अस्थिरता की पर्याय' करार दिया।
कर्नाटक के सत्ता-संघर्ष को उन्होंने 'गेम ऑफ थ्रोन्स' कहा और मुख्यमंत्री बदलाव को महज़ अस्थायी विराम बताया।
पूनावाला ने दावा किया कि राहुल गांधी 99 चुनाव हार चुके हैं और जनता, गठबंधन सहयोगियों तथा कांग्रेस के अपने नेताओं — तीनों ने उन्हें नकारा है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश , पंजाब , राजस्थान और केरल में भी कांग्रेस की आंतरिक कलह का हवाला दिया।
PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP के असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का उल्लेख किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 31 मई 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से पार्टी की अंतर्निहित अस्थिरता समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कांग्रेस को सीधे तौर पर 'अस्थिरता की पर्याय' करार दिया और राज्य में चल रहे सत्ता-संघर्ष को 'गेम ऑफ थ्रोन्स' की संज्ञा दी।

मुख्य घटनाक्रम

पूनावाला ने कहा, 'ढाई-तीन साल बाद कर्नाटक में जो कुछ अस्थायी तौर पर चल रहा था — 'गेम ऑफ थ्रोन्स' या सत्ता के लिए संघर्ष — उसमें बस एक अस्थायी विराम आया है, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।' उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और केरल में भी कांग्रेस ने इसी तरह की आंतरिक कलह का प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार, 'कुल मिलाकर कांग्रेस का मतलब है अस्थिरता।'

कर्नाटक की जनता पर असर

पूनावाला ने सवाल उठाया कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री का चेहरा भले बदल गया हो, लेकिन क्या पार्टी का चरित्र भी बदलेगा? उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब भी परेशान है और तीन साल बाद भी मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता उच्च कमान से असंतुष्ट नज़र आ रहे हैं, जो पार्टी के भीतर इस उथल-पुथल की असली वजह है।

राहुल गांधी पर निशाना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संदर्भ में इतिहासकार रामचंद्र गुहा की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी को जनता, गठबंधन के साथियों और खुद कांग्रेस के नेताओं — तीनों स्तरों पर नकारा जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि राहुल 99 चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और उद्धव सेना जैसे गठबंधन सहयोगियों ने भी राहुल गांधी से दूरी बनाई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर से ही — जिनमें इमरान मसूद का नाम लिया — यह माँग उठी है कि राहुल को हटाकर प्रियंका गांधी को नेतृत्व सौंपा जाए।

मोदी की तारीफ और BJP का दावा

पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, करिश्मे और प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इसी के बल पर BJP पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम (जहाँ पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आई) सहित हर जगह जनता का भरोसा हासिल कर रही है। उनके अनुसार, BJP जहाँ स्थिर और विकासोन्मुखी सरकारें दे रही है, वहीं कांग्रेस जहाँ भी सत्ता में आती है, अस्थिरता और अंदरूनी कलह साथ लाती है।

विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूनावाला के ये बयान कर्नाटक में कांग्रेस के हालिया मुख्यमंत्री बदलाव और उससे उपजे आंतरिक संकट की पृष्ठभूमि में आए हैं। आलोचकों का कहना है कि BJP इस घटनाक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की छवि को कमज़ोर करने के लिए भुनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में कर्नाटक की नई सरकार की कार्यशैली यह तय करेगी कि जनता इस बदलाव को किस नज़र से देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे महज़ विपक्षी बयानबाज़ी कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी पर '99 चुनाव हारने' का दावा तथ्यात्मक रूप से सत्यापन माँगता है — यह BJP का राजनीतिक आरोप है, न कि प्रमाणित आँकड़ा। असली सवाल यह है कि कर्नाटक की नई सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं — वही उत्तर इस पूरी बहस को दिशा देगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक के सीएम बदलाव पर क्या कहा?
पूनावाला ने कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलना महज़ एक अस्थायी विराम है और कांग्रेस की अस्थिरता की 'कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।' उनके अनुसार, सिर्फ चेहरा बदलने से पार्टी का चरित्र नहीं बदलेगा।
पूनावाला ने कांग्रेस को 'अस्थिरता की पर्याय' क्यों कहा?
उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और केरल में भी कांग्रेस की आंतरिक कलह का हवाला देते हुए यह दावा किया। उनके मुताबिक, यह एक राष्ट्रीय पैटर्न है जो हर कांग्रेस-शासित राज्य में दोहराया जाता है।
पूनावाला ने राहुल गांधी के बारे में क्या आरोप लगाए?
पूनावाला ने दावा किया कि राहुल गांधी 99 चुनाव हार चुके हैं और उन्हें जनता, समाजवादी पार्टी, TMC, DMK व उद्धव सेना जैसे गठबंधन सहयोगियों तथा कांग्रेस के अपने नेताओं — तीनों स्तरों पर नकारा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर से प्रियंका गांधी को नेतृत्व देने की माँग उठ रही है।
BJP ने कर्नाटक संकट को राष्ट्रीय मुद्दा क्यों बनाया?
BJP का तर्क है कि कर्नाटक में तीन साल के भीतर मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस की उस केंद्रीय कमज़ोरी को उजागर करता है जो हर राज्य में दिखती है। पूनावाला के अनुसार, उच्च कमान से नेताओं की नाराज़गी इस अस्थिरता की जड़ है।
पूनावाला ने PM मोदी की तुलना में कांग्रेस को कैसे रखा?
उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम (जहाँ BJP लगातार तीसरी बार सत्ता में आई) में जनता का भरोसा जीत रही है और स्थिर व विकासोन्मुखी सरकारें दे रही है, जबकि कांग्रेस जहाँ भी सत्ता में आती है, अस्थिरता लाती है।
राष्ट्र प्रेस
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