क्या कांग्रेस की मान्यता रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है?

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क्या कांग्रेस की मान्यता रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है, जिसमें कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग की जा रही है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पार्टी के नेता संवैधानिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुँचा रहे हैं। यह मामला चुनाव आयोग के खिलाफ है और कोर्ट से त्वरित सुनवाई की अपील की गई है।

मुख्य बातें

कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की याचिका दायर की गई है।
याचिकाकर्ता ने दुष्प्रचार की जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार को होगी।
निर्वाचन आयोग की साख पर सवाल उठाए गए हैं।
यह मामला राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।

नई दिल्ली, २२ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को बिहार एसआईआर से संबंधित महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इससे पहले, एक जनहित याचिका ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाली कांग्रेस की मान्यता रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल पेश की है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने गंभीर और गैर जिम्मेदाराना आरोप लगाए हैं। इन दोनों ने एक संवैधानिक संस्था की साख को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है, इसलिए न केवल पार्टी की मान्यता रद्द होनी चाहिए, बल्कि इनके दुष्प्रचार की जांच एसआईटी से भी कराई जानी चाहिए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस ने संविधान के प्रति अपनी वफादारी की शपथ का उल्लंघन किया है। इसमें कुछ नियमों का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस ने अपनी स्थापना के समय भारत के संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने की शपथ ली थी। हालांकि, ईसीआई के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान इस शपथ का उल्लंघन करता है और आयोग के कार्यों को गैरकानूनी तरीके से बाधित करने का प्रयास कर रहा है।

याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग को देशभर में मतदाता सूची तैयार करने और संशोधन करने का विशेष अधिकार है, जो प्रतिनिधित्व जनता अधिनियम, 1951 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इस मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की है।

याचिकाकर्ता ने कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने और उन पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

शुक्रवार को देश की शीर्ष अदालत चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई फिर से शुरू करेगी। यह इस बात की समीक्षा करेगी कि क्या मतदाता सूची के परीक्षण का काम बिहार में सही तरीके से किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। इस याचिका की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि क्या पार्टी की गतिविधियाँ संविधान के अनुरूप हैं। यह स्थिति न केवल कांग्रेस के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की याचिका दायर की गई है?
याचिकाकर्ता का आरोप है कि कांग्रेस के नेता संवैधानिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग उठी है।
इस याचिका में क्या मांगा गया है?
याचिका में कांग्रेस की मान्यता रद्द करने और दुष्प्रचार की जांच एसआईटी से कराने की मांग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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