CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला: 'वोट बैंक राजनीति और समाज विभाजन उनकी रणनीति'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 19 जून को इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक को राष्ट्रहित से ऊपर रखा है। उनके अनुसार, जाति और धर्म के आधार पर समाज को बाँटना कांग्रेस की चिरपरिचित राजनीतिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा रहा है।
मुख्य आरोप और बयान
इंदौर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कांग्रेस ने देश में वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता देते हुए जाति और धर्म के नाम पर समाज में दरारें पैदा कीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय एकता को अपनी चुनावी महत्वाकांक्षाओं की भेंट चढ़ाया।
गोधरा कांड का संदर्भ
यादव ने गोधरा कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि कार सेवक घर लौट रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, इस घटना के बाद कांग्रेस ने तत्कालीन गुजरात सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने का प्रयास किया। यादव ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्य सामने आया और न्यायालय के निर्णय ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार सिद्ध कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, उन्होंने कर्फ्यू हटाकर दंगों पर लगाम लगाई और प्रदेश में शांति स्थापित की।
राम मंदिर और कांग्रेस की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अयोध्या में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राम मंदिर का निर्माण हुआ, लेकिन कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में भी अवरोध उत्पन्न करने की कोशिश की। उनके अनुसार, यह कांग्रेस की उसी मानसिकता का प्रतिबिंब है जो राष्ट्रीय आस्था से जुड़े मुद्दों पर भी वोट बैंक का हिसाब लगाती है।
जनता से अपील
यादव ने जनता से आह्वान किया कि जब भी कांग्रेस के नेता उनके द्वार पर आएँ, तो वे उनसे कठिन सवाल ज़रूर पूछें। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज़ होती जा रही है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने में जुटी है।