28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांग्रेस 'डूबता जहाज' है, विपक्षी विलय से BJP को फायदा : CM देवेंद्र फडणवीस

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांग्रेस 'डूबता जहाज' है, विपक्षी विलय से BJP को फायदा : CM देवेंद्र फडणवीस

सारांश

CM फडणवीस ने कांग्रेस को 'डूबता जहाज' बताकर साफ संदेश दिया — विपक्षी विलय से BJP को नुकसान नहीं, फायदा होगा। NCP (SP) प्रदेश अध्यक्ष ने विलय के दावों को खारिज किया, जबकि कांग्रेस नेता नाना पटोले ने शरद पवार की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने का दावा किया।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून 2026 को कांग्रेस को 'डूबता जहाज' करार दिया और कहा कि विपक्षी विलय से BJP को ही फायदा होगा।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने विपक्षी दलों से कांग्रेस में विलय कर मजबूत मोर्चा बनाने की अपील की थी।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने दावा किया कि शरद पवार की ओर से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है।
NCP (SP) प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने विलय के दावों को खारिज किया; 'सिल्वर ओक' बैठक में भी यह मुद्दा एजेंडे में नहीं था।
BJP मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दावा किया कि BJP अगले 20-25 वर्षों तक राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाएगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस को 'डूबता जहाज' करार देते हुए कहा कि यदि विपक्षी दल कांग्रेस में विलय करते हैं, तो इसका सर्वाधिक लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलेगा। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आया। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों छोटे दलों के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर अटकलें तेज हैं।

फडणवीस का सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा, 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना।' उन्होंने बिना नाम लिए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर निशाना साधा और कहा कि जो व्यक्ति न कांग्रेस से जुड़ा है और न राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से, वही इस तरह की विलय-चर्चाएं शुरू कर देता है और पूरा राजनीतिक माहौल उसी पर बहस करने लगता है।

फडणवीस ने क्षेत्रीय दलों की समझदारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे किसी डूबते जहाज पर सवार नहीं होंगे। उनके शब्दों में, 'अगर विपक्षी दलों का कांग्रेस में विलय हो जाता है, तब भी BJP को कोई नुकसान नहीं होगा — विपक्ष जितना अपनी अलग पहचान खत्म करेगा, उतनी ही ज्यादा राजनीतिक जगह BJP के लिए खुलेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पार्टी 'इंतजार करो और देखो' की नीति पर चल रही है।

विलय की अटकलें और उनकी पृष्ठभूमि

यह विवाद तब और गहरा गया जब NCP (शरदचंद्र पवार गुट) के 27वें स्थापना दिवस के आसपास विलय की चर्चाएं तेज हुईं। कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने दावा किया कि शरद पवार की ओर से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन 'कुछ कारणों से उस पर आगे प्रगति नहीं हो सकी।' पटोले ने यह भी कहा कि देशभर में समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करने की प्रक्रिया चल रही है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) तथा NCP (SP) भी इस दिशा में विचार कर रहे हैं।

हालांकि, NCP (SP) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव न तो मिला है और न ही पार्टी में इस विषय पर कोई चर्चा हुई है। गौरतलब है कि शरद पवार के मुंबई स्थित आवास 'सिल्वर ओक' में हुई हालिया बैठक में भी विलय का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं था।

सुप्रिया सुले का संतुलित रुख

संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राउत देशहित में खुलकर अपनी राय रखते हैं और लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। सुले ने यह भी जोड़ा कि उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ BJP नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कांग्रेस को कमजोर पार्टी बताते हुए कहा कि लोग अंततः बेहतर विकल्प की तलाश में BJP की ओर आएंगे। उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक BJP का कोई मजबूत मुकाबला नहीं है और अगले 20 से 25 वर्षों तक पार्टी राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाएगी।

BJP नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने संभावित विलय पर व्यंग्य करते हुए कहा, 'राहुल गांधी और शरद पवार की जोड़ी शानदार रहेगी।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी होता है, लेकिन फिलहाल राज्य में विपक्ष लगभग नजर ही नहीं आता।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति सरकार सत्ता में मजबूत स्थिति में है और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विलय की अटकलों का भविष्य काफी हद तक NCP (SP) और TMC के शीर्ष नेतृत्व के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष की उस सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जो विपक्षी एकता की हर कोशिश को कमजोर दिखाने पर केंद्रित है। विडंबना यह है कि विलय की चर्चा को सबसे ज्यादा हवा उन्हीं BJP नेताओं के बयानों ने दी जो इसे खारिज करने का दावा कर रहे हैं। NCP (SP) के भीतर से ही परस्पर विरोधी संकेत आना — पटोले का दावा और शिंदे का खंडन — यह दर्शाता है कि महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में आंतरिक समन्वय अभी भी अधूरा है। जब तक विपक्ष एक स्वर में नहीं बोलता, सत्ता पक्ष के लिए इस भ्रम को भुनाना आसान रहेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM फडणवीस ने कांग्रेस को 'डूबता जहाज' क्यों कहा?
CM देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून 2026 को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस को 'डूबता जहाज' बताया, यह कहते हुए कि क्षेत्रीय दल इतने समझदार हैं कि वे किसी कमजोर पार्टी के साथ अपना भविष्य नहीं जोड़ेंगे। उनका यह बयान विपक्षी दलों के कांग्रेस में संभावित विलय की चर्चाओं के बीच आया।
क्या NCP (SP) वाकई कांग्रेस में विलय करने वाली है?
NCP (SP) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने विलय के दावों को खारिज किया है और कहा है कि न कोई प्रस्ताव मिला है और न पार्टी में इस पर चर्चा हुई है। हालांकि कांग्रेस नेता नाना पटोले ने दावा किया है कि शरद पवार की ओर से पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिससे विपक्षी खेमे में अंतर्विरोध सामने आया है।
संजय राउत ने विलय की अपील क्यों की?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सार्वजनिक रूप से विपक्षी दलों से कांग्रेस में विलय कर एक मजबूत मोर्चा बनाने की अपील की थी। CM फडणवीस ने बिना नाम लिए उन पर तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति न कांग्रेस से जुड़ा है और न NCP से, वही इस तरह की चर्चाएं शुरू कर रहा है।
BJP को विपक्षी विलय से फायदा कैसे होगा?
CM फडणवीस के अनुसार, विपक्ष जितना अपनी अलग पहचान खत्म करेगा, उतनी ही ज्यादा राजनीतिक जगह BJP के लिए खुलेगी। उनका तर्क है कि क्षेत्रीय दलों की अपनी अलग पहचान और मतदाता आधार होता है, और उसे कांग्रेस में समाहित करने से वह आधार बिखर सकता है।
सुप्रिया सुले ने विलय की चर्चाओं पर क्या कहा?
NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि संजय राउत देशहित में खुलकर अपनी राय रखते हैं और लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले