कांग्रेस 'डूबता जहाज' है, विपक्षी विलय से BJP को फायदा : CM देवेंद्र फडणवीस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस को 'डूबता जहाज' करार देते हुए कहा कि यदि विपक्षी दल कांग्रेस में विलय करते हैं, तो इसका सर्वाधिक लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलेगा। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आया। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों छोटे दलों के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर अटकलें तेज हैं।
फडणवीस का सीधा प्रहार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा, 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना।' उन्होंने बिना नाम लिए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर निशाना साधा और कहा कि जो व्यक्ति न कांग्रेस से जुड़ा है और न राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से, वही इस तरह की विलय-चर्चाएं शुरू कर देता है और पूरा राजनीतिक माहौल उसी पर बहस करने लगता है।
फडणवीस ने क्षेत्रीय दलों की समझदारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे किसी डूबते जहाज पर सवार नहीं होंगे। उनके शब्दों में, 'अगर विपक्षी दलों का कांग्रेस में विलय हो जाता है, तब भी BJP को कोई नुकसान नहीं होगा — विपक्ष जितना अपनी अलग पहचान खत्म करेगा, उतनी ही ज्यादा राजनीतिक जगह BJP के लिए खुलेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पार्टी 'इंतजार करो और देखो' की नीति पर चल रही है।
विलय की अटकलें और उनकी पृष्ठभूमि
यह विवाद तब और गहरा गया जब NCP (शरदचंद्र पवार गुट) के 27वें स्थापना दिवस के आसपास विलय की चर्चाएं तेज हुईं। कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने दावा किया कि शरद पवार की ओर से कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन 'कुछ कारणों से उस पर आगे प्रगति नहीं हो सकी।' पटोले ने यह भी कहा कि देशभर में समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करने की प्रक्रिया चल रही है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) तथा NCP (SP) भी इस दिशा में विचार कर रहे हैं।
हालांकि, NCP (SP) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव न तो मिला है और न ही पार्टी में इस विषय पर कोई चर्चा हुई है। गौरतलब है कि शरद पवार के मुंबई स्थित आवास 'सिल्वर ओक' में हुई हालिया बैठक में भी विलय का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं था।
सुप्रिया सुले का संतुलित रुख
संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राउत देशहित में खुलकर अपनी राय रखते हैं और लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। सुले ने यह भी जोड़ा कि उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा।
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ BJP नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कांग्रेस को कमजोर पार्टी बताते हुए कहा कि लोग अंततः बेहतर विकल्प की तलाश में BJP की ओर आएंगे। उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक BJP का कोई मजबूत मुकाबला नहीं है और अगले 20 से 25 वर्षों तक पार्टी राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाएगी।
BJP नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने संभावित विलय पर व्यंग्य करते हुए कहा, 'राहुल गांधी और शरद पवार की जोड़ी शानदार रहेगी।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी होता है, लेकिन फिलहाल राज्य में विपक्ष लगभग नजर ही नहीं आता।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति सरकार सत्ता में मजबूत स्थिति में है और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विलय की अटकलों का भविष्य काफी हद तक NCP (SP) और TMC के शीर्ष नेतृत्व के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।