सीपीआई-एमएल ने लेफ्ट फ्रंट के सहयोग से बंगाल चुनाव में 10 सीटों पर लड़ने का लिया निर्णय

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सीपीआई-एमएल ने लेफ्ट फ्रंट के सहयोग से बंगाल चुनाव में 10 सीटों पर लड़ने का लिया निर्णय

सारांश

कोलकाता में सीपीआई-एमएल ने आगामी विधानसभा चुनाव में लेफ्ट फ्रंट के साथ मिलकर 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। उनका उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ एकजुट होना है।

मुख्य बातें

सीपीआई-एमएल का लेफ्ट फ्रंट के साथ गठबंधन 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ एकता चुनाव की तारीखें: 23 और 29 अप्रैल मतगणना 4 मई को होगी

कोलकाता, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (सीपीआई-एमएल) आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के साथ मिलकर 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

पार्टी की पश्चिम बंगाल राज्य समिति ने सोमवार को एक बयान में कहा कि लेफ्ट फ्रंट के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय राज्य में “भ्रष्ट” अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने और “फासीवादी” भारतीय जनता पार्टी-आरएसएस गठजोड़ को सत्ता में आने से रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

बयान में यह भी कहा गया, “हमारा यह फैसला राज्य में वामपंथी ताकतों के पुनर्जीवन के लिए भी लिया गया है। पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट के अध्यक्ष बिमान बोस और सीपीआई(एम) नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत के बाद हमने इस बार 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे, उनके नाम बाद में घोषित किए जाएंगे।”

सीपीआई-एमएल ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भी लड़े थे, लेकिन उस समय उसका लेफ्ट फ्रंट के साथ कोई गठबंधन या सीट बंटवारा नहीं था। उस समय पार्टी नेतृत्व ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को समान विरोधी मानने के लिए सीपीआई(एम) की आलोचना की थी और लोगों से भाजपा के अलावा किसी अन्य राजनीतिक दल को चुनने की अपील की थी।

इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट के साथ 2016 से चले आ रहे सीट बंटवारे के समझौते को समाप्त कर राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

वहीं, लेफ्ट फ्रंट ने सोमवार को 192 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जबकि बाकी उम्मीदवारों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। सीपीआई(एम) नेतृत्व ने अखिल भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा के साथ सीट बंटवारे का समझौता जारी रखा है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अगले महीने दो चरणों में होंगे - 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपीआई-एमएल कौन सी सीटों पर चुनाव लड़ेगी?
सीपीआई-एमएल लेफ्ट फ्रंट के साथ 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिनके नाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
बंगाल विधानसभा चुनाव कब होंगे?
बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, और मतगणना 4 मई को की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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