कांग्रेस हिंदू और संविधान विरोधी हो चुकी है — भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि का बेंगलुरु में तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा एमएलसी और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि ने सोमवार, 22 जून को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी और संविधान-विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया। यह बयान उस समय आया जब केपीसीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को लोकतंत्र और संविधान का दुश्मन बताया था।
कांग्रेस नेताओं पर सीधा निशाना
रवि ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और बी.के. हरिप्रसाद ने हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 'जो लोग असल में संविधान के विरोधी हैं, वे खुद कांग्रेस नेता ही हैं।'
रवि ने यह भी कहा कि संविधान में स्वयं भगवान राम, भगवान कृष्ण और गौतम बुद्ध की तस्वीरें हैं और भारत को बुद्ध तथा बसवन्ना की विचारधाराओं से निर्देशित होना चाहिए, जो उनके अनुसार सभी धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देती हैं।
हिंदुत्व और सर्वोच्च न्यायालय का संदर्भ
भाजपा एमएलसी ने कहा, 'भारतीय सोच में सभी रास्तों और धर्मों के लिए सम्मान है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं हिंदुत्व को जीवन जीने का एक तरीका बताया है। कांग्रेस नेता इन पहलुओं को समझे बिना आरोप लगाती है।' उन्होंने आगे कहा कि हिंदुत्व के बिना भारत का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
संविधान संशोधन पर कांग्रेस को घेरा
रवि ने दावा किया कि अब तक संविधान में 106 बार संशोधन किए गए हैं, जिनमें से 76 संशोधन कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए। उन्होंने आरोप लगाया, 'कांग्रेस ने ये संशोधन अपने फायदे और सत्ता के दुरुपयोग के लिए किए।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द पर्याप्त चर्चा के बिना संविधान में जोड़े गए और दावा किया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने ऐसे बदलावों का विरोध किया था।
इमरजेंसी और लोकतंत्र का मुद्दा
रवि ने कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को सीमित करने और विपक्षी नेताओं को जेल में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने ही इमरजेंसी लगाई, लोकतंत्र का गला घोंटा और संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों को सीमित किया। वही पार्टी अब संविधान की रक्षा की बात कर रही है।'
नेतृत्व और राजनीतिक विरासत पर सवाल
लोकतंत्र में नेतृत्व की चर्चा करते हुए रवि ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता द्वारा चुने गए नेता हैं। राहुल गांधी जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि राजनीतिक विरासत से आगे आए नेता हैं।' उन्होंने जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक की वंशवादी श्रृंखला का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चे लोकतंत्र में नेता जन-संघर्षों और लोगों के जीवन से जुड़कर सामने आते हैं। रवि ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदू-विरोधी रवैये के कारण ही कांग्रेस राज्य दर राज्य सत्ता खोती जा रही है।