11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांग्रेस हिंदू और संविधान विरोधी हो चुकी है — भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि का बेंगलुरु में तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांग्रेस हिंदू और संविधान विरोधी हो चुकी है — भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि का बेंगलुरु में तीखा हमला

सारांश

भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि ने बेंगलुरु में कांग्रेस पर पलटवार किया — हिंदू-विरोधी राजनीति, 76 संविधान संशोधन और इमरजेंसी का हवाला देते हुए कहा कि संविधान की रक्षा का दावा करने वाली कांग्रेस ही असल में उसकी सबसे बड़ी उल्लंघनकर्ता रही है।

मुख्य बातें

रवि ने 22 जून को बेंगलुरु में कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी और संविधान-विरोधी होने का आरोप लगाया।
रवि के अनुसार संविधान में अब तक हुए 106 संशोधनों में से 76 कांग्रेस सरकारों ने किए।
उन्होंने कांग्रेस पर इमरजेंसी के दौरान मौलिक अधिकार सीमित करने और विपक्षी नेताओं को जेल भेजने का आरोप लगाया।
सर्वोच्च न्यायालय के हिंदुत्व को 'जीवन जीने का तरीका' बताने वाले फैसले का हवाला देते हुए कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया।
रवि ने राहुल गांधी को वंशवादी राजनीति का उदाहरण बताया और नरेंद्र मोदी को जन-निर्वाचित नेता कहा।

भाजपा एमएलसी और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि ने सोमवार, 22 जून को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी और संविधान-विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया। यह बयान उस समय आया जब केपीसीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को लोकतंत्र और संविधान का दुश्मन बताया था।

कांग्रेस नेताओं पर सीधा निशाना

रवि ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और बी.के. हरिप्रसाद ने हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 'जो लोग असल में संविधान के विरोधी हैं, वे खुद कांग्रेस नेता ही हैं।'

रवि ने यह भी कहा कि संविधान में स्वयं भगवान राम, भगवान कृष्ण और गौतम बुद्ध की तस्वीरें हैं और भारत को बुद्ध तथा बसवन्ना की विचारधाराओं से निर्देशित होना चाहिए, जो उनके अनुसार सभी धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देती हैं।

हिंदुत्व और सर्वोच्च न्यायालय का संदर्भ

भाजपा एमएलसी ने कहा, 'भारतीय सोच में सभी रास्तों और धर्मों के लिए सम्मान है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं हिंदुत्व को जीवन जीने का एक तरीका बताया है। कांग्रेस नेता इन पहलुओं को समझे बिना आरोप लगाती है।' उन्होंने आगे कहा कि हिंदुत्व के बिना भारत का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

संविधान संशोधन पर कांग्रेस को घेरा

रवि ने दावा किया कि अब तक संविधान में 106 बार संशोधन किए गए हैं, जिनमें से 76 संशोधन कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए। उन्होंने आरोप लगाया, 'कांग्रेस ने ये संशोधन अपने फायदे और सत्ता के दुरुपयोग के लिए किए।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द पर्याप्त चर्चा के बिना संविधान में जोड़े गए और दावा किया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने ऐसे बदलावों का विरोध किया था।

इमरजेंसी और लोकतंत्र का मुद्दा

रवि ने कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को सीमित करने और विपक्षी नेताओं को जेल में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने ही इमरजेंसी लगाई, लोकतंत्र का गला घोंटा और संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों को सीमित किया। वही पार्टी अब संविधान की रक्षा की बात कर रही है।'

नेतृत्व और राजनीतिक विरासत पर सवाल

लोकतंत्र में नेतृत्व की चर्चा करते हुए रवि ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता द्वारा चुने गए नेता हैं। राहुल गांधी जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि राजनीतिक विरासत से आगे आए नेता हैं।' उन्होंने जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक की वंशवादी श्रृंखला का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चे लोकतंत्र में नेता जन-संघर्षों और लोगों के जीवन से जुड़कर सामने आते हैं। रवि ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदू-विरोधी रवैये के कारण ही कांग्रेस राज्य दर राज्य सत्ता खोती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित पलटवार की रणनीति है। हालाँकि, रवि ने जो आँकड़ा दिया — 106 में से 76 संशोधन कांग्रेस द्वारा — वह तथ्यात्मक रूप से सत्यापन माँगता है, क्योंकि संशोधनों की संख्या और उनके उद्देश्य पर इतिहासकारों और संवैधानिक विशेषज्ञों में मतभेद हैं। डॉ. अंबेडकर के विरोध का दावा भी बिना प्राथमिक स्रोत के प्रचलन में है। असली राजनीतिक संदेश यह है कि भाजपा कर्नाटक में कांग्रेस की 'संविधान बचाओ' कथा को उसी के हथियार से काटना चाहती है — और 2024 के बाद से यह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की केंद्रीय प्रति-कथा बन चुकी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सी.टी. रवि ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि ने 22 जून को बेंगलुरु में कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी, संविधान-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी होने के आरोप लगाए। उन्होंने इमरजेंसी, संविधान संशोधनों और वंशवादी नेतृत्व को अपने तर्क का आधार बनाया।
सी.टी. रवि ने संविधान संशोधन के बारे में क्या कहा?
रवि ने दावा किया कि संविधान में अब तक 106 संशोधन हुए हैं, जिनमें से 76 कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संशोधन पार्टी के राजनीतिक हितों और सत्ता के दुरुपयोग के लिए किए गए।
यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान केपीसीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह के बाद आया, जिसमें सिद्दारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे और हरिप्रसाद ने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र विरोधी होने के आरोप लगाए थे। रवि ने उन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए यह पलटवार किया।
रवि ने हिंदुत्व के समर्थन में क्या तर्क दिया?
रवि ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं हिंदुत्व को जीवन जीने का एक तरीका बताया है और संविधान में भगवान राम, कृष्ण व गौतम बुद्ध की तस्वीरें हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत की पहचान हिंदुत्व से अविभाज्य है।
रवि ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की?
रवि ने राहुल गांधी को वंशवादी राजनीति का प्रतीक बताया और कहा कि वे जनादेश से नहीं, बल्कि राजनीतिक विरासत के बल पर आगे आए हैं। उन्होंने नेहरू से राहुल गांधी तक की वंश-परंपरा का उल्लेख करते हुए इसे सच्चे लोकतंत्र के विपरीत बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले