दानापुर आर्मी कैंट में देश का पहला 'सिंदूर पार्क' स्थापित, 350 बिक्सा ओरेलाना पौधे लगाए
सारांश
मुख्य बातें
दानापुर आर्मी कैंटोनमेंट, बिहार में 21 जुलाई 2026 को देश का पहला 'सिंदूर पार्क' स्थापित किया गया, जिसमें 350 सिंदूर (बिक्सा ओरेलाना) के पौधे रोपे गए। यह पार्क भारतीय सेना की वीरता, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह और झारखंड एवं बिहार सब एरिया (दानापुर) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से सिंदूर के पौधे रोपे। कार्यक्रम में BAU के निदेशक प्रशासन डॉ. राजेश कुमार, निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह, ARI पटना के निदेशक डॉ. शिवनाथ दास, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की प्रतिक्रिया
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि यह सिंदूर पार्क भारतीय सेना और नागरिक समाज के बीच विश्वास, सहयोग तथा साझा उत्तरदायित्व का जीवंत प्रतीक बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगी कि देश की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों ही राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने प्राकृतिक सिंदूर के संरक्षण, अनुसंधान और व्यावसायीकरण की दिशा में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिलेगी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
BAU के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने स्पष्ट किया कि यह देश का पहला सेना कैंटोनमेंट है जहाँ सिंदूर पार्क की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि सिंदूर का लाल रंग केवल एक प्राकृतिक रंग नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण, अखंडता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने इस पहल को भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' की भावना से जोड़ते हुए कहा कि जिस प्रकार वह अभियान राष्ट्र की सुरक्षा और साहस का प्रतीक बना, उसी प्रकार यह पार्क राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण का स्थायी संदेश देगा।
आम जनता और ग्रामीण आजीविका पर असर
कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने बताया कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय प्राकृतिक सिंदूर के वैज्ञानिक उत्पादन, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण महिलाओं के माध्यम से इसके व्यावसायीकरण पर निरंतर कार्य कर रहा है। गौरतलब है कि बिक्सा ओरेलाना से प्राप्त प्राकृतिक सिंदूर रासायनिक विकल्पों की तुलना में पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है, जो ग्रामीण उद्यमिता के लिए नए अवसर खोल सकता है।
क्या होगा आगे
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस पहल को महज वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र, प्रकृति और समाज के प्रति साझा उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश बताया। BAU के कुलपति ने विश्वास जताया कि दानापुर आर्मी कैंट में स्थापित यह सिंदूर पार्क देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।