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दौंड: 19 आपराधिक मामलों वाले आरोपी दत्ता शिंदे को यवत पुलिस ने 2 साल के लिए किया तड़ीपार

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दौंड: 19 आपराधिक मामलों वाले आरोपी दत्ता शिंदे को यवत पुलिस ने 2 साल के लिए किया तड़ीपार

सारांश

दौंड के यवत पुलिस स्टेशन ने 19 आपराधिक मामलों वाले कुख्यात आरोपी दत्ता अशोक शिंदे को 2 साल के लिए पुणे जिले व अहिल्यानगर के दो तालुकाओं से तड़ीपार किया। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(बी) के तहत हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में राहत की उम्मीद।

मुख्य बातें

यवत पुलिस स्टेशन ने दत्ता अशोक शिंदे (उम्र 29 वर्ष) को 16 सितंबर 2026 को 2 वर्षों के लिए जिला बदर किया।
आरोपी पर 19 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं; निवासी राहू, तहसील दौंड, जिला पुणे ।
कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(बी) के तहत उपविभागीय अधिकारी दौंड की मंजूरी से हुई।
निष्कासन की सीमा: पुणे जिला (पुणे शहर व पिंपरी-चिंचवड़ सहित) और अहिल्यानगर जिले के कर्जत व श्रीगोंदा तालुका ।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल्ल और पुलिस निरीक्षक संतोष तासगावकर की टीम ने अंजाम दी।

यवत पुलिस स्टेशन ने 16 सितंबर 2026 को दौंड, पुणे के कुख्यात आरोपी दत्ता अशोक शिंदे (उम्र 29 वर्ष, निवासी राहू, तहसील दौंड, जिला पुणे) को दो वर्षों के लिए जिला बदर (तड़ीपार) करने की कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी पर कुल 19 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके चलते क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ था।

कानूनी आधार और प्रक्रिया

यवत पुलिस स्टेशन ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(बी) के अंतर्गत आरोपी के विरुद्ध जिला बदर का प्रस्ताव तैयार कर उपविभागीय अधिकारी, दौंड के समक्ष प्रस्तुत किया। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्ताव की विधिवत समीक्षा और स्वीकृति के बाद आदेश लागू किया गया।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की यह धारा उन व्यक्तियों पर लागू होती है जिनकी आपराधिक गतिविधियाँ किसी क्षेत्र की सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए सीधा खतरा बनती हैं।

निष्कासन की सीमा

दत्ता शिंदे को पुणे जिले (पुणे शहर एवं पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र सहित) तथा अहिल्यानगर जिले के कर्जत और श्रीगोंदा तालुका की सीमाओं से अगले दो वर्षों के लिए पूर्णतः निष्कासित किया गया है। इस अवधि में आरोपी का इन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मार्गदर्शन में शामिल वरिष्ठ अधिकारी

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी बापुराव दडस के निर्देशन में सम्पन्न हुई। यवत पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक संतोष तासगावकर एवं उनकी टीम ने इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।

क्षेत्र पर असर और आगे की राह

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 19 आपराधिक मामलों के साथ दर्ज आरोपी की सक्रियता से क्षेत्र के निवासियों में जो भय व्याप्त था, उसे देखते हुए यह प्रशासनिक कदम स्थानीय सुरक्षा के नज़रिए से उल्लेखनीय है।

पुलिस के अनुसार, तड़ीपारी आदेश का उल्लंघन करने पर आरोपी के विरुद्ध अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह देखना होगा कि आने वाले समय में क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में कितनी कमी आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसीलिए पुलिस प्रशासनिक बाहर-निकासी के रास्ते को प्राथमिकता दे रही है। तड़ीपारी एक त्वरित उपाय तो है, लेकिन यह मूल समस्या का समाधान नहीं — आरोपी को महज़ एक जिले से दूसरे में धकेलना, उस पर चल रहे मामलों के निपटारे की गति में सुधार नहीं करता। असली सवाल यह है कि 19 मामलों के बावजूद त्वरित न्यायिक दोष-सिद्धि क्यों संभव नहीं हो पाई।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दत्ता शिंदे को तड़ीपार क्यों किया गया?
दत्ता अशोक शिंदे पर कुल 19 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके कारण दौंड क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए यवत पुलिस स्टेशन ने उन्हें दो वर्षों के लिए जिला बदर करने का कदम उठाया।
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(बी) क्या है?
यह धारा पुलिस को उन व्यक्तियों को किसी निर्धारित क्षेत्र से निष्कासित करने का अधिकार देती है जिनकी उपस्थिति सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए खतरा मानी जाती है। इस प्रावधान के तहत आदेश उपविभागीय अधिकारी की मंजूरी से जारी होता है।
दत्ता शिंदे को किन-किन क्षेत्रों से बाहर किया गया है?
उन्हें पुणे जिले (पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र सहित) तथा अहिल्यानगर जिले के कर्जत और श्रीगोंदा तालुका की सीमाओं से अगले दो वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है।
यह कार्रवाई किस पुलिस अधिकारी की देखरेख में हुई?
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार और उपविभागीय पुलिस अधिकारी बापुराव दडस के मार्गदर्शन में हुई। यवत पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक संतोष तासगावकर एवं उनकी टीम ने इसे अंजाम दिया।
तड़ीपारी आदेश का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
यदि आरोपी दत्ता शिंदे तड़ीपारी अवधि में निषिद्ध क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं, तो उनके विरुद्ध अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, आदेश के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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