16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव

सारांश

140 साल पुराने दीपिका मलयालम दैनिक के स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कोट्टायम में कहा — जिम्मेदार, निष्पक्ष और तथ्यात्मक पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने संपादकीयकरण की बढ़ती प्रवृत्ति और डिजिटल युग में गलत सूचनाओं के खतरे पर भी आगाह किया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 31 मई 2026 को कोट्टायम में दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया।
दीपिका उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में प्रदान किए गए; उपराष्ट्रपति ने दीपिका की विरासत को 'प्रतिबद्धता, साहस और जनसेवा' का प्रतीक बताया।
राधाकृष्णन ने समाचार रिपोर्टिंग में संपादकीयकरण की बढ़ती प्रवृत्ति के प्रति आगाह किया और वस्तुनिष्ठता पर जोर दिया।
उन्होंने गलत सूचनाओं , घटते जनविश्वास और डिजिटल प्लेटफार्मों के दबाव को मीडिया की प्रमुख चुनौतियाँ बताया।
समारोह में केरल के राज्यपाल , मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और अन्य प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार, 31 मई 2026 को केरल के कोट्टायम स्थित केसी मम्मेन मप्पिल्लई हॉल में आयोजित दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की और दीपिका उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने जिम्मेदार पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताते हुए मीडिया के सामने खड़ी चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की।

140 वर्षों की विरासत

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दीपिका के 140 वर्षों के सफर को 'प्रतिबद्धता, साहस, विश्वसनीयता और जनसेवा की एक उल्लेखनीय विरासत' बताया। उन्होंने कहा कि 19वीं सदी के उत्तरार्ध में, जब शिक्षा और संचार के साधन अत्यंत सीमित थे, प्रकाशन शुरू करने के लिए असाधारण दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता की आवश्यकता थी। उन्होंने पीढ़ियों से सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मक सार्वजनिक संवाद को बढ़ावा देने तथा केरल के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र को समृद्ध करने के लिए दीपिका की विशेष सराहना की।

जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर

उपराष्ट्रपति ने लोकतंत्र में जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि राजनीतिक नेतृत्व सार्वजनिक जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और रचनात्मक आलोचना निष्पक्ष एवं संतुलित होनी चाहिए। उनके अनुसार, 'पत्रकारिता का सच्चा धर्म अच्छे कार्यों की सराहना करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर गलत कार्यों की निडरता से आलोचना करना है।' उन्होंने यह भी कहा कि समाचार पत्रों की सामाजिक जिम्मेदारी केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है — पत्रकारिता को आशा, नवाचार, करुणा और वैज्ञानिक प्रगति की कहानियों को भी उजागर करना चाहिए, क्योंकि ऐसी रचनात्मक पत्रकारिता युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें राष्ट्र निर्माण की ओर प्रेरित करती है।

संपादकीयकरण की बढ़ती प्रवृत्ति पर चेतावनी

राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि संपादकीय राय व्यक्त करने का वैध स्थान है, जबकि समाचार रिपोर्टिंग वस्तुनिष्ठ और तथ्यात्मक होनी चाहिए। उन्होंने समाचार रिपोर्टिंग में संपादकीयकरण की बढ़ती प्रवृत्ति के प्रति आगाह किया। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डिजिटल युग में 'ओपिनियन' और 'न्यूज़' के बीच की रेखा लगातार धुंधली होती जा रही है।

मीडिया के बदलते परिदृश्य पर चिंता

उपराष्ट्रपति ने मीडिया के बदलते परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए गलत सूचनाओं की बढ़ती चुनौती, घटते जनविश्वास, व्यावसायिक दबाव और डिजिटल प्लेटफार्मों द्वारा लाए गए तीव्र परिवर्तन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आज लोग मुद्दों और बहसों में गहराई से शामिल हुए बिना ही कैप्शन और हेडलाइन से प्रभावित हो रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के सामने हर चुनौती एक अवसर भी प्रस्तुत करती है।

समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस ऐतिहासिक समारोह में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, केरल विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस, कोट्टायम के आर्कबिशप मार मैथ्यू मूलक्कट, राष्ट्र दीपिका लिमिटेड के अध्यक्ष फ्रांसिस क्लीटस, प्रबंध निदेशक माइकल वेटिकट और मुख्य संपादक डॉ. जॉर्ज कुडिलिल उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति ने दीपिका के प्रबंधन, कर्मचारियों, योगदानकर्ताओं, विज्ञापनदाताओं, वितरकों और पाठकों को बधाई देते हुए समाचार पत्र को समाज और राष्ट्र की सेवा में आने वाले वर्षों तक सफलता, प्रासंगिकता और उत्कृष्टता की कामना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि 'जिम्मेदार पत्रकारिता' की माँग अक्सर सत्ता-पक्ष के अनुकूल कवरेज की अपेक्षा के साथ मिश्रित हो जाती है — इस विरोधाभास को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 140 साल की विरासत वाले दीपिका जैसे संस्थान के मंच से यह संदेश मीडिया जगत के लिए आत्मनिरीक्षण का निमंत्रण है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिका मलयालम दैनिक का 140वाँ स्थापना दिवस समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह समारोह 31 मई 2026 को केरल के कोट्टायम स्थित केसी मम्मेन मप्पिल्लई हॉल में आयोजित हुआ। इसमें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दीपिका उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पत्रकारिता पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। उनके अनुसार पत्रकारिता का सच्चा धर्म अच्छे कार्यों की सराहना और गलत कार्यों की निडर आलोचना दोनों करना है, और समाचार रिपोर्टिंग हमेशा वस्तुनिष्ठ एवं तथ्यात्मक होनी चाहिए।
दीपिका मलयालम दैनिक की स्थापना कब हुई थी?
दीपिका मलयालम दैनिक की स्थापना 19वीं सदी के उत्तरार्ध में हुई थी, अर्थात् लगभग 140 वर्ष पूर्व। उपराष्ट्रपति ने उस दौर में प्रकाशन शुरू करने को असाधारण दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता का प्रतीक बताया।
उपराष्ट्रपति ने मीडिया की किन चुनौतियों का जिक्र किया?
उन्होंने गलत सूचनाओं की बढ़ती चुनौती, घटते जनविश्वास, व्यावसायिक दबाव और डिजिटल प्लेटफार्मों के तीव्र प्रभाव को प्रमुख चुनौतियाँ बताया। उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि लोग अब मुद्दों में गहराई से शामिल हुए बिना केवल कैप्शन और हेडलाइन से प्रभावित हो रहे हैं।
दीपिका के 140वें स्थापना दिवस समारोह में कौन-कौन से प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे?
समारोह में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस, कोट्टायम के आर्कबिशप मार मैथ्यू मूलक्कट और राष्ट्र दीपिका लिमिटेड के अध्यक्ष फ्रांसिस क्लीटस सहित अनेक गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित रहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले