30 जून 2026
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दिल्ली में दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, ट्रांसजेंडर बनकर करते थे अवैध गतिविधियाँ

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दिल्ली में दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, ट्रांसजेंडर बनकर करते थे अवैध गतिविधियाँ

सारांश

दिल्ली पुलिस की विदेशी शाखा ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक पहले निर्वासित हो चुका था और फिर अवैध रूप से लौट आया था। दोनों पर रात के समय ट्रांसजेंडर का वेश धारण कर अवैध गतिविधियाँ चलाने और मिर्च स्प्रे रखने का आरोप है। एफआरआरओ के ज़रिए पुनः निर्वासन की प्रक्रिया शुरू।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिले की विदेशी शाखा ने 30 जून 2026 को दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।
मोहम्मद रूहुल अमीन (25) को जून 2025 में भी भारत से निर्वासित किया गया था; वह अवैध रूप से पुनः प्रवेश कर महेंद्र पार्क में रह रहा था।
दूसरे आरोपी मोहम्मद जिबोन मिया (36) पर रसोइए के रूप में काम करने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
मंडी इलाके में ट्रांसजेंडर का वेश धारण कर ग्राहकों को लुभाने और मिर्च स्प्रे का उपयोग करने का आरोप है।
बरामदगी में दो स्मार्टफोन (प्रतिबंधित आईएमओ ऐप सहित), मिर्च स्प्रे और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र शामिल हैं।
दोनों को एफआरआरओ के समक्ष पेश कर पुनः बांग्लादेश निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिले की विदेशी शाखा ने 30 जून 2026 को अवैध प्रवासियों के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के तहत दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक आरोपी को पहले भी भारत से निर्वासित किया जा चुका था, लेकिन वह अवैध रूप से पुनः देश में प्रवेश कर नई दिल्ली के महेंद्र पार्क इलाके में रह रहा था।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार, पहले आरोपी की पहचान मोहम्मद रूहुल अमीन उर्फ तुली दास (25) के रूप में हुई है। वह जून 2025 में भी विदेशी शाखा की कार्रवाई में पकड़ा गया था और उसे बांग्लादेश निर्वासित किया गया था। इसके बावजूद वह दोबारा अवैध रूप से भारत में घुस आया। दूसरे आरोपी की पहचान मोहम्मद जिबोन मिया उर्फ लिली (36) के रूप में हुई है, जो एक रसोइए के रूप में काम कर रहा था।

कैसे हुई गिरफ्तारी

विदेशी शाखा को जिले में सक्रिय बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर एसीपी ऑपरेशन्स राजीव ढाका की निगरानी और इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई श्यामबीर, एचसी विक्रम, एचसी कपिल कुमार, एचसी प्रवीण, महिला एचसी सीमा, महिला एचसी दीपक, कांस्टेबल निशांत और कांस्टेबल दीपक बांगर शामिल थे। इस टीम ने निगरानी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में क्या सामने आया

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों के पास भारत में वैध रूप से रहने या काम करने से संबंधित कोई दस्तावेज़ नहीं मिले। पुलिस का दावा है कि दोनों रात के समय एन.एस. मंडी इलाके में ट्रांसजेंडर का वेश धारण कर ग्राहकों को लुभाते थे और कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के दौरान मिर्च स्प्रे का उपयोग करते थे। आरोपी रूहुल अमीन के बैग से एक मिर्च स्प्रे बरामद किया गया।

बरामदगी और जाँच

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो स्मार्टफोन जब्त किए, जिनमें प्रतिबंधित आईएमओ ऐप इंस्टॉल था। इसके अतिरिक्त उनके पास बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र भी मिले। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस अब दोनों की गतिविधियों, अवैध प्रवेश के नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की जाँच कर रही है।

आगे की कार्रवाई

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः बांग्लादेश निर्वासित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला उस बड़ी चुनौती की ओर संकेत करता है जिसमें एक बार निर्वासित व्यक्ति दोबारा अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में प्रवेश कर लेते हैं — और इस पर अंकुश लगाने के लिए तंत्र को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक कौन हैं?
गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान मोहम्मद रूहुल अमीन उर्फ तुली दास (25) और मोहम्मद जिबोन मिया उर्फ लिली (36) के रूप में हुई है। दोनों बांग्लादेशी नागरिक हैं और इनके पास भारत में रहने के कोई वैध दस्तावेज़ नहीं थे।
रूहुल अमीन को पहले भी क्यों निर्वासित किया गया था?
पुलिस के अनुसार, रूहुल अमीन को जून 2025 में भी विदेशी शाखा की कार्रवाई में पकड़ा गया था और उसे बांग्लादेश निर्वासित किया गया था। इसके बावजूद वह अवैध रूप से दोबारा भारत में प्रवेश कर दिल्ली के महेंद्र पार्क इलाके में रहने लगा।
दोनों आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
पुलिस का दावा है कि दोनों रात के समय एन.एस. मंडी इलाके में ट्रांसजेंडर का वेश धारण कर ग्राहकों को लुभाते थे और अवैध गतिविधियों के दौरान मिर्च स्प्रे का उपयोग करते थे। दोनों के पास कोई वैध यात्रा दस्तावेज़ नहीं था और उनके फोन में प्रतिबंधित आईएमओ ऐप मिला।
गिरफ्तारी के बाद अब क्या होगा?
दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एफआरआरओ के समक्ष पेश किया गया है और उन्हें पुनः बांग्लादेश निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस उनके अवैध प्रवेश नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भी जाँच कर रही है।
विदेशी शाखा का यह अभियान किसकी निगरानी में चला?
यह अभियान एसीपी ऑपरेशन्स राजीव ढाका की निगरानी और इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में चला। टीम में कई पुलिसकर्मी शामिल थे जिन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर निगरानी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
राष्ट्र प्रेस
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