1 जुलाई 2026
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आईपीएस दीपक गहलावत को दिल्ली अदालत ने भेजा एक दिन की सीबीआई रिमांड पर, रिश्वत मामले में गिरफ्तारी

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आईपीएस दीपक गहलावत को दिल्ली अदालत ने भेजा एक दिन की सीबीआई रिमांड पर, रिश्वत मामले में गिरफ्तारी

सारांश

हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को सीबीआई ने 1 जुलाई को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पाँच दिन की रिमांड माँग के विरुद्ध केवल एक दिन की हिरासत मंजूर की। मामला पुडुचेरी में नकली दवाओं से जुड़े सीबीआई केस में अवैध प्रभाव के इस्तेमाल से संबंधित है।

मुख्य बातें

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को आईपीएस दीपक गहलावत को एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा।
गहलावत 2012 बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी हैं और बीसीएएस में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।
सीबीआई ने पाँच दिन की रिमांड माँगी थी, जिसे अदालत ने आंशिक रूप से स्वीकार कर एक दिन तक सीमित किया।
बचाव पक्ष ने बैंक खाते में जमा ₹50,000 को पुरानी कार की बिक्री की अग्रिम राशि बताया।
इस मामले में पहले दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह सहित छह अन्य निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामला पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई मामलों में अवैध प्रभाव के दुरुपयोग से संबंधित है।

नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को 2012 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को कथित रिश्वत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक दिन की हिरासत में भेज दिया। गहलावत को सीबीआई ने उसी दिन गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहाँ एजेंसी ने पाँच दिन की रिमांड की माँग रखी थी।

मामले की पृष्ठभूमि

गहलावत वर्तमान में नई दिल्ली स्थित नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। सीबीआई के अनुसार, यह मामला मूलतः 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि गहलावत ने अवैध रिश्वत की मांग की, यह दावा करते हुए कि वे पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई मामलों में कुछ निजी व्यक्तियों को राहत दिलाने के लिए अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अदालत में बचाव पक्ष के तर्क

गहलावत के वकील ने सीबीआई की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आईपीएस अधिकारी पहले ही चार बार जांच में शामिल हो चुके हैं और पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि उनके बैंक खाते में कथित तौर पर जमा ₹50,000 रुपए उनकी पुरानी कार की बिक्री के लिए प्राप्त अग्रिम राशि मात्र थे। वकील ने यह भी कहा कि कोई भी लोक सेवक रिश्वत की राशि अपने निजी बैंक खाते में स्वीकार नहीं करेगा।

सीबीआई की जांच का दायरा

इस मामले में इससे पहले सीबीआई दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और छह अन्य निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत ने जांच एजेंसी की पाँच दिन की रिमांड माँग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए केवल एक दिन की हिरासत की अनुमति दी, जो बचाव पक्ष की दलीलों को आंशिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

एक दिन की सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद गहलावत को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ जांच की प्रगति के आधार पर आगे की कार्यवाही तय होगी। यह मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आचरण और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अफसरों की जवाबदेही के व्यापक सवाल भी उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अदालत का पाँच दिन की बजाय केवल एक दिन की रिमांड देना संकेत देता है कि न्यायपालिका ने बचाव पक्ष के सहयोग के तर्क को नज़रअंदाज़ नहीं किया। ध्यान देने योग्य है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामले प्रायः राज्य और केंद्र सरकार के बीच प्रशासनिक खींचतान को भी उजागर करते हैं। ₹50,000 जैसी अपेक्षाकृत छोटी राशि और 'कार बिक्री' का बचाव — यदि सत्यापित हो — तो जांच की दिशा और सबूतों की मज़बूती पर गंभीर सवाल खड़े करता है। असली परीक्षा यह होगी कि सीबीआई एक दिन की हिरासत में क्या ठोस साक्ष्य जुटा पाती है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीएस दीपक गहलावत को सीबीआई ने किस मामले में गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने दीपक गहलावत को कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया। जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि उन्होंने पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई मामलों में कुछ निजी व्यक्तियों को राहत दिलाने के लिए अपने प्रभाव के इस्तेमाल की एवज में अवैध रिश्वत माँगी थी।
दिल्ली अदालत ने सीबीआई को कितने दिन की रिमांड दी?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की पाँच दिन की रिमांड माँग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए केवल एक दिन की हिरासत की अनुमति दी। अदालत ने बचाव पक्ष के इस तर्क पर भी ध्यान दिया कि गहलावत पहले ही चार बार जांच में सहयोग कर चुके हैं।
दीपक गहलावत के वकील ने अदालत में क्या तर्क दिए?
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि गहलावत चार बार जांच में शामिल हो चुके हैं और सहयोग किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक खाते में जमा ₹50,000 पुरानी कार की बिक्री की अग्रिम राशि थी, और कोई भी लोक सेवक रिश्वत की राशि अपने निजी खाते में नहीं लेगा।
इस सीबीआई मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में सीबीआई दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और छह अन्य निजी व्यक्तियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दीपक गहलावत की गिरफ्तारी इस श्रृंखला में नवीनतम कदम है।
दीपक गहलावत कौन हैं और वे कहाँ तैनात थे?
दीपक गहलावत 2012 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। गिरफ्तारी के समय वे नई दिल्ली स्थित नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे।
राष्ट्र प्रेस
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