दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू ने कमला नेहरू रिज पर छात्रों संग लगाए देशी पौधे, DDA को दिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार, 31 जुलाई को उत्तरी दिल्ली के कमला नेहरू रिज पर देशी प्रजातियों के पौधे रोपे। यह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के एकदिवसीय पौधारोपण अभियान का हिस्सा था, जिसके अंतर्गत राजधानी के 77 स्थानों पर एक साथ 1 लाख पौधे और झाड़ियाँ लगाई गईं।
अभियान में किसने लिया भाग
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पौधारोपण पहल में उपराज्यपाल संधू के साथ 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें चार प्रतिष्ठित कॉलेजों — सेंट स्टीफंस, हिंदू, हंस राज और महर्षि वाल्मीकि — के विद्यार्थी तथा दो विद्यालयों — ममता पब्लिक स्कूल (विकास पुरी) और सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (शक्ति नगर) — के छात्र-छात्राएँ शामिल थीं।
इसके अलावा, सुबह की सैर पर निकलने वाले नागरिक और लगभग 20 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों ने भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। DDA के उपाध्यक्ष और प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
उपराज्यपाल के निर्देश और दृष्टिकोण
संधू ने DDA को निर्देश दिया कि ऐसे पौधारोपण अभियानों को एकबारगी आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इन्हें नियमित अभ्यास बनाया जाए और दिल्ली की अन्य पहाड़ियों पर भी इस मॉडल को दोहराया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं द्वारा संचालित और उन्हीं को लक्षित होने चाहिए, क्योंकि इससे भावी पीढ़ियों को पारिस्थितिकी के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भागीदार बनाने में सहायता मिलेगी।
उपराज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि आने वाली पीढ़ियों को पारिस्थितिक रूप से समृद्ध दिल्ली सौंपना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने DDA से राजधानी के हरित आवरण को बढ़ाने में सक्रिय और केंद्रीय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जवाबदेही के लिए नोडल अधिकारी
संधू ने DDA को प्रत्येक पौधारोपण स्थल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि रोपे गए पौधे जीवित रहें और आगे चलकर वृक्षों में विकसित हों। आधिकारिक बयान के अनुसार, इन नोडल अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह भी ठहराया जाएगा — जो इस अभियान को महज प्रतीकात्मक आयोजन से अलग करता है।
कमला नेहरू रिज पर लगाई गई देशी प्रजातियाँ
आधिकारिक बयान के अनुसार, कमला नेहरू रिज पर रोपे गए पौधों में एनोजिसस पेंडुला (धोक), कैसिया फिस्टुला (अमलतास), ब्यूटिया मोनोस्पर्मा (ढक) और गमेलिना आर्बोरिया (गम्हार) जैसी स्वदेशी प्रजातियाँ शामिल हैं। ये सभी प्रजातियाँ दिल्ली की पारिस्थितिकी के अनुकूल हैं और जैव विविधता को मजबूत करने, वन्यजीव आवासों में सुधार लाने तथा रिज के दीर्घकालिक पारिस्थितिक लचीलेपन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे क्या
यह अभियान दिल्ली की हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक सतत, युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन की नींव रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। DDA को अब इस मॉडल को शहर की अन्य प्राकृतिक पहाड़ियों तक विस्तारित करना होगा, और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के जरिए पौधों की दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित करनी होगी।