मांडी रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की माँग, CM रेखा गुप्ता ने गडकरी को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी को औपचारिक पत्र लिखकर दक्षिण दिल्ली के मांडी रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और इसके विकास की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपने का आग्रह किया है। यह पत्र दिल्ली-एनसीआर में यातायात सुगमता और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लिखा गया है।
मांडी रोड का रणनीतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि लगभग 8.8 किलोमीटर लंबा मांडी रोड दिल्ली-एनसीआर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क गलियारा है। यह मार्ग छतरपुर मेट्रो स्टेशन के निकट महरौली-गुरुग्राम रोड (NH-148A) को दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ता है। इस प्रकार यह सड़क राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पड़ोसी आर्थिक केंद्रों — गुरुग्राम तथा फरीदाबाद — के बीच एक अहम संपर्क कड़ी के रूप में कार्य करती है और अंतर-राज्यीय यातायात के सुचारु संचालन में निर्णायक भूमिका निभाती है।
UTTIPEC की मान्यता और पूर्व प्रस्ताव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर (UTTIPEC) की गवर्निंग बॉडी ने 27 सितंबर 2023 को आयोजित अपनी 68वीं बैठक में मांडी रोड के महत्व को स्वीकार करते हुए इसके चौड़ीकरण और व्यापक विकास के प्रस्ताव का समर्थन किया था। यह तथ्य इस माँग को महज राजनीतिक नहीं, बल्कि तकनीकी और नियोजन आधार पर भी पुष्ट करता है।
NHAI को सौंपने की माँग क्यों
मुख्यमंत्री का तर्क है कि मांडी रोड के रणनीतिक महत्व, वर्तमान और भावी यातायात दबाव तथा NH-148A से इसके सीधे जुड़ाव को देखते हुए इसे NHAI के दायरे में लाना अनिवार्य हो गया है। उनके अनुसार NHAI की देखरेख में एकीकृत योजना बनाई जा सकेगी, समान इंजीनियरिंग मानकों को अपनाया जा सकेगा और इस महत्वपूर्ण गलियारे का समयबद्ध उन्नयन सुनिश्चित किया जा सकेगा — जो राज्य स्तरीय प्रबंधन में अक्सर संभव नहीं हो पाता।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल से प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों को बेहतर और सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में संपर्क व्यवस्था और सुदृढ़ होगी तथा गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे औद्योगिक-व्यापारिक केंद्रों से जुड़ाव मजबूत होने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते यातायात दबाव को लेकर लंबे समय से बुनियादी ढाँचे के उन्नयन की माँग उठती रही है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने और मामले को आगे बढ़ाने में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है। अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI की प्रतिक्रिया पर नज़र रहेगी, जो यह तय करेगी कि यह प्रस्ताव कितनी जल्दी ज़मीन पर उतर सकता है।