दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 208 पहुंचा, सीएक्यूएम ने ग्रैप-1 की सभी पाबंदियां लागू कीं

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दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 208 पहुंचा, सीएक्यूएम ने ग्रैप-1 की सभी पाबंदियां लागू कीं

सारांश

मई में भी दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में — एक्यूआई 208 पहुंचते ही सीएक्यूएम ने ग्रैप-1 लागू किया। 125 निरीक्षणों में 39 उल्लंघन मिले, 7 इकाइयां बंद और 13 डीजल जनरेटर सील करने का प्रस्ताव है। गर्मियों में प्रदूषण का यह स्तर चिंताजनक संकेत है।

मुख्य बातें

सीएक्यूएम ने 19 मई को दिल्ली का एक्यूआई 208 ('खराब' श्रेणी) पहुंचने पर पूरे एनसीआर में ग्रैप-1 लागू किया।
फ्लाइंग स्क्वॉड ने 29 अप्रैल से 19 मई के बीच 125 निरीक्षण किए, जिनमें 39 उल्लंघन दर्ज हुए।
7 इकाइयों/परियोजनाओं को बंद करने, 13 डीजल जनरेटर सेट सील करने और 12 कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव।
अनुपालन के बाद 17 इकाइयों — 13 औद्योगिक और 4 निर्माण साइटें — को पुनः संचालन की अनुमति दी गई।
ग्रैप-1 में पीयूसी नियमों का सख्त पालन, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सड़कों की मशीनी सफाई अनिवार्य।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार, 19 मई को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 208 के स्तर पर पहुंचने के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण की समस्त पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दीं। एक्यूआई का यह स्तर 'खराब' श्रेणी में आता है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संवेदनशील वर्गों — बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस के मरीज़ों — के लिए विशेष रूप से हानिकारक है।

ग्रैप-1 के तहत क्या उपाय लागू हुए

सीएक्यूएम की सब-कमेटी ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। ग्रैप-1 के अंतर्गत पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) नियमों का सख्त अनुपालन अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय और सड़कों की मशीनों से नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण में सामने आए उल्लंघन

सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने 29 अप्रैल से 19 मई के बीच कुल 125 निरीक्षण किए। इनमें 20 जांचें निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों पर, 51 औद्योगिक क्षेत्रों में और 54 जांचें डीजल जनरेटर सेट से संबंधित रहीं। इन निरीक्षणों में कुल 39 उल्लंघन दर्ज किए गए — जिनमें 10 निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों पर, 10 औद्योगिक इकाइयों में और 19 डीजल जनरेटर सेट से जुड़े थे।

प्रवर्तन कार्रवाई का ब्यौरा

131वीं प्रवर्तन कार्यबल बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार, जांच रिपोर्टों के आधार पर 7 इकाइयों/परियोजनाओं को बंद करने, 13 डीजल जनरेटर सेट सील करने, 12 कारण बताओ नोटिस जारी करने, 4 मामलों में पर्यावरण मुआवज़ा लगाने और 3 मामलों में परामर्श जारी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें से 6 कार्रवाइयां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष प्रक्रियाधीन हैं।

गौरतलब है कि 130वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाई की समीक्षा में पाया गया कि औद्योगिक, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण और डीजल जनरेटर सेट से जुड़े सभी मामलों में संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई पूरी कर ली है।

अनुपालन के बाद पुनः संचालन की अनुमति

नियमों का पालन सुनिश्चित होने के बाद अब तक 17 इकाइयों को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई है — जिनमें 13 औद्योगिक इकाइयां और 4 निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटें शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में गर्मियों के महीनों में भी वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है, जो परंपरागत रूप से सर्दियों की समस्या मानी जाती थी।

आगे क्या होगा

सीएक्यूएम की सब-कमेटी आईआईटीएम और आईएमडी के पूर्वानुमानों के आधार पर वायु गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करती रहेगी। यदि एक्यूआई और बिगड़ता है तो ग्रैप के अगले चरणों — ग्रैप-2, ग्रैप-3 या ग्रैप-4 — की पाबंदियां भी लागू की जा सकती हैं, जो क्रमशः अधिक कड़े प्रतिबंध लाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि साल भर की संरचनात्मक समस्या बन चुका है। 125 निरीक्षणों में 39 उल्लंघन — यानी हर तीन में से एक जांच में गड़बड़ी — यह दर्शाता है कि ज़मीनी अनुपालन अभी भी कागज़ी आदेशों से बहुत पीछे है। असली सवाल यह है कि क्या फ्लाइंग स्क्वॉड की संख्या और आवृत्ति उस पैमाने पर है जो एनसीआर जैसे विशाल क्षेत्र में वास्तविक निवारक प्रभाव डाल सके।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रैप-1 क्या है और यह दिल्ली-एनसीआर में कब लागू होता है?
ग्रैप-1 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण) तब लागू होता है जब दिल्ली का एक्यूआई 'खराब' श्रेणी यानी 201 से 300 के बीच पहुंच जाता है। इसके तहत पीयूसी नियमों का सख्त पालन, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सड़कों की मशीनी सफाई अनिवार्य की जाती है।
19 मई को दिल्ली का एक्यूआई कितना था और इसका क्या असर होगा?
19 मई को दिल्ली का एक्यूआई 208 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। यह स्तर बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से हानिकारक माना जाता है।
सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड ने कितने उल्लंघन पकड़े?
29 अप्रैल से 19 मई के बीच 125 निरीक्षणों में कुल 39 उल्लंघन दर्ज किए गए — 10 निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों पर, 10 औद्योगिक इकाइयों में और 19 डीजल जनरेटर सेट से जुड़े। इनके आधार पर 7 इकाइयां बंद, 13 डीजल जनरेटर सील और 12 कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव है।
ग्रैप-1 के बाद अगले चरण कब लागू हो सकते हैं?
यदि एक्यूआई 301 से ऊपर जाता है तो ग्रैप-2, 401 से ऊपर पर ग्रैप-3 और 450 से ऊपर पर ग्रैप-4 लागू किया जा सकता है। सीएक्यूएम आईआईटीएम और आईएमडी के पूर्वानुमानों के आधार पर निरंतर निगरानी कर रहा है।
कितनी इकाइयों को अनुपालन के बाद दोबारा खोलने की अनुमति मिली?
नियमों का पालन सुनिश्चित होने के बाद 17 इकाइयों को पुनः संचालन की अनुमति दी गई है — जिनमें 13 औद्योगिक इकाइयां और 4 निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटें शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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