दिल्ली में 'श्री पार्थ सारथी रथ' का उद्घाटन: सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणा का प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- श्री पार्थ सारथी रथ: सांस्कृतिक प्रेरणा का प्रतीक
- लोकार्पण: 9 मार्च को दिल्ली गेट पर
- उपलब्धि: 7-8 महीनों की मेहनत
- संरचनात्मक आयु: 50 वर्ष
- नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के साथ मिलकर दिल्ली गेट पर स्थित बहादुर शाह जफर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित ‘श्री पार्थ-सारथी रथ’ के उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
सीएम ने एक पोस्ट में लिखा कि बहादुर शाह जफर मार्ग पर श्री पार्थ सारथी रथ का उद्घाटन किया गया। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की यह पहल अत्यंत प्रशंसनीय है। दिल्ली केवल एक आधुनिक राजधानी नहीं है, बल्कि यह वही प्राचीन इंद्रप्रस्थ है, जहाँ महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर धर्म, कर्तव्य और न्याय का मार्ग प्रशस्त किया था।
उन्होंने कहा कि श्री पार्थ सारथी रथ उसी सनातन परंपरा की स्मृति और प्रेरणा का प्रतीक है। राजधानी के सार्वजनिक स्थलों पर हमारी सांस्कृतिक विरासत के ऐसे प्रतीक केवल सौंदर्य ही नहीं बढ़ाते, बल्कि नई पीढ़ियों को अपनी सभ्यता की जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक पोस्ट में लिखा कि दिल्ली गेट पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्मित श्री पार्थ सारथी रथ का उद्घाटन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में किया गया। यह रथ न केवल हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि यह दिल्ली की बढ़ती सुंदरता, सांस्कृतिक गौरव और सकारात्मक संदेश का भी वाहक बनेगा। यह रथ आने वाली पीढ़ियों को धर्म, कर्तव्य और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से की जा रही तैयारियों के बाद इस कलात्मक संरचना का निर्माण पूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि इस पार्थ-सारथी रथ के निर्माण में टीम ने लगभग सात से आठ महीनों तक निरंतर परिश्रम किया है, जिसके परिणामस्वरूप यह आकर्षक और भव्य संरचना तैयार हुई है। उन्होंने कहा कि यह रथ न केवल कलात्मक दृष्टि से अत्यंत सुंदर है, बल्कि इसकी संरचनात्मक आयु लगभग 50 वर्षों तक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलात्मक संरचनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाती हैं बल्कि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनती हैं।