मुकेश सहनी का बड़ा बयान: 'दिल्ली से समझौता करता तो बिहार का CM होता', VIP का कर्नाटक में विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने 7 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित एक भव्य समारोह में कहा कि यदि उन्होंने दिल्ली के साथ समझौता कर लिया होता, तो आज वे बिहार के मुख्यमंत्री होते। यह समारोह VIP के कर्नाटक इकाई के औपचारिक गठन के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुकेश सहनी का बड़ा राजनीतिक बयान
समारोह को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा, 'यह हमारे लिए और खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश तथा झारखंड के लोगों के लिए बहुत खुशी का क्षण है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद समुदाय और मछली पकड़ने वाले समुदाय के अधिकारों की लड़ाई ही उनकी प्राथमिकता है, और इसी कारण उन्होंने सत्ता के साथ समझौते से परहेज किया। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
निषाद और मछुआरा समुदाय के लिए संघर्ष
सहनी ने बताया कि पूरे देश में मछली पकड़ने के क्षेत्र से जुड़े लगभग 312 समुदाय हैं और VIP उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर काम कर रही है। पार्टी के उपाध्यक्ष मोहन कुमार बीके ने कहा कि कोली समुदाय की देशभर में लगभग 22 करोड़ आबादी है, जो कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक फैली हुई है। उन्होंने इसे सहनी की दूरदर्शी विचारधारा का परिणाम बताया।
इंडिया अलाइंस के साथ स्पष्ट प्रतिबद्धता
सहनी ने पार्टी की राजनीतिक लाइन पर कोई अस्पष्टता नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा, 'फिलहाल दोनों तरफ खड़े होने का कोई सवाल ही नहीं है। हम इंडिया अलाइंस के साथ हैं और भविष्य में भी इंडिया अलाइंस के साथ ही राजनीति करेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई छोटे दलों पर गठबंधन बदलने का दबाव बना रहता है।
कर्नाटक इकाई को संगठन मजबूत करने के निर्देश
नवगठित कर्नाटक इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए सहनी ने कहा कि हर गाँव तक पहुँचना होगा और पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि केवल संगठनात्मक विस्तार पर्याप्त नहीं है — विचारधारा की जड़ें गहरी होनी चाहिए।
राष्ट्रीय विस्तार और आगे की राह
VIP पार्टी अब कई राज्यों में तेजी से विस्तार कर रही है और राष्ट्रीय पार्टी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बिहार में पार्टी पहले से ही 4 विधायकों के साथ मजबूत स्थिति में है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा जा रहा है। कर्नाटक तक पहुँचना पार्टी के लिए एक नया अध्याय है, जो दक्षिण भारत में सामाजिक न्याय की राजनीति को विस्तार देने की कोशिश को दर्शाता है।