दिल्ली स्पीकर विजेंद्र गुप्ता केपटाउन में 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में 'समावेशी लोकतंत्र' पर करेंगे संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस (CPC) में 'समावेशी लोकतंत्र' पर अपने विचार रखेंगे। 13 से 19 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में स्पीकर गुप्ता संसदीय कामकाज को मज़बूत करने के तरीकों पर वैश्विक प्रतिनिधियों के साथ विमर्श करेंगे।
सम्मेलन में क्या करेंगे स्पीकर गुप्ता
अपने सचिवालय से जारी बयान के अनुसार, विजेंद्र गुप्ता एक संयुक्त नेटवर्क कार्यशाला को संबोधित करेंगे, जिसका विषय है — 'सीमित क्षमता वाले संसदों में समावेशिता के उपाय लागू करना'। इस संबोधन में वे लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने, दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने और सीमित संसाधनों वाले परिवेश में संसद तक सबकी पहुँच सुलभ बनाने जैसे अहम मुद्दों पर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
स्पीकर गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के बाद लिखा, 'यह कॉन्फ्रेंस संसदीय कामकाज और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के बारे में विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।'
सम्मेलन का वैश्विक महत्व
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) का यह वार्षिक सम्मेलन पूरे कॉमनवेल्थ से सांसदों को एक मंच पर लाता है, जहाँ वैश्विक राजनीतिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर विचार-विमर्श होता है। इस वर्ष की मेज़बानी दक्षिण अफ्रीका की संसद और CPA की दक्षिण अफ्रीका शाखा कर रही है।
CPA के सेक्रेटरी-जनरल स्टीफन ट्विग के अनुसार, यह सम्मेलन CPC के इतिहास में सर्वाधिक प्रतिभागियों वाले सम्मेलनों में से एक है — उद्घाटन समारोह में ही CPA सदस्य संसदों के 900 से अधिक संसदीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। ट्विग ने कहा कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय कानून-आधारित व्यवस्था पर दबाव है।
इस वर्ष की थीम और CPA का संस्थागत बदलाव
इस साल की थीम संसदों से केवल बहस करने तक सीमित न रहते हुए — लोकतंत्र की रक्षा, कानून के शासन को बनाए रखने और सीमाओं के पार भरोसा फिर से स्थापित करने का आह्वान करती है। ट्विग ने CPA के पुराने ब्रिटिश चैरिटेबल स्टेटस से हटकर एक इंटर-पार्लियामेंट्री संगठन के रूप में नए अंतरराष्ट्रीय कानूनी दर्जे की ओर बढ़ने पर भी बल दिया। दक्षिण अफ्रीकी संसद के अनुसार, यह संस्थागत परिवर्तन सांसदों की लोकतंत्र, सुशासन और मानवाधिकारों को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी को और दृढ़ बनाता है।
सम्मेलन में अन्य प्रमुख आयोजन
69वीं CPC के साथ-साथ केपटाउन में कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं, जिनमें शामिल हैं: 10वाँ कॉमनवेल्थ महिला सांसद (CWP) सम्मेलन, 2026 CPA आम सभा, 42वाँ CPA स्मॉल ब्रांचेस सम्मेलन, दिव्यांग कॉमनवेल्थ सांसद (CPWD) नेटवर्क बैठकें, 60वीं सोसाइटी ऑफ क्लर्क्स एट द टेबल (SOCATT) बैठक, 2026 कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटेरियन ऑफ द ईयर पुरस्कार और चौथा CPA लिफाका व्याख्यान।
आगे की राह
यह सम्मेलन 19 सितंबर 2026 तक चलेगा। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का यह संबोधन दिल्ली विधानसभा के समावेशी संसदीय अभ्यासों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है। गौरतलब है कि ऐसे वैश्विक संसदीय मंचों पर भारतीय विधायिकाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रसार और अनुभव-साझेदारी के लिहाज़ से लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।