वेलकम मेट्रो के पास 29 साल से सेवारत युवा एकता कांवड़ कैंप, श्रद्धालुओं ने सराहे इंतजाम
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के वेलकम मेट्रो स्टेशन के निकट युवा एकता कांवड़ सेवा समिति का शिविर इस सावन भी पूरी तत्परता से कांवड़ियों की सेवा में जुटा है। समिति पिछले 29 वर्षों से निरंतर यह कैंप संचालित करती आ रही है और इस बार प्रशासन के सहयोग तथा कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। 7 अगस्त 2026 को कैंप का दौरा करने पर यहाँ रुके कांवड़ियों ने खानपान, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर संतोष जताया।
कैंप की विशेषताएँ और सुविधाएँ
समिति के सदस्य विजय कुमार शर्मा ने बताया कि कैंप में सभी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के ज़रिये 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है, श्रद्धालुओं के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है और खानपान व अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध हैं। समिति के एक अन्य सदस्य खेमराज चावला ने कहा, 'यह कैंप पिछले 29 सालों से चल रहा है और दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग मिल रहा है — हमें सरकार से कोई शिकायत नहीं है।'
सुरक्षा के विशेष प्रबंध
इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS) की टीम ने कैंप का निरीक्षण किया ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की समय रहते जाँच हो सके। पुलिसकर्मी लगातार गश्त पर हैं और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से पूरे परिसर पर नज़र रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
कैंप में ठहरे एक श्रद्धालु ने कहा, 'यहाँ बहुत साफ़-सफ़ाई है, कोई असुविधा या भीड़-भाड़ नहीं है और खाना, पीने का पानी तथा सभी ज़रूरी सुविधाएँ मिली हैं।' राजस्थान की ओर जा रहे एक कांवड़िये ने बताया कि उन्होंने 4 अगस्त को पवित्र जल ग्रहण किया था और 10 अगस्त तक राजस्थान पहुँचने की उम्मीद है। उन्होंने यात्रा-मार्ग पर बने शिविरों में मिली सुविधाओं को 'बेहतरीन' बताया।
29 वर्षों की अटूट सेवा-परंपरा
युवा एकता कांवड़ सेवा समिति का यह शिविर दिल्ली के उन चुनिंदा सेवा-केंद्रों में शुमार है जो तीन दशकों के करीब से निर्बाध रूप से कांवड़ यात्रियों की सेवा करते आ रहे हैं। गौरतलब है कि सावन के दौरान दिल्ली में जगह-जगह ऐसे शिविर लगाए जाते हैं, लेकिन इस समिति की दीर्घकालिक निरंतरता इसे विशिष्ट बनाती है। यह ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है जब बड़े पैमाने पर तीर्थयात्राओं के दौरान सुरक्षा और सुविधा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनते हैं।
आगे की स्थिति
सावन समाप्त होने तक यह कैंप सक्रिय रहेगा। प्रशासन और दिल्ली पुलिस का सहयोग जारी है। समिति के सदस्यों ने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भी यह परंपरा जारी रखी जाएगी।