धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल; अखिलेश यादव का दावा — तारीख घोषित होते ही भाजपा की हार तय
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आंवला लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप को उनकी बेटी कीर्ति कश्यप और समर्थकों सहित पार्टी में शामिल कराया। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सैयद आबिद अली ने भी इसी अवसर पर सपा की सदस्यता ग्रहण की। अखिलेश ने इस घटनाक्रम को 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक न्याय की लड़ाई को मज़बूती देने वाला कदम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
बरेली की आंवला लोकसभा सीट से जुड़े तीन प्रमुख नेता — धर्मेंद्र कश्यप, नीरज मौर्य और सैयद आबिद अली — 2024 के लोकसभा चुनाव में अलग-अलग दलों से एक-दूसरे के विरुद्ध लड़े थे। अखिलेश यादव ने कहा कि ये तीनों आज एक ही मंच पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा को 'टाटा-बाय बाय' कहा था, उसी दिन से उनकी इच्छा थी कि वे सपा में आएं।
अखिलेश ने कहा कि पार्टी धर्मेंद्र कश्यप को पूरा राजनीतिक सम्मान और उचित स्थान देने में कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन 2027 विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होगी, उसी दिन भाजपा की हार सुनिश्चित हो जाएगी।
चुनाव आयोग पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ में 97 बूथों पर बैलेट बॉक्स के भीतर बिना मुड़े हुए बैलेट पेपर मिलने की बात सामने आई है और यह किसी बड़ी साजिश का संकेत हो सकता है — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) के बहाने मतदाताओं के नाम काटे जाने का भी आरोप लगाया।
अखिलेश ने चुनाव आयोग (ECI) और सरकार से माँग की कि उत्तर प्रदेश सहित उन सभी राज्यों की मतदाता सूचियाँ दुरुस्त कराई जाएँ जहाँ आगामी चुनाव होने हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावों और 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची से नाम काटे जाने के पुराने आरोपों का भी हवाला दिया।
बायोमेट्रिक मतदान और मेटल वोटर कार्ड की वकालत
अखिलेश यादव ने मतदाता पहचान को आधार और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जोड़ने की माँग की। उनका तर्क था कि जब राशन वितरण में बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल हो सकता है, तो निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भी इसका उपयोग होना चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनने पर नागरिकों को मेटल वोटर आईडी कार्ड जारी किए जाएँगे।
भाजपा और 'प्रीपेड पार्टियों' पर निशाना
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने का 'कॉरपोरेट तरीका' अपना लिया है और बड़ी राजनीतिक प्रबंधन कंपनियाँ चुनाव परिणाम पहले से तय करने का दावा करती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को 'प्रीपेड पार्टियों' से सावधान रहना होगा जो दूसरों के इशारे पर लाउडस्पीकर बनकर काम करती हैं।
अखिलेश ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव केवल सत्ता हासिल करने की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को पीडीए — यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग — की एकजुटता से भय है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में दल-बदल की गतिविधियाँ 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ तेज़ होती जा रही हैं।