धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना हो सकता है खतरनाक, NHM की चेतावनी और विशेषज्ञों की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली — गर्मियों में तेज धूप से घर लौटते ही ठंडा पानी पीना एक आम आदत है, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने चेतावनी दी है कि यह आदत शरीर के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकती है। 23 मई 2026 को जारी स्वास्थ्य दिशानिर्देशों में NHM ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक गर्म शरीर में अचानक ठंडा पानी डालने से पाचन तंत्र, गला और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।
क्यों है यह आदत खतरनाक
जब कोई व्यक्ति तेज धूप या लू में लंबे समय तक रहता है, तो शरीर का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवस्था में अचानक बर्फ का या अत्यधिक ठंडा पानी पीने से शरीर में तापमान का असंतुलन उत्पन्न होता है। इससे गले में खराश, पेट दर्द, पाचन संबंधी विकार और कुछ मामलों में हीट शॉक जैसी स्थिति भी बन सकती है।
NHM के अनुसार, गर्मी के मौसम में शरीर लगातार पानी खोता रहता है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पानी पीना ज़रूरी है, लेकिन सही तरीके से।
धूप से लौटने के बाद पानी पीने के सही तरीके
कम से कम 10-15 मिनट प्रतीक्षा करें: घर आते ही तुरंत पानी न पिएं। छाया में बैठकर शरीर को सामान्य तापमान पर आने दें। पहले पसीना सूखने दें और सांस को स्थिर होने दें।
ठंडा या बर्फ का पानी न पिएं: अत्यधिक ठंडे पानी से गले में सूजन, पेट में ऐंठन और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। NHM ने सलाह दी है कि जहाँ तक संभव हो, घड़े का सामान्य तापमान वाला पानी ही पिएं।
छोटे-छोटे घूंट लें: एक साथ पूरा गिलास पानी पीने की बजाय धीरे-धीरे, छोटे-छोटे घूंटों में पानी पिएं ताकि शरीर उसे ठीक से आत्मसात कर सके।
अतिरिक्त सावधानियाँ
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना ज़रूरी है। इसके अलावा नारियल पानी और ताज़े फलों का रस भी शरीर को ठंडक और तत्काल ऊर्जा देने में सहायक हैं।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि ये वर्ग जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं और उनमें हीट स्ट्रोक का जोखिम अधिक होता है।
आम जनता पर असर
गर्मी के मौसम में हर साल देशभर में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के हज़ारों मामले सामने आते हैं। NHM के ये दिशानिर्देश ऐसे समय में आए हैं जब उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सही जल-सेवन की आदतें अपनाकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पीना आदर्श माना जाता है, लेकिन इसे एक साथ नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर पीना चाहिए। धूप से लौटने के बाद शरीर को पहले स्थिर होने का समय देना और फिर सामान्य तापमान का पानी पीना — यही सबसे सुरक्षित तरीका है।