गर्मी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये 'कूल' हेल्थ टिप्स
सारांश
Key Takeaways
- पर्याप्त पानी
- हल्के कपड़े
- धूप में जाने से बचें
- हीटस्ट्रोक के लक्षणों
- पालतू जानवरों
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मी का मौसम अब पूरी तरह से आ चुका है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान अप्रत्याशित रूप से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में हीटवेव और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए कुछ साधारण टिप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं विशेषज्ञ।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरतने की सलाह दी है। कुछ साधारण सावधानियों को अपनाकर गर्मी के मौसम को सुरक्षित और सुखद बनाया जा सकता है।
एनएचएम ने आवश्यक सुझाव देते हुए बताया कि सावधानियां अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। मिशन के अनुसार, पर्याप्त पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण है। दिनभर में ढेर सारा पानी, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी या ओआरएस जैसे पेय का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि डिहाइड्रेशन हीटस्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण होता है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है गर्मियों में कपड़ों का चयन। हल्के रंग के सूती और हवादार कपड़े पहनें जो शरीर को ठंडक प्रदान करें। गहरे रंग के या टाइट कपड़े गर्मी को अधिक सोखते हैं, इसलिए इनसे बचें। दोपहर की तेज धूप से पूरी तरह बचें। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर जाने से परहेज करें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, धूप का चश्मा और गीला गमछा साथ रखें।
हीटस्ट्रोक के लक्षणों पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। यदि अचानक तेज बुखार, तेज पसीना आना या पसीना बिल्कुल न आना, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी, तेज धड़कन, त्वचा का लाल और सूखा होना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं, पानी पिलाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
इसके अलावा, पालतू जानवरों को भी छायादार स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त पानी दें। अत्यधिक गर्मी में भारी शारीरिक कार्य या व्यायाम से बचें। घर में पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें और कमरे को ठंडा रखने का प्रयास करें। यदि कोई गंभीर लक्षण दिखे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें।