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डिजिटल इंडिया के 11 साल: सीएम योगी ने की मोदी की तारीफ, UPI-DBT-DigiLocker से करोड़ों को मिला लाभ

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डिजिटल इंडिया के 11 साल: सीएम योगी ने की मोदी की तारीफ, UPI-DBT-DigiLocker से करोड़ों को मिला लाभ

सारांश

डिजिटल इंडिया के 11 साल — सिर्फ एक सालगिरह नहीं, बल्कि UPI, DBT और DigiLocker के ज़रिए करोड़ों नागरिकों की ज़िंदगी बदलने का सफर। सीएम योगी ने मोदी की तारीफ की और इसे 'विकसित भारत' की बुनियाद बताया।

मुख्य बातें

डिजिटल इंडिया अभियान ने 1 जुलाई 2025 को अपने 11 वर्ष पूरे किए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी के नेतृत्व की सराहना की और देशवासियों को बधाई दी।
UPI, DBT, DigiLocker जैसी सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाया।
अभियान की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को डिजिटल रूप से सशक्त समाज बनाने के लक्ष्य से हुई थी।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसे देश के डिजिटल रूपांतरण का बड़ा पड़ाव बताया।

डिजिटल इंडिया अभियान ने 1 जुलाई 2025 को अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए देशवासियों को बधाई दी और कहा कि इस अभियान ने शासन व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी इसे देश के डिजिटल रूपांतरण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव करार दिया।

सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि 'पीएम मोदी के नेतृत्व में करोड़ों लोगों के जीवन में सुविधा, गति और नए अवसरों का संचार करती दूरदर्शी पहल डिजिटल इंडिया के गौरवशाली 11 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस अभियान के अंतर्गत डिजिटल भुगतान, DBT, UPI और DigiLocker जैसी सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सुगम बनाया है।

योगी ने आगे कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र को सशक्त आधार देते हुए यह अभियान 'विकसित भारत' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डिजिटल इंडिया की उपलब्धियाँ

डिजिटल इंडिया के आधिकारिक एक्स पोस्ट में बताया गया कि पिछले 11 वर्षों में इस अभियान ने नागरिकों को सहज डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ गाँव और शहर के बीच की डिजिटल खाई को भी पाटने का काम किया है। इसने सुशासन, नवाचार और समावेशी विकास को नई पहचान दी है।

गौरतलब है कि यह अभियान 1 जुलाई 2015 को भारत सरकार ने देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य से शुरू किया था। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समन्वय में कई सरकारी विभागों और योजनाओं को एक मंच पर जोड़कर सरकारी सेवाओं की डिजिटल पहुँच को प्रभावी बनाया गया।

मंत्रालय की प्रतिक्रिया

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी एक्स पर अपनी पोस्ट में इस जश्न में देशवासियों को शामिल होने का आह्वान किया। मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान ने नागरिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने और सुशासन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत UPI के ज़रिए दुनिया में सबसे अधिक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान करने वाले देशों में शुमार हो चुका है। DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका काफी कम हुई है। DigiLocker ने नागरिकों को अपने दस्तावेज़ डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और कभी भी, कहीं से भी प्रस्तुत करने की सुविधा दी है।

आगे की राह

डिजिटल इंडिया अभियान के अगले चरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और ग्रामीण डिजिटल साक्षरता पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 11 वर्षों की असली परीक्षा यह होगी कि डिजिटल सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी प्रभावी रूप से पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि UPI और DigiLocker की सफलता के बावजूद ग्रामीण डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी में अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है। DBT ने भ्रष्टाचार कम किया, यह सराहनीय है — पर आलोचकों का कहना है कि डेटा सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाएं इस डिजिटल क्रांति की सबसे बड़ी अनदेखी चुनौती हैं। अगले दशक की असली कसौटी सरकारी ऐप्स की संख्या नहीं, बल्कि यह होगी कि क्या देश का आखिरी नागरिक भी इन सेवाओं का लाभ निर्बाध रूप से उठा पा रहा है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल इंडिया अभियान क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
डिजिटल इंडिया अभियान भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे 1 जुलाई 2015 को देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समन्वय में यह अभियान कई सरकारी सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है।
डिजिटल इंडिया के 11 साल में क्या-क्या बदला?
11 वर्षों में UPI , DBT और DigiLocker जैसी सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को सरल बनाया, सरकारी सब्सिडी सीधे खातों में पहुँचने लगी और गाँव-शहर के बीच की डिजिटल खाई कम हुई। शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल इंडिया पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह अभियान करोड़ों लोगों के जीवन में सुविधा, गति और नए अवसर लाया है। उन्होंने इसे 'विकसित भारत' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पहल बताया और PM मोदी का आभार जताया।
UPI और DBT ने आम नागरिकों को कैसे फायदा पहुँचाया?
UPI के ज़रिए भारत दुनिया में सबसे अधिक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान करने वाले देशों में शामिल हो गया है। DBT ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाकर बिचौलियों की भूमिका को काफी कम किया है।
डिजिटल इंडिया का अगला चरण क्या होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार अगले चरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , साइबर सुरक्षा और ग्रामीण डिजिटल साक्षरता पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है। असली परीक्षा यह होगी कि डिजिटल सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी प्रभावी रूप से पहुँचता है।
राष्ट्र प्रेस
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