1 जुलाई 2026
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डिजिटल इंडिया के 11 साल: PM मोदी बोले — विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव है यह पहल

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डिजिटल इंडिया के 11 साल: PM मोदी बोले — विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव है यह पहल

सारांश

डिजिटल इंडिया के 11 साल — और PM मोदी ने एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिये इस सफ़र को रेखांकित किया। DBT की पारदर्शिता, ऑप्टिकल फाइबर का विस्तार और AI-सेमीकंडक्टर में छलांग — यह पहल अब महज़ कनेक्टिविटी नहीं, विकसित भारत की डिजिटल रीढ़ बन चुकी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2026 को डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पूरे होने पर एक्स पर कई पोस्ट किए।
उन्होंने डिजिटल इंडिया को विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव बताया।
DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) , डिजिटल पेमेंट और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।
भारत अब AI , सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है — मोदी।
गाँवों और टियर-2, टियर-3 शहरों तक नवाचार की पहुँच को ऐतिहासिक बदलाव बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2026 को 'डिजिटल इंडिया' पहल के 11 वर्ष पूरे होने पर कहा कि यह अभियान विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव बन चुका है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट के ज़रिये इस मील के पत्थर को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में इस पहल ने गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका निभाई है और देशवासियों के दैनिक जीवन को सुगम बनाया है।

गवर्नेंस और नागरिक सशक्तिकरण

मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'आज डिजिटल इंडिया पहल को शुरू हुए 11 साल पूरे हो रहे हैं। इस पहल ने गवर्नेंस को नए सिरे से परिभाषित किया है, नागरिकों को सशक्त बनाया है और सर्वांगीण विकास को गति दी है।' उन्होंने आसान डिजिटल पेमेंट और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को पारदर्शिता की मिसाल बताया, जिसने 'ईज़ ऑफ लिविंग' को नई परिभाषा दी है।

गाँव से लेकर टियर-3 शहरों तक नवाचार की लहर

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि डिजिटल इंडिया ने नवाचार की लहर को देश के हर कोने — गाँवों, टियर-2 और टियर-3 शहरों — तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमी, स्टार्टअप और इनोवेटर अब वैश्विक चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, व्यापार और सार्वजनिक सेवा वितरण — सभी क्षेत्रों में इस पहल ने गवर्नेंस को अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बनाया है।

AI, सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकें

मोदी ने यह भी कहा कि डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति ने सुनिश्चित किया है कि देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारा ध्यान एक ऐसे भविष्य के निर्माण पर रहेगा जहाँ तकनीक मानवता की सेवा करे, हर नागरिक को सशक्त बनाए और टिकाऊ विकास को बढ़ावा दे।'

ऑप्टिकल फाइबर से डिजिटल ट्रांजैक्शन तक — वैश्विक पहचान

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार से लेकर डिजिटल ट्रांजैक्शन तक इस अभियान की अभूतपूर्व सफलता ने दुनियाभर का ध्यान भारत की ओर खींचा है। उन्होंने संस्कृत सुभाषितम् — 'विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः...' — साझा करते हुए तकनीक को विवेकपूर्ण प्रगति का प्रतीक बताया। गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया पहल 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई थी और तब से यह भारत के डिजिटल रूपांतरण का केंद्रबिंदु रही है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल इंडिया की अगली पीढ़ी AI-संचालित सार्वजनिक सेवाओं और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगी। प्रधानमंत्री के बयान यह संकेत देते हैं कि सरकार इस पहल को महज़ कनेक्टिविटी से आगे ले जाकर उभरती वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग का उल्लेख यह बताता है कि सरकार अगले चरण की तैयारी कर रही है। हालाँकि DBT और UPI की सफलता निर्विवाद है, आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा अभी भी कमज़ोर कड़ियाँ हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या अगले 11 साल में तकनीकी समावेश केवल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर आर्थिक अवसर में तब्दील होता है — जो अब तक असमान रहा है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल इंडिया पहल क्या है और यह कब शुरू हुई?
डिजिटल इंडिया भारत सरकार की प्रमुख पहल है जो 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक पहुँचाना, डिजिटल बुनियादी ढाँचा मज़बूत करना और डिजिटल साक्षरता बढ़ाना है।
PM मोदी ने डिजिटल इंडिया के 11 साल पर क्या कहा?
PM मोदी ने 1 जुलाई 2026 को एक्स पर कई पोस्ट कर कहा कि डिजिटल इंडिया विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव है। उन्होंने DBT, डिजिटल पेमेंट, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और AI-सेमीकंडक्टर में प्रगति को इस पहल की बड़ी उपलब्धियाँ बताया।
डिजिटल इंडिया से आम नागरिकों को क्या फ़ायदा हुआ?
डिजिटल इंडिया के तहत DBT से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुँची, UPI ने डिजिटल पेमेंट को सुलभ बनाया और ऑप्टिकल फाइबर ने गाँवों तक इंटरनेट पहुँचाया। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल सेवाओं का विस्तार हुआ।
भारत AI और सेमीकंडक्टर में डिजिटल इंडिया के ज़रिये कैसे आगे बढ़ रहा है?
PM मोदी के अनुसार, डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति ने AI, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग में तेज़ी से आगे बढ़ने की नींव रखी है। सरकार का ध्यान अब तकनीक को मानवता की सेवा में लगाने और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर है।
डिजिटल इंडिया का टियर-2 और टियर-3 शहरों पर क्या असर पड़ा?
PM मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने नवाचार की लहर को गाँवों और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक पहुँचाया है। इन क्षेत्रों से युवा उद्यमी और स्टार्टअप अब वैश्विक समस्याओं के समाधान तैयार कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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