मूंग खरीद पर बड़ा दबाव: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, किसानों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग

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मूंग खरीद पर बड़ा दबाव: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, किसानों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग

सारांश

दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग की MSP पर तत्काल खरीद शुरू करने की मांग की। इस साल बुवाई 15-20%25 बढ़ी है, फसल तैयार है, लेकिन MP सरकार ने अभी तक केंद्र को खरीद प्रस्ताव नहीं भेजा — हजारों किसानों की आजीविका दांव पर है।

Key Takeaways

  • दिग्विजय सिंह ने 26 अप्रैल 2025 को CM मोहन यादव को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग की तत्काल MSP खरीद की मांग की।
  • इस वर्ष मध्य प्रदेश में मूंग की बुवाई में 15-20%25 की वृद्धि हुई है और फसल पककर तैयार है।
  • मध्य प्रदेश सरकार ने अभी तक मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत केंद्र को वार्षिक खरीद प्रस्ताव नहीं भेजा है।
  • बिना सरकारी खरीद के किसानों को फसल उत्पादन लागत से कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है।
  • राज्य कृषि सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य केदार सिरोही की जानकारी के आधार पर यह मामला उठाया गया।
  • समय पर खरीद न होने पर हजारों किसानों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।

भोपाल, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ग्रीष्मकालीन मूंग की सरकारी खरीद तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को औपचारिक पत्र लिखा है। उनका कहना है कि राज्य में इस वर्ष मूंग की बुवाई में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और फसल पककर तैयार हो चुकी है। यदि समय रहते न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद नहीं हुई, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

फसल तैयार, मंडियों में भारी आवक की आशंका

दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है। आने वाले दिनों में मंडियों में उपज की भारी आवक होने की संभावना है। ऐसे में यदि सरकारी खरीद केंद्र समय पर नहीं खुले, तो बाजार में अत्यधिक आपूर्ति से कीमतें गिर सकती हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा बाजार रुझान राज्य के कृषि समुदाय के लिए गंभीर आर्थिक संकट का संकेत दे रहे हैं। बिना सरकारी हस्तक्षेप के किसानों को अपनी मेहनत की फसल उत्पादन लागत से भी कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है।

प्रशासनिक चूक: केंद्र को अभी तक नहीं भेजा प्रस्ताव

राज्य कृषि सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य केदार सिरोही द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने एक गंभीर प्रशासनिक चूक की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने अभी तक केंद्र सरकार को अपना वार्षिक खरीद प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया है।

मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत MSP पर बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद के लिए यह प्रस्ताव एक अनिवार्य पूर्व शर्त है। बिना इस प्रस्ताव के न तो केंद्र की अनुमति मिलेगी और न ही आवश्यक निधि जारी होगी, जिससे खरीद प्रक्रिया और लंबित हो सकती है।

हजारों किसानों की आजीविका दांव पर

दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में जोर देकर कहा कि हजारों किसानों की आजीविका इन खरीद केंद्रों की समय पर शुरुआत पर सीधे निर्भर करती है। राज्य और केंद्रीय अधिकारियों के बीच समन्वय में किसी भी प्रकार की और देरी ग्रामीण आबादी के हितों पर सीधा प्रहार होगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि राज्य के किसानों को उनकी मेहनत का उचित और लाभकारी प्रतिफल मिल सके, इसके लिए आवश्यक अनुमतियां और प्रस्ताव जल्द से जल्द केंद्र को भेजे जाएं।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में से एक है और ग्रीष्मकालीन मूंग यहां के किसानों की एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है। पिछले वर्षों में भी MSP पर खरीद में देरी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार बुवाई में 15-20%25 की वृद्धि के साथ उत्पादन अधिक होने से बाजार में कीमतें और दबाव में आ सकती हैं।

यह मांग ऐसे समय में आई है जब देशभर में किसान आंदोलन और कृषि नीति को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार तत्काल कदम नहीं उठाती, तो यह मुद्दा आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी गूंज सकता है।

आने वाले दिनों में देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या राज्य सरकार केंद्र को समय पर प्रस्ताव भेजकर MSP खरीद की प्रक्रिया शुरू करा पाती है।

Point of View

बल्कि कृषि प्रशासन की संरचनात्मक विफलता का आईना है। जब फसल खेत में पक रही हो और सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजने में देरी कर रही हो, तो यह लापरवाही किसान विरोधी नीति से कम नहीं। विडंबना यह है कि सत्ताधारी दल किसान कल्याण के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन MSP खरीद की बुनियादी प्रक्रिया भी समय पर पूरी नहीं होती। यह मुद्दा आगामी चुनावों में ग्रामीण मतदाताओं के बीच गहरा असर छोड़ सकता है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से क्या मांग की है?
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से ग्रीष्मकालीन मूंग की MSP पर तत्काल सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की है। उन्होंने पत्र लिखकर कहा कि फसल पककर तैयार है और देरी से किसानों को भारी नुकसान होगा।
मध्य प्रदेश में इस साल मूंग की बुवाई कितनी बढ़ी है?
इस वर्ष मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे मंडियों में भारी आवक की संभावना है, जिससे कीमतें गिर सकती हैं।
मूल्य समर्थन योजना के तहत MSP खरीद के लिए क्या जरूरी है?
मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत MSP पर खरीद के लिए राज्य सरकार को पहले केंद्र सरकार को वार्षिक खरीद प्रस्ताव भेजना होता है। मध्य प्रदेश ने अभी तक यह प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा है।
मूंग खरीद में देरी से किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
खरीद में देरी होने पर किसानों को अपनी फसल उत्पादन लागत से भी कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है। हजारों किसानों की आजीविका सीधे सरकारी खरीद केंद्रों की समय पर शुरुआत पर निर्भर है।
केदार सिरोही कौन हैं और इस मामले में उनकी भूमिका क्या है?
केदार सिरोही राज्य कृषि सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य हैं। दिग्विजय सिंह ने उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रशासनिक चूक की ओर ध्यान दिलाया।
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