डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी ने 3-0 से जीत दर्ज की, यश डबास बने अध्यक्ष
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में तीनों प्रमुख पदों पर जीत हासिल करते हुए 3-0 की क्लीन स्वीप दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष पद पर, रिया छावड़ी सचिव पद पर और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव पद पर विजयी रहे। प्रतिद्वंद्वी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) को चारों सीटें जीतने के दावों के बावजूद एक भी पद पर सफलता नहीं मिली।
मुख्य घटनाक्रम
डूसू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने कहा, 'मैं खुद जेन जी हूं और झूठी बातें फैलाने वालों के लिए यह एक साफ संदेश है। जेन जी देश के साथ है और जेन जी एबीवीपी के साथ है।' उन्होंने अपनी जीत को युवा पीढ़ी के उस समर्थन का प्रमाण बताया, जो राष्ट्रवाद और विकसित भारत की सोच से जुड़ी है।
एनएसयूआई ने इन चुनावों से पहले चारों सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन परिणाम उन दावों के एकदम विपरीत रहे। डूसू के निवर्तमान अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि एनएसयूआई को शून्य से ही संतोष करना होगा और यह परिणाम पूरे देश के लिए एक संदेश है।
विजेताओं की प्राथमिकताएँ
नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने अपनी पहली प्राथमिकता दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी पीजी छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराना बताई। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी छात्र के साथ सत्य निकेतन जैसी घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
डबास ने छात्रावास क्षमता का भी उल्लेख किया — उन्होंने कहा कि 2015 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में बेड की क्षमता करीब 5,700 थी, जो अब बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यार्थी परिषद इस क्षमता को 1 लाख छात्रों तक पहुँचाने की दिशा में माँग जारी रखेगी।
सचिव और संयुक्त सचिव की प्रतिक्रिया
नवनिर्वाचित सचिव रिया छावड़ी ने इस जीत को 'जेन जी की जीत' और 'विकसित भारत व राष्ट्रवाद से जुड़ी सोच की जीत' करार दिया। उन्होंने कहा, 'यह उन युवाओं की जीत है, जिन्हें भ्रमित करने की लगातार कोशिश की गई।' छावड़ी ने संगठन, छात्रों, अपनी टीम और परिवार के प्रति आभार जताया।
संयुक्त सचिव पद पर विजयी लक्ष्यराज सिंह ने बताया कि एबीवीपी ने 12 साल बाद राजस्थान से किसी उम्मीदवार को यह अवसर दिया। उन्होंने राजस्थान के अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि मुकाबला कड़ा था, किंतु जेन जी के समर्थन ने जीत दिलाई।
व्यापक संदर्भ
यह जीत ऐसे समय में आई है जब युवाओं से जुड़े विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों को राजनीतिक मंचों के रूप में उपयोग किए जाने की चर्चा रही है। एबीवीपी के नेताओं ने इस परिणाम को जेन जी के उस झुकाव के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया, जो राष्ट्रवादी विचारधारा के पक्ष में है। गौरतलब है कि एबीवीपी ने इसी चुनावी दौर में पंजाब विश्वविद्यालय में भी जीत दर्ज की।
क्या होगा आगे
नवनिर्वाचित डूसू पदाधिकारी जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगे। यश डबास ने कहा कि पिछले छह वर्षों की तरह वे आगे भी पूरे साल छात्रों के बीच रहकर उनके मुद्दों के लिए काम करते रहेंगे। छात्रावास सुरक्षा ऑडिट और क्षमता विस्तार की माँग उनके कार्यकाल की पहली परीक्षा होगी।