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डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी ने 3-0 से जीत दर्ज की, यश डबास बने अध्यक्ष

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डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी ने 3-0 से जीत दर्ज की, यश डबास बने अध्यक्ष

सारांश

डूसू चुनाव 2026 में एबीवीपी ने 3-0 की क्लीन स्वीप की — यश डबास, रिया छावड़ी और लक्ष्यराज सिंह ने तीनों पद जीते। चारों सीटें जीतने का दावा करने वाली एनएसयूआई खाली हाथ रही। एबीवीपी ने इसे जेन जी और राष्ट्रवादी सोच की जीत बताया।

मुख्य बातें

एबीवीपी ने डूसू चुनाव 2026 में 3-0 की क्लीन स्वीप दर्ज की।
यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव पद पर विजयी रहे।
एनएसयूआई को चारों सीटें जीतने के दावों के बावजूद एक भी पद नहीं मिला।
यश डबास ने पहली प्राथमिकता दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराना बताई।
हॉस्टल बेड क्षमता 2015 में 5,700 से बढ़कर 12,000 से अधिक हुई; एबीवीपी इसे 1 लाख तक ले जाने की माँग करेगी।
लक्ष्यराज सिंह की जीत के साथ 12 साल बाद राजस्थान से कोई उम्मीदवार डूसू संयुक्त सचिव बना।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में तीनों प्रमुख पदों पर जीत हासिल करते हुए 3-0 की क्लीन स्वीप दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष पद पर, रिया छावड़ी सचिव पद पर और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव पद पर विजयी रहे। प्रतिद्वंद्वी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) को चारों सीटें जीतने के दावों के बावजूद एक भी पद पर सफलता नहीं मिली।

मुख्य घटनाक्रम

डूसू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने कहा, 'मैं खुद जेन जी हूं और झूठी बातें फैलाने वालों के लिए यह एक साफ संदेश है। जेन जी देश के साथ है और जेन जी एबीवीपी के साथ है।' उन्होंने अपनी जीत को युवा पीढ़ी के उस समर्थन का प्रमाण बताया, जो राष्ट्रवाद और विकसित भारत की सोच से जुड़ी है।

एनएसयूआई ने इन चुनावों से पहले चारों सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन परिणाम उन दावों के एकदम विपरीत रहे। डूसू के निवर्तमान अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि एनएसयूआई को शून्य से ही संतोष करना होगा और यह परिणाम पूरे देश के लिए एक संदेश है।

विजेताओं की प्राथमिकताएँ

नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने अपनी पहली प्राथमिकता दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी पीजी छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराना बताई। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी छात्र के साथ सत्य निकेतन जैसी घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।

डबास ने छात्रावास क्षमता का भी उल्लेख किया — उन्होंने कहा कि 2015 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में बेड की क्षमता करीब 5,700 थी, जो अब बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यार्थी परिषद इस क्षमता को 1 लाख छात्रों तक पहुँचाने की दिशा में माँग जारी रखेगी।

सचिव और संयुक्त सचिव की प्रतिक्रिया

नवनिर्वाचित सचिव रिया छावड़ी ने इस जीत को 'जेन जी की जीत' और 'विकसित भारत व राष्ट्रवाद से जुड़ी सोच की जीत' करार दिया। उन्होंने कहा, 'यह उन युवाओं की जीत है, जिन्हें भ्रमित करने की लगातार कोशिश की गई।' छावड़ी ने संगठन, छात्रों, अपनी टीम और परिवार के प्रति आभार जताया।

संयुक्त सचिव पद पर विजयी लक्ष्यराज सिंह ने बताया कि एबीवीपी ने 12 साल बाद राजस्थान से किसी उम्मीदवार को यह अवसर दिया। उन्होंने राजस्थान के अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि मुकाबला कड़ा था, किंतु जेन जी के समर्थन ने जीत दिलाई।

व्यापक संदर्भ

यह जीत ऐसे समय में आई है जब युवाओं से जुड़े विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों को राजनीतिक मंचों के रूप में उपयोग किए जाने की चर्चा रही है। एबीवीपी के नेताओं ने इस परिणाम को जेन जी के उस झुकाव के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया, जो राष्ट्रवादी विचारधारा के पक्ष में है। गौरतलब है कि एबीवीपी ने इसी चुनावी दौर में पंजाब विश्वविद्यालय में भी जीत दर्ज की।

क्या होगा आगे

नवनिर्वाचित डूसू पदाधिकारी जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगे। यश डबास ने कहा कि पिछले छह वर्षों की तरह वे आगे भी पूरे साल छात्रों के बीच रहकर उनके मुद्दों के लिए काम करते रहेंगे। छात्रावास सुरक्षा ऑडिट और क्षमता विस्तार की माँग उनके कार्यकाल की पहली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि संगठन ने सभी चार सीटें जीतने का दावा किया था — उस दावे और शून्य का अंतर संगठन की ज़मीनी पकड़ पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर, एबीवीपी का 'जेन जी' आख्यान चतुर राजनीति है, लेकिन नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की असली परीक्षा छात्रावास सुरक्षा और क्षमता विस्तार जैसे ठोस मुद्दों पर होगी — जहाँ वादे और क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर चुनावी जीत को फीकी कर देती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूसू चुनाव 2026 में किसने जीत हासिल की?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 19 सितंबर 2026 को डूसू चुनाव में 3-0 की क्लीन स्वीप दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव पद पर विजयी रहे।
डूसू चुनाव 2026 में एनएसयूआई का प्रदर्शन कैसा रहा?
एनएसयूआई को इस चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली, जबकि उसने चारों पद जीतने का दावा किया था। एबीवीपी के नेताओं ने इसे जेन जी के राष्ट्रवादी सोच के समर्थन का प्रमाण बताया।
नवनिर्वाचित डूसू अध्यक्ष यश डबास की पहली प्राथमिकता क्या है?
यश डबास ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी पीजी छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराना अपनी पहली प्राथमिकता बताई है। उन्होंने सत्य निकेतन जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की बात कही।
दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की बेड क्षमता कितनी है?
यश डबास के अनुसार, 2015 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बेड की क्षमता लगभग 5,700 थी, जो अब बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई है। एबीवीपी इस क्षमता को 1 लाख छात्रों तक पहुँचाने की माँग जारी रखेगी।
लक्ष्यराज सिंह की जीत क्यों खास मानी जा रही है?
लक्ष्यराज सिंह की जीत इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि एबीवीपी ने 12 साल बाद राजस्थान से किसी उम्मीदवार को डूसू संयुक्त सचिव पद के लिए उतारा और जीत दिलाई। उन्होंने राजस्थान के समर्थकों का विशेष आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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