ई-20 पेट्रोल से इंजन-मेंटेनेंस में दिक्कत, आम वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ: कांग्रेस नेता संतोष सलूजा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष सिंह सलूजा ने 8 अगस्त 2026 को मुंबई में कहा कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इंजन तथा मेंटेनेंस पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिससे आम वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ई-20 पेट्रोल विरोध को उचित ठहराते हुए केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
सलूजा का ई-20 पर रुख
सलूजा ने कहा कि राहुल गांधी को हमेशा देशवासियों और गरीब वर्ग की चिंता रहती है। उनके अनुसार, स्कूटर, बाइक, कार और भारी वाहनों सहित हर श्रेणी के वाहनों में ई-20 पेट्रोल का उपयोग करने वाले लोगों को इंजन और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति का लाभ आम वाहन मालिकों की बजाय सरकार से जुड़े लोगों और मंत्रियों को मिलेगा।
सलूजा ने यह भी कहा कि यदि राहुल गांधी ई-20 के विरुद्ध जनजागरूकता, आंदोलन या घेराव जैसे कार्यक्रमों की अपील करते हैं, तो कांग्रेस पूरी तरह उनका समर्थन करेगी। उन्होंने देशवासियों से भी इस मुद्दे पर सजग होने की अपील की।
आम जनता पर संभावित आर्थिक असर
सलूजा के अनुसार, लगातार बढ़ता मेंटेनेंस खर्च आम व्यक्ति के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन रखने वाले हर वर्ग के लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक होने की जरूरत है। गौरतलब है कि भारत में दोपहिया वाहनों की संख्या करोड़ों में है और ई-20 पेट्रोल की अनिवार्यता से मध्यमवर्गीय और निम्न-आय वर्ग के परिवारों पर सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भाजपा का पलटवार
उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पिछले 15 दिनों से छात्र अनशन पर बैठे हैं, लेकिन राहुल गांधी उनकी समस्याएं सुनने नहीं गए। भाजपा नेता ने सवाल किया कि इतने वर्षों की राजनीति के बावजूद राहुल गांधी की ओर से युवाओं के लिए कोई ठोस पहल सामने क्यों नहीं आई।
नीरज सिंह ने यह भी दावा किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने कड़े कानूनी प्रावधान किए हैं, जिनमें भारी जुर्माने और सजा की व्यवस्था शामिल है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी को 'दिशाहीन' बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता किसी भी मुद्दे पर सार्थक चर्चा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि संसद में प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य संसदीय माध्यमों के जरिए सांसदों को अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने का अवसर मिलता है, लेकिन विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही बाधित किए जाने से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।
अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी के माइक बंद किए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर माइक चालू था और सदन के अध्यक्ष की ओर से भी उन्हें बोलने का अवसर दिया गया, इसके बावजूद विपक्ष ने कार्यवाही बाधित की। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ई-20 पेट्रोल नीति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है।