7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ई20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार: 'सरकार लोगों की जेब से सीधे पैसे निकाल रही है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ई20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार: 'सरकार लोगों की जेब से सीधे पैसे निकाल रही है'

सारांश

राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो साझा कर ई20 पेट्रोल नीति को 'पूरी दाल काली' करार दिया। कांग्रेस का दावा है कि अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच कम माइलेज के चलते उपभोक्ताओं पर ₹88,234 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा — और पार्टी इस मुद्दे को बड़े अभियान में बदलने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 7 अगस्त को एक्स पर वीडियो साझा कर ई20 पेट्रोल नीति पर केंद्र सरकार को घेरा।
कांग्रेस का आरोप — ई20 ईंधन से वाहनों की माइलेज घटी और उपभोक्ताओं पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि मार्च 2025 से अधिकांश पेट्रोल पंपों पर केवल ई20 उपलब्ध है।
एक स्वतंत्र विश्लेषण के अनुसार अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच उपभोक्ताओं पर करीब ₹88,234 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
सरकार ने नितिन गडकरी के हवाले से डीजल ₹50 और पेट्रोल विकल्प ₹55 प्रति लीटर का वादा किया था, जो कांग्रेस के अनुसार पूरा नहीं हुआ।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 7 अगस्त को केंद्र सरकार की ई20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि यह योजना आम वाहन चालकों की गाड़ियों को नुकसान पहुँचा रही है और उनकी जेब पर सीधा आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) इस मुद्दे को जल्द ही बड़े पैमाने पर उठाएगी।

एक्स पर वीडियो साझा कर साधा निशाना

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'ई20 का मुद्दा बेहद गंभीर है। आमतौर पर कहा जाता है कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहाँ तो पूरी दाल ही काली है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी जन अभियान में प्राथमिकताएँ तय करनी पड़ती हैं और फिलहाल भ्रष्टाचार से जुड़े इतने मामले हैं कि सूची लंबी हो गई है — फिर भी उन्होंने ई20 को उस सूची में शामिल करने का भरोसा दिलाया।

उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ का आरोप

कांग्रेस का दावा है कि सरकार के सस्ते ईंधन के वादे के बावजूद आम उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जबकि इसका असली फायदा एथेनॉल उत्पादकों को मिल रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि मार्च 2025 से देशभर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लगभग केवल ई20 पेट्रोल ही उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के पास कोई विकल्प नहीं बचा।

गडकरी के पुराने वादों पर सवाल

जयराम रमेश ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पूर्व बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने वादा किया था कि एथेनॉल मिश्रण से डीजल ₹50 प्रति लीटर और पेट्रोल का विकल्प ₹55 प्रति लीटर तक उपलब्ध होगा। आलोचकों का कहना है कि यह लाभ उपभोक्ताओं तक कभी नहीं पहुँचा।

₹88,234 करोड़ के अतिरिक्त बोझ का दावा

जयराम रमेश ने एक स्वतंत्र विश्लेषण का हवाला देते हुए दावा किया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच एथेनॉल मिश्रित ईंधन की कम माइलेज के कारण देशभर के उपभोक्ताओं पर करीब ₹88,234 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का खामियाजा सीधे आम वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी के अनुसार, ई20 का मुद्दा आने वाले दिनों में पार्टी के जन अभियान का हिस्सा बनेगा। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

234 करोड़ का आँकड़ा एक स्वतंत्र विश्लेषण पर आधारित है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है — इसलिए इसे राजनीतिक दावे के रूप में पढ़ा जाना चाहिए, न कि सरकारी आँकड़े के रूप में। असली मुद्दा यह है कि जब नीति बदली, तो क्या उपभोक्ताओं को सूचित विकल्प दिया गया — और क्या माइलेज हानि की भरपाई के लिए कोई तंत्र बना? बिना पारदर्शी डेटा के, यह बहस तथ्य से ज़्यादा राजनीतिक रंग लेती रहेगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई20 पेट्रोल क्या है और यह विवाद में क्यों है?
ई20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे वाहनों की माइलेज घटती है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि सरकार इसे सस्ते और स्वच्छ ईंधन के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करती है।
राहुल गांधी ने ई20 पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो साझा कर कहा कि ई20 'पूरी दाल काली है' और यह लोगों की कारों-स्कूटरों को नुकसान पहुँचा रहा है तथा उनकी जेब से सीधे पैसे निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जल्द बड़े पैमाने पर उठाएगी।
कांग्रेस का ₹88,234 करोड़ के बोझ का दावा किस पर आधारित है?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक स्वतंत्र विश्लेषण का हवाला देते हुए यह दावा किया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच कम माइलेज के कारण उपभोक्ताओं पर करीब ₹88,234 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा। यह आँकड़ा सरकारी आँकड़ा नहीं है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
नितिन गडकरी के किन वादों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए?
जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पुराने बयानों का हवाला दिया जिनमें कहा गया था कि एथेनॉल मिश्रण से डीजल ₹50 प्रति लीटर और पेट्रोल का विकल्प ₹55 प्रति लीटर तक मिलेगा। कांग्रेस का कहना है कि यह लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँचा।
क्या देशभर में अब केवल ई20 पेट्रोल ही मिल रहा है?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, मार्च 2025 से देशभर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लगभग केवल ई20 पेट्रोल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 11 महीने पहले