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ईडी का 36वां त्रैमासिक सम्मेलन बेंगलुरु में संपन्न, AI-फोरेंसिक और त्वरित दोषसिद्धि पर बना रोडमैप

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ईडी का 36वां त्रैमासिक सम्मेलन बेंगलुरु में संपन्न, AI-फोरेंसिक और त्वरित दोषसिद्धि पर बना रोडमैप

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने IIM-B बेंगलुरु में 36वें त्रैमासिक सम्मेलन में AI, डीपफेक जोखिम और डेटा विश्लेषण पर गहन मंथन किया। अगली तिमाही के लिए कैडर पुनर्गठन, त्वरित दोषसिद्धि और पीड़ित मुआवज़े का स्पष्ट रोडमैप तय हुआ।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का 36वां त्रैमासिक सम्मेलन 14-15 सितंबर 2026 को IIM-B, बेंगलुरु में संपन्न हुआ।
सम्मेलन से पहले 13 सितंबर को IIM-B संकाय द्वारा प्रबंधन एवं नेतृत्व कार्यशाला आयोजित की गई।
अगली तिमाही के लिए कैडर पुनर्गठन , AI-फोरेंसिक उपयोग, त्वरित दोषसिद्धि और पीड़ित मुआवज़े पर रोडमैप तय हुआ।
FBI के एक विशेष एजेंट और विश्व बैंक समूह की चोरी संपत्ति वसूली पहल से जुड़े विशेषज्ञों ने सत्रों में भाग लिया।
डीपफेक , AI-सक्षम धोखाधड़ी और साइबर खतरों पर विशेष चर्चा हुई।
जांच में मामला-केंद्रित से पारिस्थितिकी तंत्र-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बदलाव पर सहमति बनी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14-15 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM-B) में आयोजित अपने 36वें त्रैमासिक क्षेत्रीय अधिकारी सम्मेलन (QCZO) में आगामी तिमाही के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक क्षमताओं के अधिकतम उपयोग, मुकदमों में तेज़ी और आर्थिक अपराध पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने को प्राथमिकता दी गई।

सम्मेलन का मुख्य घटनाक्रम

सम्मेलन से एक दिन पहले 13 सितंबर को IIM-B के संकाय सदस्यों द्वारा एक विशेष प्रबंधन एवं नेतृत्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके बाद 14-15 सितंबर को मुख्य सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें IIM-B के संकाय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सत्रों का संचालन किया। नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से संबद्ध संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के एक विशेष एजेंट के योगदान ने चर्चाओं को विशेष रूप से समृद्ध बनाया।

एजेंडे में क्या रहा

सम्मेलन में जिन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, उनमें भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के संदर्भ में वित्तीय जांच का भविष्य, आर्थिक अपराध जांच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा विश्लेषण का उपयोग, डीपफेक और AI-सक्षम धोखाधड़ी से जुड़े जोखिम, तथा साइबर खतरे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल रहे। विश्व बैंक समूह की चोरी की संपत्ति वसूली पहल के माध्यम से संपत्ति का पता लगाने और उसकी वसूली जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई।

आगामी तिमाही का रोडमैप

सम्मेलन के समापन पर जो कार्ययोजना तय हुई, उसमें चार बिंदु केंद्रीय रहे — कैडर पुनर्गठन का समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक क्षमताओं का पूर्ण उपयोग, मुकदमों और दोषसिद्धि में तेज़ी, और आर्थिक अपराध के पीड़ितों को निरंतर मुआवज़ा दिलाना। ईडी ने अपने अधिकार क्षेत्र के कानूनों के निष्पक्ष प्रवर्तन और भारत की वित्तीय प्रणाली की अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

जांच के दृष्टिकोण में बदलाव

सभी सत्रों में एक साझा सूत्र यह रहा कि जांच के लिए मामला-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पारिस्थितिकी तंत्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की ज़रूरत है। यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि आर्थिक अपराध अब एकाकी घटनाओं के बजाय संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। ईडी अधिकारियों का यह सम्मेलन संस्थागत क्षमता मजबूत करने की दिशा में एक नियमित लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'त्वरित दोषसिद्धि' का लक्ष्य तब तक अधूरा रहेगा जब तक न्यायालयों में विशेष पीएमएलए पीठों की क्षमता नहीं बढ़ती — जो ईडी के नियंत्रण में नहीं है। AI और डीपफेक जोखिमों पर चर्चा समयोचित है, परंतु इन उपकरणों के दुरुपयोग से बचाने के लिए आंतरिक जवाबदेही ढाँचे का कोई उल्लेख नहीं मिला — यह चूक खलती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी का 36वां त्रैमासिक सम्मेलन कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह सम्मेलन 14-15 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM-B) में आयोजित हुआ। इससे एक दिन पहले 13 सितंबर को IIM-B के संकाय द्वारा एक विशेष नेतृत्व कार्यशाला भी आयोजित की गई थी।
ईडी सम्मेलन में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में AI और डेटा विश्लेषण का जांच में उपयोग, डीपफेक व AI-सक्षम धोखाधड़ी से जुड़े जोखिम, साइबर खतरे, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के संदर्भ में वित्तीय जांच के भविष्य पर विस्तार से विचार हुआ।
सम्मेलन के बाद अगली तिमाही के लिए ईडी का रोडमैप क्या है?
रोडमैप में चार प्राथमिकताएँ तय की गई हैं — कैडर पुनर्गठन का समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक क्षमताओं का पूर्ण उपयोग, मुकदमों और दोषसिद्धि में तेज़ी, और आर्थिक अपराध पीड़ितों को निरंतर मुआवज़ा दिलाना।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी कैसी रही?
नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से संबद्ध FBI के एक विशेष एजेंट ने सत्रों में योगदान दिया। इसके अलावा विश्व बैंक समूह की चोरी संपत्ति वसूली पहल के माध्यम से संपत्ति अनुरेखण और वसूली पर भी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने ज्ञान साझा किया।
ईडी की जांच पद्धति में क्या बदलाव प्रस्तावित है?
सम्मेलन में आम सहमति बनी कि जांच में मामला-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पारिस्थितिकी तंत्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए। इसका अर्थ है कि अब एकल मामलों की बजाय आर्थिक अपराध के पूरे नेटवर्क को लक्षित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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