ईडी निदेशक राहुल नवीन को 13 अगस्त 2027 तक सेवा विस्तार, कैबिनेट समिति की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन को 13 अगस्त 2026 से एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया है, जो 13 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक — जो भी पहले हो — प्रभावी रहेगा। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्र में यह जानकारी दी गई।
विस्तार की शर्तें और आधिकारिक आदेश
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को ईडी निदेशक पद पर 13 अगस्त 2027 तक बने रहने की अनुमति दी है। गौरतलब है कि उनकी मूल सेवानिवृत्ति तिथि 31 जुलाई 2027 थी, अर्थात यह विस्तार उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि को भी कवर करता है।
ईडी की स्थापना और जिम्मेदारियाँ
1956 में स्थापित ईडी ने 1 मई 2026 को अपने 70 वर्ष पूरे किए। यह प्रमुख वित्तीय जाँच एजेंसी विदेशी मुद्रा प्रबंधन से संबंधित कानूनों को लागू करने और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के लिए अधिकृत है। 70वें प्रवर्तन दिवस समारोह में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ईडी को वित्तीय अपराधों से राष्ट्र की रक्षा करने वाली ढाल बताया।
राज्य मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि ईडी को दी गई शक्तियाँ मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेन-देन, बेनामी संपत्तियों और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी से निपटने के लिए हैं, न कि किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए।
ईडी की उपलब्धियाँ: ₹23 लाख करोड़ की जब्ती
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक ईडी ने लगभग ₹23 लाख करोड़ की संपत्ति जब्त की, जिसमें से ₹63,000 करोड़ से अधिक की राशि बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों सहित वास्तविक हकदारों को वापस की जा चुकी है। इस अवसर पर ईडी के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया गया।
उभरते वित्तीय अपराधों पर निदेशक की रणनीति
समारोह को संबोधित करते हुए ईडी निदेशक राहुल नवीन ने कहा कि वित्तीय अपराधों का स्वरूप बदल गया है — बैंक धोखाधड़ी और कॉर्पोरेट घोटालों से आगे बढ़कर अब क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित अपराध, आतंकवाद वित्तपोषण और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे खतरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईडी ने इन उभरते खतरों के अनुरूप सक्रिय रूप से अपनी रणनीति को ढाला है और आपराधिक नेटवर्कों के वित्तीय स्रोतों को निशाना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
वैश्विक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए नवीन ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग-विरोधी प्रयासों में भारत की भूमिका मजबूत हुई है और ईडी अंतरराष्ट्रीय ढाँचों तथा संपत्ति वसूली नेटवर्कों में सक्रिय योगदान दे रही है।
आगे की राह
यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब ईडी साइबर वित्तीय अपराधों और क्रिप्टो-संबंधित धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से जूझ रही है। राज्य मंत्री चौधरी ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति के तहत राहुल नवीन की निरंतरता एजेंसी की प्रवर्तन दिशा को स्थिरता प्रदान करेगी।