21 सितंबर 2026
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नकली दवा रैकेट: कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्री खादर बोले — फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी ने जांच में सहयोग नहीं किया

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नकली दवा रैकेट: कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्री खादर बोले — फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी ने जांच में सहयोग नहीं किया

सारांश

कर्नाटक के नकली दवा रैकेट की जांच में अब फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी के असहयोग का आरोप — 17 लाइसेंस रद्द, 7 निलंबित, एसआईटी सक्रिय। स्वास्थ्य मंत्री खादर ने कहा कि संदर्भ मानक तक नहीं दिए गए, जिससे प्रयोगशाला परीक्षण बाधित है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने 21 सितंबर 2026 को कहा कि फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी ने नकली दवा रैकेट की जांच में सहयोग नहीं किया।
एजेंसी ने माँगी गई जानकारी और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए आवश्यक संदर्भ मानक उपलब्ध नहीं कराए।
रैकेट से जुड़े 24 केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई; 17 लाइसेंस रद्द और 7 लाइसेंस निलंबित ।
फाइजर सीएंडएफ डिपो सहित आठ अन्य दवा लाइसेंस बिदादी रैकेट के संदर्भ में निलंबित।
एक एसआईटी मामले की जांच कर रही है; दवा माफिया के सरगना की तलाश जारी।
नागरिकों को केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से वैध चालान के आधार पर दवाएँ खरीदने की सलाह।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में खुलासा किया कि फाइजर की सीएंडएफ (C&F) एजेंसी राज्य के नकली दवा रैकेट की जांच में अधिकारियों के साथ सहयोग करने में विफल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी ने जांचकर्ताओं द्वारा माँगी गई आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए ज़रूरी संदर्भ मानक (रेफरेंस स्टैंडर्ड) भी नहीं दिए।

मुख्य घटनाक्रम

खादर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और इटली से फाइजर के उत्पादों से संबंधित कार्य करने वाली उसकी सीएंडएफ एजेंसी से जानकारी माँगी गई थी। उनके अनुसार, 'हमने मुख्य एजेंटों से जानकारी माँगी, लेकिन उन्होंने इसे देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।' यह बयान उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्त श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद दिया।

गौरतलब है कि कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी में उजागर हुए नकली दवा रैकेट के संदर्भ में फाइजर सीएंडएफ डिपो के लाइसेंस सहित आठ अन्य दवा लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं।

कार्रवाई का दायरा

मंत्री खादर के अनुसार इस रैकेट के संबंध में 24 केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। कथित रैकेट से संबंध के आरोप में 17 लाइसेंस रद्द और 7 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। राज्य के खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था और अब एक एसआईटी (SIT) मामले की जांच कर रही है।

खादर ने आरोप लगाया कि संबंधित संस्थाओं ने दवाएँ सस्ते दामों पर खरीदकर उपभोक्ताओं को एमआरपी दरों पर बेचीं। विभाग ने जिन अस्पतालों और फार्मेसियों को दवाएँ आपूर्ति की गई थीं, उनका विवरण माँगा था, लेकिन कथित तौर पर संबंधित संस्थाओं ने जानकारी देने से इनकार कर दिया।

प्रयोगशाला परीक्षण में अड़चन

खादर ने स्पष्ट किया कि दवाओं में विभिन्न घटकों के अनुपात का सटीक निर्धारण करने के लिए प्रयोगशाला परीक्षण में संदर्भ मानकों की आवश्यकता होती है, जो अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने कहा, 'इस पृष्ठभूमि में कंपनी ने जांच और प्रयोगशाला परीक्षण, दोनों में असहयोग किया है।' यह स्थिति जांच की गति को बाधित कर सकती है।

आम नागरिकों के लिए एडवाइज़री

विभाग ने सोमवार को नागरिकों से अपील की कि वे केवल वैध कर चालान के आधार पर लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से ही दवाएँ खरीदें। संदिग्ध पैकेजिंग या लेबल पर स्कैन न होने वाले क्यूआर कोड की सूचना तुरंत औषधि प्रवर्तन अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।

जांच का दायरा और आगे का रास्ता

मंत्री खादर ने स्पष्ट किया कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और कथित नकली दवा रैकेट के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी रहेगी। दवा माफिया के सरगना की पहचान करने और डीलरों से लेकर दवा प्राप्त करने वालों तक सभी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह मामला न केवल दवा नियामक ढाँचे की कमज़ोरियों को उजागर करता है, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों की वितरण श्रृंखला की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक का नकली दवा रैकेट क्या है और यह कहाँ उजागर हुआ?
यह रैकेट बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी में उजागर हुआ, जहाँ कथित तौर पर नकली दवाएँ सस्ते में खरीदकर उपभोक्ताओं को एमआरपी दरों पर बेची जा रही थीं। कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया।
फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी पर क्या आरोप है?
स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर के अनुसार, फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी ने जांचकर्ताओं द्वारा माँगी गई नेटवर्क आपूर्ति जानकारी और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए आवश्यक संदर्भ मानक (रेफरेंस स्टैंडर्ड) उपलब्ध नहीं कराए। यह कंपनी ऑस्ट्रेलिया और इटली से फाइजर उत्पादों से संबंधित कार्य करती है।
इस मामले में अब तक कितने लाइसेंस रद्द या निलंबित हुए हैं?
अब तक 17 लाइसेंस रद्द और 7 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। फाइजर सीएंडएफ डिपो के लाइसेंस सहित आठ अन्य दवा लाइसेंस भी निलंबित हैं, और 24 केंद्रों के खिलाफ कुल कार्रवाई शुरू की गई है।
क्या आम नागरिकों के लिए कोई सावधानी बरतने की सलाह दी गई है?
हाँ, विभाग ने नागरिकों से केवल वैध कर चालान के आधार पर लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से दवाएँ खरीदने की अपील की है। यदि किसी दवा की पैकेजिंग संदिग्ध लगे या लेबल पर क्यूआर कोड स्कैन न हो, तो इसकी सूचना तुरंत औषधि प्रवर्तन अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।
आगे जांच कहाँ तक पहुँचेगी?
एक एसआईटी मामले की जांच कर रही है और दवा माफिया के सरगना की पहचान करने के साथ-साथ डीलरों से लेकर दवा प्राप्त करने वाले अस्पतालों और फार्मेसियों तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने का काम जारी है। मंत्री खादर ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरा नेटवर्क उजागर नहीं हो जाता, जांच बंद नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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