कर्नाटक नकली दवा रैकेट: फाइजर सी-एफ डिपो समेत 8 लाइसेंस निलंबित, ₹5.05 करोड़ की दवाएं जब्त
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी में पकड़े गए नकली दवा रैकेट के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए फाइजर सी-एफ डिपो सहित 8 दवा लाइसेंस निलंबित और 16 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। विभाग ने 21 सितंबर 2026 को नागरिकों से आग्रह किया कि वे संदिग्ध पैकेजिंग या नॉन-फंक्शनल क्यूआर कोड वाली दवाओं की तत्काल सूचना ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को दें।
छापेमारी और जब्ती का ब्यौरा
18 अगस्त 2026 को कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) के ड्रग एनफोर्समेंट विंग ने बेंगलुरु दक्षिण जिले के कुरुबाराकेरानाहल्ली स्थित एक फार्महाउस पर छापा मारा। इस कार्रवाई में कथित तौर पर बिना लाइसेंस के दवाओं की री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग का रैकेट उजागर हुआ।
छापेमारी में लगभग ₹5.05 करोड़ मूल्य की नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री ज़ब्त की गई। जब्त सामग्री की इन्वेंट्री वैल्यू लगभग ₹4.91 करोड़ आंकी गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पड़ोसी राज्यों से खरीदी गई सस्ती दवाओं को कथित तौर पर नई शीशियों में दोबारा पैक कर उन पर मल्टीनेशनल कंपनियों — विशेषकर फाइजर — की महंगी जीवन रक्षक दवाओं जैसे लेबल लगाए गए।
नकली लेबल और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा
अधिकारियों को संदिग्ध नकली लेबल पर क्यूआर और स्कैनिंग कोड मिले, जो जांच करने पर काम नहीं कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि जब्त उत्पादों में कोई सक्रिय औषधीय तत्व न होने, गलत सामग्री या संभावित रूप से हानिकारक पदार्थ होने का संदेह है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में नकली दवाओं की समस्या एक राष्ट्रीय चिंता का विषय बनती जा रही है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई
नकली दवाओं के वितरण और बिक्री में कथित रूप से शामिल खुदरा व थोक विक्रेताओं की जांच के तहत 16 दवा लाइसेंस रद्द और 8 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। बेंगलुरु ग्रामीण जिले के नेलमंगला तालुक के केम्पलिंगनाहल्ली में स्थित फाइजर सी-एफ डिपो का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
विभाग ने कर्नाटक FDA पोर्टल पर ज़ब्त दवाओं के बैच नंबर और एंट्री ब्लॉक कर दी हैं ताकि उनकी आगे बिक्री या वितरण पर रोक लगाई जा सके। जब्त उत्पादों के नमूने प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, जहाँ उनकी रासायनिक संरचना, स्टेरिलिटी और क्षमता की जांच होगी।
छह राज्यों में जांच का दायरा
ज़ब्त दवाओं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री को JMFC कोर्ट, बेंगलुरु दक्षिण के समक्ष पेश किया जाएगा। देश भर के छह राज्यों में पूरी सप्लाई चेन की पहचान और उसका पता लगाने के लिए जांच जारी है, और रैकेट में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को नागरिकों से अपील की कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी से वैध टैक्स इनवॉइस के साथ ही दवाएं खरीदें। संदिग्ध पैकेजिंग, लेबल में बदलाव या क्यूआर कोड स्कैन न होने जैसी किसी भी असामान्यता की जानकारी तुरंत ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को दी जाए। आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।