दुरंतो एक्सप्रेस टॉयलेट में बर्तन धोने का वीडियो वायरल; FSSAI ने IRCTC को थमाया वैधानिक नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 31 मई 2025 को भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) को एक वैधानिक नोटिस जारी किया, जब ट्रेन संख्या 12223 लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस के टॉयलेट में कैटरिंग कर्मचारियों द्वारा बर्तन धोते दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। FSSAI ने इस घटना को खाद्य सुरक्षा के नज़रिए से 'बेहद आपत्तिजनक' करार दिया है और IRCTC से तत्काल विस्तृत जवाब माँगा है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
वायरल वीडियो में मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से केरल के एर्नाकुलम तक चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस के टॉयलेट के भीतर कैटरिंग स्टाफ या ठेके पर रखे गए कर्मचारी बर्तन साफ करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलने के बाद FSSAI ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
FSSAI का नोटिस और कानूनी आधार
FSSAI ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011' की अनुसूची 4 के तहत निर्धारित साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का सीधा उल्लंघन होगा। नियामक ने यह भी रेखांकित किया कि टॉयलेट जैसी जगहों पर बर्तन धोने से खाने में संदूषण का गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
FSSAI ने IRCTC को निर्देश दिया है कि वह अनुसूची 4 की आवश्यकताओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।
IRCTC से माँगी गई जानकारी
नोटिस में IRCTC से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण माँगा गया है। FSSAI जानना चाहता है कि क्या ट्रेन में कैटरिंग सेवाएँ किसी ठेकेदार या लाइसेंसधारी के माध्यम से संचालित की जा रही थीं, और यदि हाँ, तो उस ठेकेदार का वैध FSSAI लाइसेंस नंबर क्या है। इसके अलावा, कथित उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठेकेदार या कर्मचारियों के खिलाफ क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, यह भी पूछा गया है।
FSSAI ने कैटरिंग कर्मचारियों के खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन का विवरण भी माँगा है और IRCTC को निर्देश दिया है कि वह एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) जल्द से जल्द जमा करे।
सार्वजनिक स्वास्थ्य और भरोसे पर असर
FSSAI ने अपने नोटिस में यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएँ यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं और रेलवे की कैटरिंग सेवाओं पर आम जनता का भरोसा कमज़ोर करती हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर स्वच्छता को लेकर सवाल उठे हों — इससे पहले भी कई ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता पर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
IRCTC को निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे और तत्काल अपना जवाब व ATR प्रस्तुत करे। FSSAI की कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि IRCTC संबंधित ठेकेदार के खिलाफ क्या कदम उठाता है और क्या भविष्य में कैटरिंग निगरानी तंत्र को और कड़ा किया जाता है।